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शारदा पार किसानों के लिए नासूर बने हाथी
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:37 PM IST
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हाथियों का उत्पात न थमा तो काटने लगे कच्ची फसल
शारदा पार किसानों की कई एकड़ फसल तबाह कर चुके हैं नेपाल की ओर से आए दो हाथी
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। बराही रेंज के अंतर्गत शारदा नदी के पार नेपाल की ओर से आए दो हाथियों का आतंक जारी है। लग्गा भग्गा के जंगल में डेरा डाले हाथी रात होते ही जंगल की सीमा से सटे ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव में दस्तक देकर किसानों की फसलें बर्बाद कर रहे हैं। तबाही का सिलसिला लगातार जारी है। फसलों के नुकसान को देखते हुए किसानों ने अब अपनी कच्ची फसलों को काटना शुरू कर दिया है।
शारदा नदी के पार नेपाल की ओर से आए दो हाथी पिछले एक पखवाड़े से आतंक मचा रहे हैं। हाथियों ने भारतीय क्षेत्र के लग्गा भग्गा के जंगल में शरण ले रखी है। रात होते ही हाथी जंगल से सटे गांव ढकिया ताल्लुके महाराजपुर व गोरख डिब्बी क्षेत्र में किसानों की धान व गन्ने की फसलों को रौंद रहे हैं। किसान रात को जागकर पटाखे दागकर व पीपे बजाकर हाथियों को खदेड़ने का प्रयास करते हैं लेकिन हाथियों पर इसका कोई असर नहीं है। वहीं इसको लेकर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने कोई ठोस प्रयास नहीं किए। वनकर्मी चौथे या पांचवें दिन जाकर जानकारी अवश्य जुटा लेते हैं। इस सबके चलते ढकिया ताल्लुके महाराजपुर के किसानों ने नुकसान से परेशान होकर अपनी धान की फसल को बचाने के लिए आधी कच्ची व पक्की फसलों को काटना शुुरू कर दिया है।
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नेपाली नाले के पानी से भी हो रहा नुकसान
नेपाल की ओर से भारतीय क्षेत्र में आने वाले नदी नालों का पानी भी इसी इलाके में कृषि भूमि को बर्बाद कर रहा है। इसके चलते कृषि भूमि दलदली होती जा रही है। वन भूमि होने की बात सामने आने के चलते सीमावर्ती ग्राम पंचायतों के प्रधान मनरेगा से भी अब नाला नहीं खोदते हैं।
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पीड़ित बोले: बचीखुची फसल तो मिल जाए
लगातार हो रहे नुकसान के चलते अभी कुछ फसल बची है। कम से कम वही मिल जाए। हालात ऐसे ही रहे तो हाथी सारी फसलें उजाड़ जाएंगे।- बलराम राना, ग्रामीण
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एक पखवाड़े से अधिक समय से दो हाथी आतंक मचा रहे हैं। हम खदेड़ने के प्रयास कर रहे हैं लेकिन हाथियों का आतंक कम नहीं हो रहा है। ऐसे में बची फसलों के नुकसान के चलते काटने का कार्य शुरू कर दिया है।- कालू राना, ग्रामीण
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वर्जन
नेपाल की ओर से आए हाथियों की निगरानी के निर्देश दिए जा चुके हैं। फसल उजड़ने से रोकने के लिए जो भी प्रयास हैं वह कराए जा रहे हैं। कोई जनहानि न हो इसके लिए भी जरूरी निर्देश दिए गए हैं।- आदर्श कुमार, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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हाथियों का उत्पात न थमा तो काटने लगे कच्ची फसल
शारदा पार किसानों की कई एकड़ फसल तबाह कर चुके हैं नेपाल की ओर से आए दो हाथी
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। बराही रेंज के अंतर्गत शारदा नदी के पार नेपाल की ओर से आए दो हाथियों का आतंक जारी है। लग्गा भग्गा के जंगल में डेरा डाले हाथी रात होते ही जंगल की सीमा से सटे ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव में दस्तक देकर किसानों की फसलें बर्बाद कर रहे हैं। तबाही का सिलसिला लगातार जारी है। फसलों के नुकसान को देखते हुए किसानों ने अब अपनी कच्ची फसलों को काटना शुरू कर दिया है।
शारदा नदी के पार नेपाल की ओर से आए दो हाथी पिछले एक पखवाड़े से आतंक मचा रहे हैं। हाथियों ने भारतीय क्षेत्र के लग्गा भग्गा के जंगल में शरण ले रखी है। रात होते ही हाथी जंगल से सटे गांव ढकिया ताल्लुके महाराजपुर व गोरख डिब्बी क्षेत्र में किसानों की धान व गन्ने की फसलों को रौंद रहे हैं। किसान रात को जागकर पटाखे दागकर व पीपे बजाकर हाथियों को खदेड़ने का प्रयास करते हैं लेकिन हाथियों पर इसका कोई असर नहीं है। वहीं इसको लेकर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने कोई ठोस प्रयास नहीं किए। वनकर्मी चौथे या पांचवें दिन जाकर जानकारी अवश्य जुटा लेते हैं। इस सबके चलते ढकिया ताल्लुके महाराजपुर के किसानों ने नुकसान से परेशान होकर अपनी धान की फसल को बचाने के लिए आधी कच्ची व पक्की फसलों को काटना शुुरू कर दिया है।
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नेपाली नाले के पानी से भी हो रहा नुकसान
नेपाल की ओर से भारतीय क्षेत्र में आने वाले नदी नालों का पानी भी इसी इलाके में कृषि भूमि को बर्बाद कर रहा है। इसके चलते कृषि भूमि दलदली होती जा रही है। वन भूमि होने की बात सामने आने के चलते सीमावर्ती ग्राम पंचायतों के प्रधान मनरेगा से भी अब नाला नहीं खोदते हैं।
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पीड़ित बोले: बचीखुची फसल तो मिल जाए
लगातार हो रहे नुकसान के चलते अभी कुछ फसल बची है। कम से कम वही मिल जाए। हालात ऐसे ही रहे तो हाथी सारी फसलें उजाड़ जाएंगे।- बलराम राना, ग्रामीण
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एक पखवाड़े से अधिक समय से दो हाथी आतंक मचा रहे हैं। हम खदेड़ने के प्रयास कर रहे हैं लेकिन हाथियों का आतंक कम नहीं हो रहा है। ऐसे में बची फसलों के नुकसान के चलते काटने का कार्य शुरू कर दिया है।- कालू राना, ग्रामीण
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वर्जन
नेपाल की ओर से आए हाथियों की निगरानी के निर्देश दिए जा चुके हैं। फसल उजड़ने से रोकने के लिए जो भी प्रयास हैं वह कराए जा रहे हैं। कोई जनहानि न हो इसके लिए भी जरूरी निर्देश दिए गए हैं।- आदर्श कुमार, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व