{"_id":"59a5c6574f1c1bf6278b46c0","slug":"111504036439-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोभ समता भाव का शत्रु - अनमोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोभ समता भाव का शत्रु - अनमोल
Updated Wed, 30 Aug 2017 01:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेकड़ा (बागपत)।
दस लक्षण पर्व के चौथे दिन जैन मंदिरों में भगवान के अभिषेक, शातिं धारा पूजन पंच परमेष्ठी विधान का आयोजन हुआ। इस मौके पर उत्तम सत्य के महत्व पर प्रकाश डाला।
दस लक्षण पर्व के चौथे दिन मंगलवार को नगर के जैन कॉलेज मार्ग स्थित भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर, छोटा बाजार स्थित श्री शांति नाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में ब्रह्मचारी अनमोल शास्त्री के सानिध्य में सर्व प्रथम सुबह सात बजे भगवान का अभिषेक हुआ। इसके पश्चात शांति धारा सामूहिक पूजन विधि विधान के साथ कराया । साथ ही पंच परमेष्ठी विधान में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विधान की समाप्ति पर ब्रह्मचारी अनमोल शास्त्री ने उत्तम के सत्य के महत्व प्रकाश डाला। उन्होंने कहा लोभ समता भाव का शत्रु है, इसलिए लोभ लालच का त्याग कर अपने जीवन को सार्थक अपनाना चाहिए। तभी मनुष्य का कल्याण संभव है। रात्रि में शास्त्र प्रवचन प्रश्न मंच के साथ ही तमोला गेम का आयोजन कराया। इस दौरान प्रवीन जैन, विरेंद्र जैन, अमित जैन, सतीश जैन, नरेश जैन, साहिल जैन, मधु जैन, रीना जैन, सुनीता जैन, बीना जैन, नीलम जैन, इंद्रा जैन, अंजलि जैन, शोभा जैन आदि रहे। इसके अलावा प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर बड़ागांव, त्रिलोक तीर्थ धाम बड़ागांव, श्री शांति नाथ दिगंबर जैन मंदिर में भी धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया।
विज्ञापन
दस लक्षण पर्व के चौथे दिन जैन मंदिरों में भगवान के अभिषेक, शातिं धारा पूजन पंच परमेष्ठी विधान का आयोजन हुआ। इस मौके पर उत्तम सत्य के महत्व पर प्रकाश डाला।
दस लक्षण पर्व के चौथे दिन मंगलवार को नगर के जैन कॉलेज मार्ग स्थित भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर, छोटा बाजार स्थित श्री शांति नाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में ब्रह्मचारी अनमोल शास्त्री के सानिध्य में सर्व प्रथम सुबह सात बजे भगवान का अभिषेक हुआ। इसके पश्चात शांति धारा सामूहिक पूजन विधि विधान के साथ कराया । साथ ही पंच परमेष्ठी विधान में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विधान की समाप्ति पर ब्रह्मचारी अनमोल शास्त्री ने उत्तम के सत्य के महत्व प्रकाश डाला। उन्होंने कहा लोभ समता भाव का शत्रु है, इसलिए लोभ लालच का त्याग कर अपने जीवन को सार्थक अपनाना चाहिए। तभी मनुष्य का कल्याण संभव है। रात्रि में शास्त्र प्रवचन प्रश्न मंच के साथ ही तमोला गेम का आयोजन कराया। इस दौरान प्रवीन जैन, विरेंद्र जैन, अमित जैन, सतीश जैन, नरेश जैन, साहिल जैन, मधु जैन, रीना जैन, सुनीता जैन, बीना जैन, नीलम जैन, इंद्रा जैन, अंजलि जैन, शोभा जैन आदि रहे। इसके अलावा प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर बड़ागांव, त्रिलोक तीर्थ धाम बड़ागांव, श्री शांति नाथ दिगंबर जैन मंदिर में भी धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया।
विज्ञापन