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अमरिया में भी नहर, कैनाल की भूमि पर कब्जा

Sun, 24 Sep 2017 11:19 PM IST
Updated Sun, 24 Sep 2017 11:19 PM IST
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अमरिया में भी नहर, कैनाल की भूमि पर कब्जा
अमरिया (पीलीभीत)।
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अतिक्रमणकारियों ने डूनी डैम से निकली शारदा नहर की दोनों पटरियों और अमरिया कस्बे के निकट स्थित कैनाल की भूमि पर कई किलोमीटर तक अवैध कब्जा कर रखा है। चौकाने वाली बात यह है कि कब्जे की इस जमीन पर बसे कब्जेदारों के लिए सरकार की ओर से इंदिरा आवास बनवा दिए गए हैं। सिंचाई विभाग को कब्जे की सुध आई तो कब्जेदारों को नोटिस दिए गए लेकिन यह जांच का विषय है कि कब्जे की जमीन पर इंदिरा आवास नियमों को दरकिनार करके कैसे बना दिए गए। माना जा रहा है कि कुछ नेताओं का कब्जेदारों को संरक्षण है, जिसकी वजह से अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। करीब तीन दशक से इन स्थानों पर लोग कब्जा जमाए हुए हैं। दोनों ही स्थानों पर 100 से अधिक लोगों को कब्जा है।
कैनाल विभाग की ओर से एक दर्जन अवैध कब्जेदारों को नोटिस देकर कार्रवाई की गई। कुछ ऐसे भी कब्जेदार थे, जो कार्रवाई की सुगबुगाहट मिलते ही अपने अवैध कब्जे की भूमि मय निर्माण के बेच दूसरे गांव जाकर बस गए तो कुछ अपने पड़ोस के गांव में स्थित पुराने घरों में जाकर रहने लगे। डैम से परेवा जाने वाली शारदा नहर की पटरी पर गांव फरदिया में भूड़ा कैमोर, दियोरनियां, बढ़वार आदि आसपास के गांवों से आकर बसे इन अतिक्रमणकारियों का गांव की मतदाता सूची में नाम भी है। लिहाजा यह सभी चुनावों में मतदान भी अपने गांव जाकर करते हैं। वोट की राजनीति के चलते क्षेत्रीय राजनेताओं की भी इन अतिक्रमणकारियों को मौन समर्थन रहता है। लंबे समय से नहर पटरी पर झोपड़ पट्टी डाल कर रहने वाले इन ग्रामीणों में से कई को राजस्व विभाग ने इंदिरा आवास तक आवंटित कर दिए और अतिक्रमणकारियों ने नहर पटरी की भूमि पर इंदिरा आवास बना उसमें रहना भी शुरू कर दिया है।
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इंसेट...
2008 में नीलाम हुई थी अवैध कब्जेदारों की फसल
सूरजपुर में कैनाल विभाग की पटरी के अलावा भी काफी जमीन है। विभाग की साठगांठ के चलते ऐसी सैकड़ों एकड़ भूमि क्षेत्र के दबंग एवं प्रभावशाली लोगों के कब्जे हैं। इसमें लाखों रुपये की फसल की पैदावार हो रही है। वर्ष 2008 में गांव सूरजपुर के पूर्व प्रधान की शिकायत पर केनाल एवं तहसील विभाग ने संयुक्त रूप से पैमाईश कर सैकड़ों बीघा कैनाल की भूमि को भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराने के साथ उसमें खड़ी गेहूं की फसल को एसडीएम सदर ने नीलाम किया था। उसके कुछ समय बाद भू-माफियाओं ने फिर उस भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया।
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पूर्व प्रधान की सहमति से बसे थे
24पीबीटीपी20,21
पड़ोस के गांव भूड़ा कैमोर से आकर नहर पटरी पर बसे अख्तर हुसैन ने बताया कि उनका परिवार तीन दशक पहले फरदिया गांव में आकर पूर्व ग्राम प्रधान मेराजुददीन मलिक की सहमति से कैनाल की खाली पड़ी भूमि पर झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। गांव बढ़वार से आकर अशफाक हुसैन परिवार सहित झोपड़ी बना कर रहने लगे। इसी तरह एक-एक कर दर्जनों लोगों ने खाली पड़ी भूमि पर कब्जा कर लिया। फरदिया गांव के कुछ लोग भी खाली पड़ी भूमि पर काबिज हो गए हैं। केनाल विभाग की ओर से 12 अवैध कब्जेदारों को नोटिस देकर कार्रवाई की गई, लेकिन राजनीतिक दबाव में यह अभियान ठप हो गया।

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विभाग शिकायत करे तो होगी कार्रवाई
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अमरिया नई तहसील बनी है। सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध कब्जेदारों की सूची उनके पास नहीं है। विभागीय अधिकारी अगर अवैध कब्जे की कोई सूचना उन्हें देंगे तो अवैध कब्जेदारों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
-अशुतोष कुमार, तहसीलदार अमरिया
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