{"_id":"9d64e83c7d78b935558b0e9354708fd6","slug":"narendra-modi-will-return-empty-handed-from-up","type":"story","status":"publish","title_hn":"'यूपी से खाली हाथ लौटेंगे नरेंद्र मोदी'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'यूपी से खाली हाथ लौटेंगे नरेंद्र मोदी'
अमर उजाला, जौनपुर
Updated Thu, 05 Dec 2013 08:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीडब्लूडी और सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश से नरेंद्र मोदी को खाली हाथ लौटना पड़ेगा। उनका यहां कोई असर नहीं पड़ने वाला है। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए बरसात खत्म होते ही 125 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है। बहुत तेजी के साथ इस पर काम चल रहा है।
विज्ञापन
सड़कों की हालत इसलिए खराब है कि पिछले पांच सालों में सरकार ने इस पर कोई काम नहीं किया है। वह जिले में बुधवार को भूमि सुधार एवं जल संसाधन राज्यमंत्री जगदीश सोनकर के घर वैवाहिक कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात में जो काम किया है उसे जनता जानती है। इसलिए उनके आने से सपा को ही फायदा होगा।
आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सपा ने पूरी तैयारी कर ली है। इस बार सपा को कम से कम 60 सीटें मिल कर रहेंगी। देश में सपा के नेतृत्व में तीसरे मोर्चे की सरकार बनेगी। डा. केपी यादव का टिकट काट कर पारसनाथ यादव को दिए जाने पर कहा कि जनपद में टिकट को लेकर चल रहा विवाद जल्द ही खत्म हो जाएगा। जो कार्यकर्ता पार्टी के लिए काम करता है उसे टिकट मिलना ही चाहिए। चुनाव आते-आते चीजें और साफ हो जाएंगी।
विज्ञापन
लेखपालों और नायब तहसीलदारों के जो पद खाली हैं उसको भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बहुत जल्द इन पदों पर नियुक्तियां हो जाएंगी। सरकार ने सभी तहसीलों में आदेश जारी किया है कि लेखपाल, नायब तहसीलदार और एसडीएम जनता की समस्या सुनकर उसका निदान करें।
तहसीलदार से लेकर कमिश्नर प्रतिदिन कोर्ट में बैठ कर मामलों को निबटाएं। अगली तारीख न दी जाए। इसके लिए प्रतिदिन मामलों को निबटाने का लक्ष्य दिया गया है। सिंचाई के लिए नहरों की सफाई और उसके टेल तक पानी देने की योजना चालू कर दी गई है। दो साल के अंदर प्रदेश में हर खेत तक पानी पहुंच जाएगा। प्रदेश में एक साल के भीतर खेती का रकबा सात लाख हेक्टेयर बढ़ा है। जल्द ही दो लाख और बढ़ जाने की संभावना है।