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अंतरा एवं छाया योजना शुरू
Updated Fri, 20 Jul 2018 01:20 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
परिवार कल्याण विभाग ने प्रदेश में बढ़ती जनसंख्या और जन्म दर पर काबू करने के लिए अंतरा एवं छाया योजना शुरू की। योजना के तहत महिलाओं को तीन माह में एक बार अंतरा नाम का इंजेक्शन लगाया जाएगा और सप्ताह में एक बार खाने के लिए छाया नाम की टैबलेट दी जाएगी। फिलहाल इंजेक्शन और टैबलेट सीएचसी और पीएचसी में उपलब्ध होंगे।
बृहस्पतिवार को चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद मलिक ने बताया कि प्रदेश में अंतरा एवं छाया योजना का शुभारंभ किया। अंतरा गर्भ निरोधक विधि है, जो प्रत्येक तीन महीने पर इंजेक्शन से दी जाती है। यह लंबी अवधि तक गर्भधारण से बचाती है। बच्चों के मध्य अंतराल बढ़ाने में सहायता करता है। उन्होंने बताया कि इसका इस्तेमाल 45 साल तक की महिला कर सकती है। यह स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी सुरक्षित होता है। यह गर्भाशय और अंडाशय के कैंसर से बचाव भी करता है। उन्होंने बताया कि छाया ओरल पिल्स है। इसे तीन महीने तक सप्ताह में दो बार उसके बाद सप्ताह में एक बार लेना होता है। इस दौरान बीपीएम रूपेंद्र शर्मा, डीईओ सचिन शर्मा, एएनएम, आशा आदि स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
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परिवार कल्याण विभाग ने प्रदेश में बढ़ती जनसंख्या और जन्म दर पर काबू करने के लिए अंतरा एवं छाया योजना शुरू की। योजना के तहत महिलाओं को तीन माह में एक बार अंतरा नाम का इंजेक्शन लगाया जाएगा और सप्ताह में एक बार खाने के लिए छाया नाम की टैबलेट दी जाएगी। फिलहाल इंजेक्शन और टैबलेट सीएचसी और पीएचसी में उपलब्ध होंगे।
बृहस्पतिवार को चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद मलिक ने बताया कि प्रदेश में अंतरा एवं छाया योजना का शुभारंभ किया। अंतरा गर्भ निरोधक विधि है, जो प्रत्येक तीन महीने पर इंजेक्शन से दी जाती है। यह लंबी अवधि तक गर्भधारण से बचाती है। बच्चों के मध्य अंतराल बढ़ाने में सहायता करता है। उन्होंने बताया कि इसका इस्तेमाल 45 साल तक की महिला कर सकती है। यह स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी सुरक्षित होता है। यह गर्भाशय और अंडाशय के कैंसर से बचाव भी करता है। उन्होंने बताया कि छाया ओरल पिल्स है। इसे तीन महीने तक सप्ताह में दो बार उसके बाद सप्ताह में एक बार लेना होता है। इस दौरान बीपीएम रूपेंद्र शर्मा, डीईओ सचिन शर्मा, एएनएम, आशा आदि स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
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