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2004 के मिड डे मील घोटाले की एसआईटी ने शुरू की जांच
Updated Fri, 27 Apr 2018 01:44 PM IST
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2004 के मिड डे मील घोटाले की एसआईटी ने शुरू की जांच
जिले के प्राइमरी स्कूलों के एमडीएम से जुड़े अभिलेख किए तलब
डीएसओ समेत 14 कार्यालयों सेे भी तलब किए मूल दस्तावेज
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। लखीमपुर खीरी में वर्ष 2004 में हुए खाद्यान्न घोटाले से की आंच पीलीभीत तक आ पहुंची है। विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) ने उस दौरान जिले में भी मिड डे मील अनियमितता पाते हुए इसकी जांच शुरू की है। एसआईटी लखनऊ ने बीएसए को वर्ष 2004 के मिड डे मील से जुड़े मूल अभिलेखों उपलब्ध कराने को कहा है। एसआईटी द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग के अलावा करीब 14 अन्य विभागों के कार्यालयों से अभिलेख तलब किए गए हैं। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय अधिकारी पूरी तरह चुप्पी साधे बैठे हैं।
प्राइमरी स्कूलों में सितंबर 2004 से पूर्व बच्चों को, जिनकी उपस्थिति 80 प्रतिशत थी, उन्हें हर माह तीन किलो गेहूं या चावल दिए जाने का प्रावधान था। उस दौरान यह खाद्यान्न राशन कोटेदारों द्वारा उपलब्ध कराया जाता था। बतातेे हैं कि वर्ष 2004 में लखीमपुर क्षेत्र में हुए खाद्यान्न घोटला में मिड डे मील के खाद्यान्न का भी घोटाला किया गया था। जिसके तार जिले से भी जुड़े होना पाया गया था। उस दौरान यह मामला प्रारंभिक जांच में उजागर होने के बाद शासन स्तर तक जा पहुंचा था। हालांकि उसके बाद जिले में घोटाले से जुड़ी कोई जांच आदि भी नहीं हुई थी।
इधर विशेष अनुसंधान दल लखनऊ ने कुछ दिन पूर्व बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति को पत्र भेजकर वर्ष 2004 में मिड डे मील में अनियमितताओं को लेकर जांच शुरू होने की जानकारी दी। एसआईटी ने इसको लेकर जिले के सभी प्राथमिक स्कूलों के वर्ष 2004 में मिड डे मील से जुड़े मूल अभिलेख व अन्य सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र मेें विद्यालय स्तर पर एडीएम के रखरखाव के लिए व्यवस्थित पंजिका, उपस्थिति रजिस्टर, खाद्यान्न का मांगपत्र व उपभोग प्रमाण पत्र, तत्कालीन प्रधानाध्यापक/ इंचार्ज /शिक्षक का नाम, पदनाम, वर्तमान नियुक्ति स्थान, पता, मोबाइल नंबर व तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी का नाम, वर्तमान नियुक्ति स्थान, पता व मोबाइल नंबर उपलब्ध तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया है। इस संबंध में बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच का हवाला देते हुए उपरोक्त अभिलेख व सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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अनियमितता को लेकर ही स्थिति स्पष्ट नहीं
एसआईटी द्वारा वर्ष 2004 में जिस मिड डे मील अनियमितता मामले की जांच शुरू होने की बात कही जा रही है, इसकी जानकारी महकमे के लोगों को नहीं है। बृहस्पतिवार को जब इस मामले की जानकारी करने का प्रयास किया गया तो अधिकारी व कर्मचारियों ने अनभिज्ञता जताई। सूत्र बताते हैं कि बेसिक शिक्षा महकमे ने एसआईटी से पत्राचार कर मिड डे मील अनियमितता की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
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इन विभागों से भी तलब किए गए हैं अभिलेख
डीएम कार्यालय, डीएसओ कार्यालय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय, जिला प्रबंधक यूपी एग्रो कार्यालय, प्रबंधक निदेशक सहकारी संघ कार्यालय, प्रबंधक राज्य भंडारण निगम बीसलपुर, प्रबंधक राज्य भंडारण निगम बिठौराकला, प्रबंधक केंद्रीय भंडारण निगम बीसलपुर, जिला प्रबंधक यूपी खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय, सचिव कृषि मंडी समिति बीसलपुर, पूरनपुर, पीलीभीत।
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वर्जन:
विशेष अनुसंधान दल लखनऊ मुख्यालय से प्राप्त पत्र के क्रम में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से वर्ष 2004 में मिड डे मील से जुड़ी सूचनाएं व अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा गया है।
डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए
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जिले के प्राइमरी स्कूलों के एमडीएम से जुड़े अभिलेख किए तलब
डीएसओ समेत 14 कार्यालयों सेे भी तलब किए मूल दस्तावेज
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। लखीमपुर खीरी में वर्ष 2004 में हुए खाद्यान्न घोटाले से की आंच पीलीभीत तक आ पहुंची है। विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) ने उस दौरान जिले में भी मिड डे मील अनियमितता पाते हुए इसकी जांच शुरू की है। एसआईटी लखनऊ ने बीएसए को वर्ष 2004 के मिड डे मील से जुड़े मूल अभिलेखों उपलब्ध कराने को कहा है। एसआईटी द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग के अलावा करीब 14 अन्य विभागों के कार्यालयों से अभिलेख तलब किए गए हैं। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय अधिकारी पूरी तरह चुप्पी साधे बैठे हैं।
प्राइमरी स्कूलों में सितंबर 2004 से पूर्व बच्चों को, जिनकी उपस्थिति 80 प्रतिशत थी, उन्हें हर माह तीन किलो गेहूं या चावल दिए जाने का प्रावधान था। उस दौरान यह खाद्यान्न राशन कोटेदारों द्वारा उपलब्ध कराया जाता था। बतातेे हैं कि वर्ष 2004 में लखीमपुर क्षेत्र में हुए खाद्यान्न घोटला में मिड डे मील के खाद्यान्न का भी घोटाला किया गया था। जिसके तार जिले से भी जुड़े होना पाया गया था। उस दौरान यह मामला प्रारंभिक जांच में उजागर होने के बाद शासन स्तर तक जा पहुंचा था। हालांकि उसके बाद जिले में घोटाले से जुड़ी कोई जांच आदि भी नहीं हुई थी।
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इधर विशेष अनुसंधान दल लखनऊ ने कुछ दिन पूर्व बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति को पत्र भेजकर वर्ष 2004 में मिड डे मील में अनियमितताओं को लेकर जांच शुरू होने की जानकारी दी। एसआईटी ने इसको लेकर जिले के सभी प्राथमिक स्कूलों के वर्ष 2004 में मिड डे मील से जुड़े मूल अभिलेख व अन्य सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र मेें विद्यालय स्तर पर एडीएम के रखरखाव के लिए व्यवस्थित पंजिका, उपस्थिति रजिस्टर, खाद्यान्न का मांगपत्र व उपभोग प्रमाण पत्र, तत्कालीन प्रधानाध्यापक/ इंचार्ज /शिक्षक का नाम, पदनाम, वर्तमान नियुक्ति स्थान, पता, मोबाइल नंबर व तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी का नाम, वर्तमान नियुक्ति स्थान, पता व मोबाइल नंबर उपलब्ध तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया है। इस संबंध में बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच का हवाला देते हुए उपरोक्त अभिलेख व सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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अनियमितता को लेकर ही स्थिति स्पष्ट नहीं
एसआईटी द्वारा वर्ष 2004 में जिस मिड डे मील अनियमितता मामले की जांच शुरू होने की बात कही जा रही है, इसकी जानकारी महकमे के लोगों को नहीं है। बृहस्पतिवार को जब इस मामले की जानकारी करने का प्रयास किया गया तो अधिकारी व कर्मचारियों ने अनभिज्ञता जताई। सूत्र बताते हैं कि बेसिक शिक्षा महकमे ने एसआईटी से पत्राचार कर मिड डे मील अनियमितता की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
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इन विभागों से भी तलब किए गए हैं अभिलेख
डीएम कार्यालय, डीएसओ कार्यालय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय, जिला प्रबंधक यूपी एग्रो कार्यालय, प्रबंधक निदेशक सहकारी संघ कार्यालय, प्रबंधक राज्य भंडारण निगम बीसलपुर, प्रबंधक राज्य भंडारण निगम बिठौराकला, प्रबंधक केंद्रीय भंडारण निगम बीसलपुर, जिला प्रबंधक यूपी खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय, सचिव कृषि मंडी समिति बीसलपुर, पूरनपुर, पीलीभीत।
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वर्जन:
विशेष अनुसंधान दल लखनऊ मुख्यालय से प्राप्त पत्र के क्रम में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से वर्ष 2004 में मिड डे मील से जुड़ी सूचनाएं व अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा गया है।
डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए
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