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शासन सख्त, पराली न जलाएं, छूट पर कृषि यंत्र पाए
Updated Tue, 23 Oct 2018 11:43 PM IST
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पराली न जलाएं, छूट पर कृषि यंत्र पाए
किसान प्रोत्साहन योजना के तहत किसानों को मिलेगा लाभ
देना होगा शपथ पत्र, पांच साल तक नहीं बेच सकेंगे कृषि यंत्र
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। पराली न जलाने के एनजीटी के आदेश को प्रभावी करने के लिए शासन ने किसान प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इसमें किसानों को पराली नहीं जलाने का शपथ पत्र देने पर कृषि यंत्र पर 50 से 80 फीसदी तक की छूट दी जाएगी। किसान खुले बाजार से कृषि यंत्र खरीदकर केवल उनके बिल प्रस्तुत करेंगे। प्रमुख सचिव कृषि ने इसका आदेश जारी कर दिया है।
प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजर फार इन-टू मैनेजमेंट ऑफ क्राप रेजीड्यूम स्कीम में अब पराली न जलाने वाले किसानों को कृषि उपकरण खरीद में विशेषतौर पर प्राथमिकता दी जाएगी। प्रमुख सचिव के जारी आदेश के मुताबिक योजना में किसानों को दस रुपये के स्टांप पर पराली न जलाने का शपथ पत्र लिखकर देना होगा। किसान बाजार में कहीं से भी उपकरण खरीदकर बिल कृषि अधिकारी या उपनिदेशक कार्यालय में जमा कराकर इसका लाभ उठा सकेंगे। उपकरण खरीद के शर्त तय की गई है कि किसान पांच साल तक उपकरणों को नहीं बेच सकेंगे। योजना में रोडावेटर, एमबी प्लाऊ, रीवर सिविल प्लाऊ, सिरेंडर आदि को शामिल किया गया है। कृषि उपनिदेशक अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि जिन किसानों ने यंत्र लेने के लिए पंजीकरण कराया होगा उन्हीं किसानों को अनुदान का लाभ मिल सकेगा। अधिकृत विक्रेताओं से कृषि यंत्र लेने पर किसानों को बाजार मूल्य का 50 फीसदी और तीन या इससे ज्यादा यंत्र लेने पर 80 फीसदी धनराशि अनुदान के रुप में खाते में भेजी जाएगी।
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किसान प्रोत्साहन योजना के तहत किसानों को मिलेगा लाभ
देना होगा शपथ पत्र, पांच साल तक नहीं बेच सकेंगे कृषि यंत्र
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। पराली न जलाने के एनजीटी के आदेश को प्रभावी करने के लिए शासन ने किसान प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इसमें किसानों को पराली नहीं जलाने का शपथ पत्र देने पर कृषि यंत्र पर 50 से 80 फीसदी तक की छूट दी जाएगी। किसान खुले बाजार से कृषि यंत्र खरीदकर केवल उनके बिल प्रस्तुत करेंगे। प्रमुख सचिव कृषि ने इसका आदेश जारी कर दिया है।
प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजर फार इन-टू मैनेजमेंट ऑफ क्राप रेजीड्यूम स्कीम में अब पराली न जलाने वाले किसानों को कृषि उपकरण खरीद में विशेषतौर पर प्राथमिकता दी जाएगी। प्रमुख सचिव के जारी आदेश के मुताबिक योजना में किसानों को दस रुपये के स्टांप पर पराली न जलाने का शपथ पत्र लिखकर देना होगा। किसान बाजार में कहीं से भी उपकरण खरीदकर बिल कृषि अधिकारी या उपनिदेशक कार्यालय में जमा कराकर इसका लाभ उठा सकेंगे। उपकरण खरीद के शर्त तय की गई है कि किसान पांच साल तक उपकरणों को नहीं बेच सकेंगे। योजना में रोडावेटर, एमबी प्लाऊ, रीवर सिविल प्लाऊ, सिरेंडर आदि को शामिल किया गया है। कृषि उपनिदेशक अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि जिन किसानों ने यंत्र लेने के लिए पंजीकरण कराया होगा उन्हीं किसानों को अनुदान का लाभ मिल सकेगा। अधिकृत विक्रेताओं से कृषि यंत्र लेने पर किसानों को बाजार मूल्य का 50 फीसदी और तीन या इससे ज्यादा यंत्र लेने पर 80 फीसदी धनराशि अनुदान के रुप में खाते में भेजी जाएगी।
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