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काम पर लौटे लेकिन डायट प्राचार्य कक्ष का नहीं खुला ताला
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बीसलपुर। किसी सक्षम अधिकारी के निरीक्षण न करने की वजह से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) का प्राचार्य कक्ष 20 दिन बाद भी नहीं खुल सका है। लिहाजा प्राचार्य को डायट का कामकाज अपने घर से करना पड़ रहा है। प्राचार्य इस बाबत गुरुवार को डीएम से मिलने भी गए लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।
प्राचार्य पीआर गुप्ता ने बताया कि 27 अप्रैल को डायट के ही कुछ डीएलएड छात्रों ने प्रैक्टिकल में कम नंबर देने का आरोप लगाते हुए उनके कक्ष में घुसकर गाली गलौज और मारपीट की थी। इस दौरान कार्यालय में तोड़फोड़ भी की गई और सरकारी अभिलेख फाड़ दिए गए। गंभीर रूप से घायल होने के कारण प्राचार्य को पीजीआई लखनऊ में भर्ती कराया गया था। स्वस्थ्य होने के बाद प्राचार्य ने बुधवार को डायट पहुंचकर ड्यूटी ज्वाइन कर ली। प्राचार्य के मुताबिक, किसी सक्षम अधिकारी के निरीक्षण न करने की वजह से उनके कक्ष में अब भी ताला पड़ा हुआ है, लिहाजा उन्हें दो दिनों से अपने आवास से डायट का संचालन करना पड़ रहा है। प्राचार्य इस समस्या को लेकर गुरुवार को जिला मुख्यालय पर डीएम वैभव श्रीवास्तव से मिलने गए लेकिन डीएम के कार्यालय में न होने के कारण उनकी मुलाकात नहीं हुई। इधर, सीओ प्रवीण मलिक ने डायट प्राचार्य को शुक्रवार सुबह 10 बजे बयान दर्ज कराने के लिए अपने कार्यालय में बुलाया है।
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प्राचार्य पीआर गुप्ता ने बताया कि 27 अप्रैल को डायट के ही कुछ डीएलएड छात्रों ने प्रैक्टिकल में कम नंबर देने का आरोप लगाते हुए उनके कक्ष में घुसकर गाली गलौज और मारपीट की थी। इस दौरान कार्यालय में तोड़फोड़ भी की गई और सरकारी अभिलेख फाड़ दिए गए। गंभीर रूप से घायल होने के कारण प्राचार्य को पीजीआई लखनऊ में भर्ती कराया गया था। स्वस्थ्य होने के बाद प्राचार्य ने बुधवार को डायट पहुंचकर ड्यूटी ज्वाइन कर ली। प्राचार्य के मुताबिक, किसी सक्षम अधिकारी के निरीक्षण न करने की वजह से उनके कक्ष में अब भी ताला पड़ा हुआ है, लिहाजा उन्हें दो दिनों से अपने आवास से डायट का संचालन करना पड़ रहा है। प्राचार्य इस समस्या को लेकर गुरुवार को जिला मुख्यालय पर डीएम वैभव श्रीवास्तव से मिलने गए लेकिन डीएम के कार्यालय में न होने के कारण उनकी मुलाकात नहीं हुई। इधर, सीओ प्रवीण मलिक ने डायट प्राचार्य को शुक्रवार सुबह 10 बजे बयान दर्ज कराने के लिए अपने कार्यालय में बुलाया है।
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