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भक्तों के कष्ट हरते हैं भगवान
Updated Mon, 04 Dec 2017 12:55 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
क्षेत्र के ग्राम सुभानपुर स्थित देवी मंदिर में चल रही भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक जितेंद्र दास ने कहा राजा बली के अहंकार को तोड़ने के लिए भगवान ने तीन पग में संसार को नाप दिया था। वही भक्त प्रहलाद की रक्षा करने के लिए उन्होंने भगवान नरसिंह का रूप धारण कर हिरण्य कश्यप का वध कर दिया था। उन्होंने कहा उनके भक्त अनेकों रूप में उनकी पूजा करते हैं, लेकिन भगवान की भक्ति नौ प्रकार से करनी चाहिए। तभी भक्ति को पूर्ण माना जाता है। उनके भक्तों पर जब भी विपत्ति आयी है। भगवान ने अलग अलग रूप में जन्म लेकर अपने भक्त की रक्षा की। भगवान के भक्त को जब कभी कष्ट होता है तो वह खुद भी कष्ट में आ जाते है। उनके कष्ट को हरने के लिए ही भगवान पृथ्वी पर जन्म लेते हैं। इसलिए सभी को सच्चे मन से भगवान की भक्ति करनी चाहिए। इस दौरान आनंद त्यागी, गजेंद्र कुमार शर्मा, ब्रिजेश शर्मा, पप्पू त्यागी, सचिन, राज कुमार, हरि सिंह, देवेंद्र, आदेश, योगेश आदि रहे।
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क्षेत्र के ग्राम सुभानपुर स्थित देवी मंदिर में चल रही भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक जितेंद्र दास ने कहा राजा बली के अहंकार को तोड़ने के लिए भगवान ने तीन पग में संसार को नाप दिया था। वही भक्त प्रहलाद की रक्षा करने के लिए उन्होंने भगवान नरसिंह का रूप धारण कर हिरण्य कश्यप का वध कर दिया था। उन्होंने कहा उनके भक्त अनेकों रूप में उनकी पूजा करते हैं, लेकिन भगवान की भक्ति नौ प्रकार से करनी चाहिए। तभी भक्ति को पूर्ण माना जाता है। उनके भक्तों पर जब भी विपत्ति आयी है। भगवान ने अलग अलग रूप में जन्म लेकर अपने भक्त की रक्षा की। भगवान के भक्त को जब कभी कष्ट होता है तो वह खुद भी कष्ट में आ जाते है। उनके कष्ट को हरने के लिए ही भगवान पृथ्वी पर जन्म लेते हैं। इसलिए सभी को सच्चे मन से भगवान की भक्ति करनी चाहिए। इस दौरान आनंद त्यागी, गजेंद्र कुमार शर्मा, ब्रिजेश शर्मा, पप्पू त्यागी, सचिन, राज कुमार, हरि सिंह, देवेंद्र, आदेश, योगेश आदि रहे।