{"_id":"73-27717","slug":"Noida-27717-73","type":"story","status":"publish","title_hn":"नई दवा नीति लागू कराना टेढ़ी खीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नई दवा नीति लागू कराना टेढ़ी खीर
Noida
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
नोएडा। शहर के डॉक्टरों ने नई दवा नीति का स्वागत किया है, लेकिन इसे लागू कराना टेढ़ी खीर बताया है।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक मिश्र ने कहा कि 348 दवाओं की कीमत में कमी का सरकार का कदम सराहनीय है। जेनेरिक दवाएं सस्ती होती हैं, लेकिन फार्मा कंपनियां ट्रेड नाम की दवाओं को दो से तीन गुने दाम पर बेचती हैं। इन कंपनियों से दाम सस्ते कराना सरकार के लिए मुश्किल हो सकता है। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एसी बिसारिया ने कहा कि फार्मा कंपनियों को फायदा नहीं होगा तो वे कई दवाओं को बनाना बंद कर देंगे। ऐसे में दिक्कत रोगियों को ही होगी। पहले भी कई बार कंपनियों ने दवाओं का उत्पादन बंद किया है। सरकार इस नीति को किस प्रकार से लागू करती है, यह अहम सवाल है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक मिश्र ने कहा कि 348 दवाओं की कीमत में कमी का सरकार का कदम सराहनीय है। जेनेरिक दवाएं सस्ती होती हैं, लेकिन फार्मा कंपनियां ट्रेड नाम की दवाओं को दो से तीन गुने दाम पर बेचती हैं। इन कंपनियों से दाम सस्ते कराना सरकार के लिए मुश्किल हो सकता है। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एसी बिसारिया ने कहा कि फार्मा कंपनियों को फायदा नहीं होगा तो वे कई दवाओं को बनाना बंद कर देंगे। ऐसे में दिक्कत रोगियों को ही होगी। पहले भी कई बार कंपनियों ने दवाओं का उत्पादन बंद किया है। सरकार इस नीति को किस प्रकार से लागू करती है, यह अहम सवाल है।