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धान बोने वाले एक लाख, रजिस्ट्रेशन केवल सात हजार

Tue, 23 Oct 2018 11:43 PM IST
Updated Tue, 23 Oct 2018 11:43 PM IST
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धान बोने वाले एक लाख, रजिस्ट्रेशन केवल सात हजार
धान की रोपाई करने वाले एक लाख किसान, पंजीकरण केवल सात हजार
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किसानों में नहीं दिख रहा उत्साह, बढ़ाई गई पंजीकरण की तारीख
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। प्रचार-प्रसार और जागरुकता के आभाव में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए इस बार किसानों में उत्साह दिखाई नहीं दे रहा है। विभागीय पोर्टल पर अभी तक सात हजार 675 किसानों ने ही पंजीकरण कराया है। शासन के निर्देशों के मुताबिक पंजीकरण कराने वाले किसान ही क्रय केंद्रों पर धान बेच सकेंगे। बीते साल लगभग 24 हजार किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीकरण कराया था। इसके सापेक्ष एक चौथाई पंजीकरण होने पर विभागीय अफसरों की भी टेंशन बढ़ी हुई है।

किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ देने के लिए जिले में 88 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें 13 क्रय केंद्र शहर स्थित मंडी में बनाए गए हैं। शासन ने 3.08 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया है। खरीद एक अक्टूबर से प्रारंभ हो चुकी है। महज औपचारिकता निभाते हुए 23 दिनों में करीब पौने पांच सौ क्विंटल धान की खरीद क्रय केंद्रों पर हो सकी है। धान में नमी का खेल अब भी जारी है। जिले में धान की खेती करने वाले करीब एक लाख किसान हैं। इनमें महज सात हजार 675 किसानों ने ही धान बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। बीते वर्ष लगभग 24 हजार किसानों ने धान बेचा था। एडीएम प्रशासन बृज किशोर ने बताया कि जिन किसानों ने पंजीकरण कराया है उनका ही धान खरीदा जाएगा। पंजीकरण की आखिरी तारीख बढ़ाकर 15 नवंबर कर दी है। किसान इंटरनेट कैफे और जन सेवा केंद्र भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। शासन की नीति के तहत बिना रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों का धान नहीं खरीदा जाएगा।
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