फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   गेहूं खरीद: परेशानी से बचने को थोड़ा घाटा ही सही

गेहूं खरीद: परेशानी से बचने को थोड़ा घाटा ही सही

Mon, 20 May 2019 02:11 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 20 May 2019 02:11 AM IST
विज्ञापन
गेहूं खरीद: परेशानी से बचने को थोड़ा घाटा ही सही
पीलीभीत। गेहूं खरीद शुरू हुए करीब डेढ़ माह बीत गया है, लेकिन क्रय केंद्रों पर किसान अब गेहूं बचने से बच रहे हैं। भीषण गर्मी में क्रय केंद्रों पर नंबर लगाने की बजाया किसान आढ़ती के पास गेहूं बेचना ज्यादा मुनासिब समझ रहे हैं। क्रय केंद्र में पंजीकरण कराने के बाद नंबर लगाना पड़ता है। फिर बैंक खाता में रुपया का इंतजार और बाद में लाइन लगाकर खातों से रुपये निकालना पड़ता है। ऐसी में इस सरकारी तिकड़म से बचने के लिए किसान आढ़ती के पास गेहूं बेचकर तत्काल रकम लेना उचित समझ रहे हैं। इसमें किसानों को 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कम मूल्य मिल रहा है। लेकिन इसमें उन्हें परेशान नहीं हो रही है।
विज्ञापन

सरकारी आंकड़ों की बात करें तो जिले में एक लाख 77 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है। प्रशासन का दावा है कि 75 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो चुका है। दावा किया जा रहा है कि बचा हुआ लक्ष्य भी जल्द पूरा हो जाएगा, लेकिन वर्तमान गेहूं खरीद की स्थिति को देखकर ऐसा मुनासिब नहीं लग रहा। आलम यह है कि किसान अब सरकारी तिगड़म से बचने को गेहूं क्रय केंद्रों पर न ले जाकर आढ़तों पर बेच रहे हैं। शुरुआत में गेहूं किसान अपनी उपज को बेचने के लिए रोता घूम रहा था। लेकिन बिचौलियों के हावी होने की वजह से व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। यहीं वजह है कि किसान क्रय केंद्रों से मुंह फेर लिए हैं।
विज्ञापन

बोले किसान
तहसील कलीनगर के गांव ककरौआ निवासी किसान गेंदनलाल का कहना है कि क्रय केंद्र में गेहूं बेचने के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। पहले क्रय केंद्र पर जाकर नंबर लो, नंबर आने पर भी तौल कराने में जद्दोजहद करनी पड़ती है। इससे अच्छा है कि घर से गेहूं बेच दिया जाए। 100-150 रुपये क्विंटल कम मिलेगा, लेकिन परेशानी तो नहीं उठानी पड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूरनपुर के किसान सोहनलाल ने बताया कि केंद्र प्रभारी और अफसरों की साठगांठ से क्रय केंद्रों के आसपास बिचौलिया हावी हैं। गेहूं का एक ढेर तौल जाता है, तो उसी स्थान फिर से गेहूं डाल दिया जाता है। ऐसे में जगह ही खाली नहीं हो पाती। मजबूरी में गांव से 1700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं को बेच दिया गया है।


क्रय केंद्र पर आने वाले किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो इसको लेकर केंद्र प्रभारियों को पूर्व में ही निर्देश दिए गए हैं। गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं करने पर लगातार कार्रवाई की जा रही हैं।
किसान समर्थन मूल्य का लाभ पाने के लिए अपने नजदीकि क्रय केंद्र में ही गेहूं बेच सकते हैं।
अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed