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अब नंबरों से दौड़ेंगी रोडवेज बसें
अमर उजाला, नोएडा
Updated Sat, 28 Sep 2013 12:31 AM IST
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दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच चल रही सिटी बसों की पहचान अब रूट नंबर से की जाएगी। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक ने शुक्रवार को बसों के रूट नंबरों का प्रस्ताव पास कर दिया।
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डीटीसी की तर्ज पर रोडवेज की बसों में सोमवार से रूट नंबरों की व्यवस्था लागू हो जाएगी।
बसों के रूट नंबर निर्धारित करने को लेकर लंबे समय से जद्दोजहद चल रही थी। जून में भी बसों के रूट नंबर निर्धारित किए थे, लेकिन प्राधिकरण ने नंबरों में नुस्ख निकालते हुए इसे दोबारा देने को कहा था।
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एक बार फिर से रूट नंबरों का निर्धारण किया गया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के बीच आधा दर्जन और ग्रेटर नोएडा के तीन रूटों को ध्यान में रखकर नंबर तैयार किए गए हैं।
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शुक्रवार को रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) अतुल त्रिपाठी ने रूट नंबरों के प्रस्ताव पर मंजूरी की मुहर लगा दी।
नोएडा डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक आरके जौहरी ने बताया कि सोमवार से रूट नंबरों के आधार पर बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।
लंबी दूरी की बसों को नंबरों के दायरे में नहीं रखा गया है। मेट्रो फीडर बसों का संचालन पहले से ही रूट नंबरों के आधार पर हो रहा है।
डीटीसी ने किया संशोधन
दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने भजनपुरा से नोएडा के सेक्टर-37 तक चलने वाली रूट नंबर-33 व बदरपुर खादर से शशि चौक तक चलने वाली रूट नंबर-33 ए की बसों के रूट में भी हल्का संशोधन किया है।
इन बसों का संचालन गाजीपुर एसएफएस फ्लैटों व गाजीपुर डेयरी फॉर्म से होकर किया जा रहा था, लेकिन अब इन बसों को वाया एनएच-24 पर अंडरपास के नजदीक गोल चक्कर से होकर संचालित किया जाएगा।
सिटी में बसें चलाने का दबाव
एक बार फिर से रोडवेज पर 150 बसों का संचालन सिटी में करने का दबाव प्राधिकरण ने बनाया है। ट्रैफिक सेल की बैठक में इसे लेकर दी गई हिदायत के बाद रोडवेज प्रबंधन ने प्राधिकरण के सीईओ को पत्र लिखा है।
रोडवेज के मुताबिक अगर मेरठ, हरिद्वार, कोटद्वार, हापुड़, गाजियाबाद, बुलंदशहर आदि रूटों से बसों को हटाया गया तो इससे परेशानी खड़ी हो जाएगी।