{"_id":"5ba3f587867a5537ba405dfb","slug":"11537471879-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रभु की सच्चे मन से भक्ति करने पर संकट से मिलती है निजात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रभु की सच्चे मन से भक्ति करने पर संकट से मिलती है निजात
Updated Fri, 21 Sep 2018 01:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेकड़ा (बागपत)।
दसलक्षण पर्व के सातवें दिन नगर क्षेत्र के जैन मन्दिरों में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के बीच विधान के आयोजन में श्रद्धालु भाव विभोर होकर झूम उठे। भगवान की सच्चे मन से भक्ति करने पर सभी कष्टों से निजात मिलती है।
दसलक्षण पर्व के चलते नगर क्षेत्र के सभी जैन मंदिरों में श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रम में भाग ले धर्म लाभ उठा रहे हैं। बृहस्पतिवार को दसलक्षण पर्व के सातवें दिन जैन कॉलेज मार्ग स्थित भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महावीर की पूजा अर्चना अभिषेक और शांति धारा के साथ ब्रह्मचारी अक्षय कुमार जैन के सानिध्य में शुरू हुआ। इसके बाद नित्य नियम सामूहिक पूजन किया । विधान में महिला और पुरूष भक्तों ने भाग लेकर भगवान महावीर की पूजा अर्चना कर धर्म लाभ उठाया। विधान के समापन के बाद ब्रह्मचारी अक्षय कुमार जैन ने नवग्रह विधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान महावीर की सच्चे मन से भक्ति करने से मनुष्य का जीवन खुशियों से भर जाता है। सभी समस्याओं से निजात मिल मनुष्य कष्ट मुक्त रहता है, इसलिए मनुष्य को भगवान महावीर की भक्ति कर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। तभी मानव कल्याण संभव है। इस दौरान प्रवीण जैन, रीना जैन, विरेंद्र कुमार जैन, बीना जैन, सलोचना जैन, मनीषा जैन, दीपा जैन, उर्मिला जैन आदि रहे। रात्रि में शास्त्र प्रवचन प्रश्न मंच व तमोला गेम हुआ।
खेकड़ा नगर के छोटा बाजार स्थित श्री शांतिनाथ प्राचीन दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में दस लक्षण पर्व के चलते विधानाचार्य देवेंद्र शास्त्री ने श्री इंद्र ध्वज महामंडल विधान का आयोजन कराया। मुनील कुमार जैन इंद्र ध्वज विधान की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि मध्य लोक मे 458 अकृत्रिम चैत्यालय है। उन सब पर इंद्र ध्वज है। इसी कारण इंद्र विधान किया जाता है। इस दौरान अध्यक्ष जिनेश कुमार जैन, सुमेर चंद जैन, ओमप्रकाश जैन, जनेश्वर दयाल जैन, नरेंद्र जैन, विनय जैन, राज कुमार जैन, संजय जैन, शुभम जैन, विकास जैन, अंकुश जैन, कमलेश जैन, नीतू जैन, जयरानी जैन, सरिता जैन, पूनम जैन, सरला जैन, त्रिशला जैन आदि रहे।
विज्ञापन
इसके अलावा श्रीचंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर, भगवान आदि नाथ जैन मंदिर, क्षेत्र के बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर, प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर में भी दस लक्षण पर्व केे चलते विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इस दौरान आदि नाथ जैन मंदिर में राकेश कुमार जैन, शरद जैन, चक्रेश जैन, संजीव जैन, राज कुमार जैन, मनोज जैन, अनुज जैन, सचिन जैन, मयंक जैन, बोबी रहे। जबकि श्री चंद्र प्रभु मंदिर में अजय जैन, मुकेश जैन, शुभम जैन, संयम जैन, जितेंद्र आदि रहे।
विज्ञापन
दसलक्षण पर्व के सातवें दिन नगर क्षेत्र के जैन मन्दिरों में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के बीच विधान के आयोजन में श्रद्धालु भाव विभोर होकर झूम उठे। भगवान की सच्चे मन से भक्ति करने पर सभी कष्टों से निजात मिलती है।
दसलक्षण पर्व के चलते नगर क्षेत्र के सभी जैन मंदिरों में श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रम में भाग ले धर्म लाभ उठा रहे हैं। बृहस्पतिवार को दसलक्षण पर्व के सातवें दिन जैन कॉलेज मार्ग स्थित भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महावीर की पूजा अर्चना अभिषेक और शांति धारा के साथ ब्रह्मचारी अक्षय कुमार जैन के सानिध्य में शुरू हुआ। इसके बाद नित्य नियम सामूहिक पूजन किया । विधान में महिला और पुरूष भक्तों ने भाग लेकर भगवान महावीर की पूजा अर्चना कर धर्म लाभ उठाया। विधान के समापन के बाद ब्रह्मचारी अक्षय कुमार जैन ने नवग्रह विधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान महावीर की सच्चे मन से भक्ति करने से मनुष्य का जीवन खुशियों से भर जाता है। सभी समस्याओं से निजात मिल मनुष्य कष्ट मुक्त रहता है, इसलिए मनुष्य को भगवान महावीर की भक्ति कर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। तभी मानव कल्याण संभव है। इस दौरान प्रवीण जैन, रीना जैन, विरेंद्र कुमार जैन, बीना जैन, सलोचना जैन, मनीषा जैन, दीपा जैन, उर्मिला जैन आदि रहे। रात्रि में शास्त्र प्रवचन प्रश्न मंच व तमोला गेम हुआ।
विज्ञापन
खेकड़ा नगर के छोटा बाजार स्थित श्री शांतिनाथ प्राचीन दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में दस लक्षण पर्व के चलते विधानाचार्य देवेंद्र शास्त्री ने श्री इंद्र ध्वज महामंडल विधान का आयोजन कराया। मुनील कुमार जैन इंद्र ध्वज विधान की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि मध्य लोक मे 458 अकृत्रिम चैत्यालय है। उन सब पर इंद्र ध्वज है। इसी कारण इंद्र विधान किया जाता है। इस दौरान अध्यक्ष जिनेश कुमार जैन, सुमेर चंद जैन, ओमप्रकाश जैन, जनेश्वर दयाल जैन, नरेंद्र जैन, विनय जैन, राज कुमार जैन, संजय जैन, शुभम जैन, विकास जैन, अंकुश जैन, कमलेश जैन, नीतू जैन, जयरानी जैन, सरिता जैन, पूनम जैन, सरला जैन, त्रिशला जैन आदि रहे।
विज्ञापन
इसके अलावा श्रीचंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर, भगवान आदि नाथ जैन मंदिर, क्षेत्र के बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर, प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर में भी दस लक्षण पर्व केे चलते विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इस दौरान आदि नाथ जैन मंदिर में राकेश कुमार जैन, शरद जैन, चक्रेश जैन, संजीव जैन, राज कुमार जैन, मनोज जैन, अनुज जैन, सचिन जैन, मयंक जैन, बोबी रहे। जबकि श्री चंद्र प्रभु मंदिर में अजय जैन, मुकेश जैन, शुभम जैन, संयम जैन, जितेंद्र आदि रहे।