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श्रवणहीनों का इलाज कराएगी सरकार, सौ लोगों की मांगी सूची
Updated Fri, 28 Sep 2018 10:44 PM IST
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अच्छी खबर
मूकबधिरों का इलाज कराएगी सरकार, सौ लोगों की मांगी सूची
सरकार कराएगी मुफ्त सर्जरी, छह लाख तक खर्च का है प्रावधान
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। सामाजिक उपेक्षा के शिकार मूकबधिरों के लिए अच्छी खबर है। अगर उनका इलाज आर्थिक तंगी की वजह से रुका हुआ है, तो अब ऐसा नहीं होगा। सरकार उन लोगों की कॉक्लियर इम्पलांट सर्जरी कराएगी। इस पर हर पीड़ित पर छह लाख रुपये का खर्चा सरकार उठाएगी। इसके लिए शासन ने प्राथमिक तौर पर जिले से 100 लोगों की सूची दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग से मांगी है।
दिव्यांगजनों के लिए कई लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं में सरकार की शल्य चिकित्सा अनुदान योजना शामिल है। इस योजना में कॉक्लियर इम्पलांट सर्जरी को शामिल किया गया है। यह सर्जरी उन लोगों की होती है जिनको बिल्कुल सुनाई नहीं देता, वह धीमा सुनाते है या फिर उनको बोलने में दिक्कत होती है। योजना में लगभग 22 प्रकार की सर्जरी शामिल हैं। इसका लाभ मूकबधिर ले सकेंगे।
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क्या है कॉक्लियर इम्पलांट
कॉक्लियर इम्पलांट एक इलेक्ट्रानिक उपकरण होता है। इसके माध्यम से सर्जरी के बाद सुनाई देने लगता है। सर्जरी के बाद डॉक्टर की ओर से स्पीच थेरेपी करना जरूरी होता है। कॉक्लियर इम्पलांट सर्जरी कराने वाले सामान्य लोगों को तरह सुन सकते हैं। यह श्रवणहीन लोगों के लिए बहुत ही कारगर साबित होता है।
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100 लोगों की मांगी गई लिस्ट
कॉक्लियर इम्पलांट सर्जरी और शल्य चिकित्सा के लिए जिले से 100 लोगों के नाम मांगे गए है। पंजीकरण में 100 का आंकड़ा पूरा होने के बाद शासन को यह रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद शासन से सर्जरी और शल्य क्रिया के लिए लक्ष्य जाएगा।
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वर्जन
मूकबधिर के लिए यह योजना बेहद कारगर साबित होगी। इसमें भारत सरकार की ओर से कॉक्लियर इम्पलांट सर्जरी होने पर मूकबधिरों को छह लाख का अनुदान दिया जाएगा। अक्टूबर माह से इसका लाभ मूकबधिरों को मिलने लगा। जिले से ऐसे 100 लोगों के नाम मांगे गए हैं, ऐसे लोगों का चिह्नीकरण शुरू कर दिया है। - केपी सिंह, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग
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मूकबधिरों का इलाज कराएगी सरकार, सौ लोगों की मांगी सूची
सरकार कराएगी मुफ्त सर्जरी, छह लाख तक खर्च का है प्रावधान
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। सामाजिक उपेक्षा के शिकार मूकबधिरों के लिए अच्छी खबर है। अगर उनका इलाज आर्थिक तंगी की वजह से रुका हुआ है, तो अब ऐसा नहीं होगा। सरकार उन लोगों की कॉक्लियर इम्पलांट सर्जरी कराएगी। इस पर हर पीड़ित पर छह लाख रुपये का खर्चा सरकार उठाएगी। इसके लिए शासन ने प्राथमिक तौर पर जिले से 100 लोगों की सूची दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग से मांगी है।
दिव्यांगजनों के लिए कई लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं में सरकार की शल्य चिकित्सा अनुदान योजना शामिल है। इस योजना में कॉक्लियर इम्पलांट सर्जरी को शामिल किया गया है। यह सर्जरी उन लोगों की होती है जिनको बिल्कुल सुनाई नहीं देता, वह धीमा सुनाते है या फिर उनको बोलने में दिक्कत होती है। योजना में लगभग 22 प्रकार की सर्जरी शामिल हैं। इसका लाभ मूकबधिर ले सकेंगे।
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क्या है कॉक्लियर इम्पलांट
कॉक्लियर इम्पलांट एक इलेक्ट्रानिक उपकरण होता है। इसके माध्यम से सर्जरी के बाद सुनाई देने लगता है। सर्जरी के बाद डॉक्टर की ओर से स्पीच थेरेपी करना जरूरी होता है। कॉक्लियर इम्पलांट सर्जरी कराने वाले सामान्य लोगों को तरह सुन सकते हैं। यह श्रवणहीन लोगों के लिए बहुत ही कारगर साबित होता है।
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100 लोगों की मांगी गई लिस्ट
कॉक्लियर इम्पलांट सर्जरी और शल्य चिकित्सा के लिए जिले से 100 लोगों के नाम मांगे गए है। पंजीकरण में 100 का आंकड़ा पूरा होने के बाद शासन को यह रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद शासन से सर्जरी और शल्य क्रिया के लिए लक्ष्य जाएगा।
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वर्जन
मूकबधिर के लिए यह योजना बेहद कारगर साबित होगी। इसमें भारत सरकार की ओर से कॉक्लियर इम्पलांट सर्जरी होने पर मूकबधिरों को छह लाख का अनुदान दिया जाएगा। अक्टूबर माह से इसका लाभ मूकबधिरों को मिलने लगा। जिले से ऐसे 100 लोगों के नाम मांगे गए हैं, ऐसे लोगों का चिह्नीकरण शुरू कर दिया है। - केपी सिंह, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग