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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   1100 acre land was leased, occupied 5,000 acres

पट्टे पर जमीन मिली 1100 एकड़, कब्जा 5000 एकड़ पर

Tue, 19 Apr 2016 10:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत Updated Tue, 19 Apr 2016 10:48 PM IST
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रमनगरा, गुन्हान एवं ढकिया ताल्लुके महाराजपुर में पट्टेदारों की भूमि तो 1100 एकड़ है, लेकिन मौजूदा समय में करीब पांच हजार एकड़ भूमि पर फसलें लहलहा रही है। इसमें अधिकांश जमीन टाइगर रिजर्व के कोर एरिया की है। खास बात यह है कि पट्टेदारों की भूमि में से भी आधी भूमि पिछले साल शारदा नदी की भेंट चढ़ चुकी है। 
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नेपाल सीमा से सटा ढकिया ताल्लुके महाराजपुर, रमनगरा और गुन्हान का आबादी क्षेत्र एवं कृषि भूमि वर्ष 1989 से लेकर पिछले साल तक कई बार शारदा नदी की भेंट चढ़ी। यहां वर्ष 1980 में प्रधान मनमतदास ने 112 भूमिहीन, वर्ष 1994 में प्रधान निरोध बिहारी राय ने 119 भूमिहीन, वर्ष 2004 में प्रधान रामदरस ने 149 भूमिहीनों को दो-दो एकड़ भूमि के पट्टे किए थे। रमनगरा में नसबंदी कराने के नाम पर 70 लोगों के सीलिंग भूमि के पट्टे भी किए गए थे। साथ ही थारू जनजाति के 45 परिवारों को दो-दो डिसमिल के आवासीय पट्टे किए गए थे।
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पट्टेदारों की भूमि चढ़ चुकी है शारदा की भेंट
इस इलाके में आबादी क्षेत्र और कृषि भूमि शारदा नदी की बाढ़ की भेंट चढ़ गई थी। इसके बाद वन और राजस्व विभाग की भूमि कहां पर है, यह विवाद पैदा हो गया था। बताते हैं कि पट्टेदारों की आड़ में इस इलाके में लगभग पांच हजार एकड़ भूमि पर अवैध कब्जे कर लिए गए। पट्टेदारों की भूमि भी जहां थी, नदी में कट जाने के चलते उन्होंने भी सुरक्षित स्थान पर अपने पट्टे की भूमि बताकर कब्जे कर लिए। इस सब खेल में वन और राजस्व विभाग बारे न्यारे करता रहा। 
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पखवाड़ा भर पहले सभी को दे दिया भूमिधर अधिकार
पट्टेदारों की भूमि भले ही नदी में कट गई हो और उन्होंने टाइगर रिजर्व की भूमि पर कब्जा कर लिया हो, लेकिन दोनों विभाग आज तक संयुक्त सीमांकन नहीं कर सके। इसका नतीजा यह निकला कि अतिक्रमण बढ़ता गया। बहुत से पट्टेदारों ने तहसील दिवस में राजस्व विभाग के लेखपाल पर यह भी आरोप लगाया कि लेखपाल ने बिना सीमांकन किए ही लोगों को काबिज करा दिया। इससे बहुत से पट्टेदारों को उनकी भूमि पर कब्जा नहीं मिल सका। इधर, अब तेजी से गेहूं की कटाई के साथ भूमि की जुताई शुरू हो गई है, वहीं वन विभाग सीमांकन का ढिंढौरा पीटकर मामले को ठंडे बस्ते में डाले हुए है। 


वर्जन: 
शारदा पार रमनगरा व गुन्हान क्षेत्र में जो भूमि पर अवैध कब्जे हैं। उसके सीमांकन के लिए अधिकारियों को लिखा गया है। तत्काल सीमांकन की कार्रवाई शुरू की जा रही है। 
अनिल शाह, वन क्षेत्राधिकारी, बराही
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