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मां को बचाने के लिए बच्चे ने खाई सीने पर गोली
अमर उजाला, ललितपुर
Updated Tue, 24 Sep 2013 10:55 AM IST
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प्रम्सू की उम्र तो थी महज आठ साल, लेकिन हिम्मत उसमें गजब की थी, तभी तो जब आतंकियों ने गोलियां बरसानी शुरू की तो वह मां के आगे खड़ा हो गया और अपने सीने पर गोली खा ली।
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आतंकियों ने मासूम की जान लेने के बाद भी फायरिंग नहीं रोकी। पत्नी मुक्ता और बेटी पूर्वी भी गोली लगने से घायल हैं।
नैरोबी से प्रम्सू के पिता मनोज कुमार जैन सोमवार को अमर उजाला को फोन पर यह बताते हुए फफक पड़े।
वह नैरोबी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में चीफ मैनेजर हैं। वह पहले इंदौर में तैनात थे और दो माह पहले ही नैरोबी गए थे।
यूपी के ललितपुर के गोविंदनगर मुहल्ला स्थित बाहुबली कॉलोनी निवासी जीवन लाल शास्त्री के सबसे छोटे पुत्र मनोज के मुताबिक, आतंकी हमले के वक्त वह बैंक में काम कर रहे थे।
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पत्नी मुक्ता, पुत्री पूर्वी (13) और पुत्र प्रम्सू (8) बैंक में उनकी सहकर्मी मालती शॉपिंग करने मॉल गईं थीं। जैसे उनकी पत्नी और बच्चे मॉल में दाखिल हुए पीछे से आतंकवादी घुस आए।
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आतंकियों ने वहां मौजूद एक खास समुदाय के लोगों को बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं, कुछ लोगों से एक भाषा पढ़वाई, जो लोग इसे नहीं पढ़ सके, उन्हें कतारबद्ध कर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
फायरिंग के दौरान पीछे खड़ा प्रम्सू अचानक मां मुक्ता के सामने आ गया और आतंकियों की गोली मासूम के सीने में लग गई।
बेटे को लेकर भागते समय आतंकवादियों की गोली मुक्ता के कंधे व पुत्री पूर्वी के पैर में लगी। मुक्ता दोनों बच्चों को सीने से लगाए एक घंटे तक मॉल में दुबकी रही।
सुरक्षा कर्मियों की मदद से उन्हें निकाल कर पार्कलैंड स्थित एमपी शाह हास्पिटल भिजवाया गया, जहां प्रम्सू को मृत घोषित कर दिया गया।
मुक्ता और पूर्वी को लगी गोली ऑपरेशन करके निकाल ली गई है। कार से इस परिवार को मॉल में ले जाने वाला चालक नैरोबी निवासी डेविड भी आतंकी हमले में मारा गया।
प्रम्सू की मौत की सूचना सबसे पहले बैंक ऑफ बड़ौदा की इंदौर शाखा पहुंची। बैंक अधिकारियों ने तुरंत इसकी जानकारी इंदौर निवासी मनोज जैन के चौथे नंबर के भाई राजेश जैन को दी।
प्रम्सू के दादा जीवन लाल शास्त्री के मुताबिक, शासन स्तर से इस दुखद घटना के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई।
प्रम्सू का पार्थिव शरीर 25 को ललितपुर आएगा
प्रम्सू का पार्थिव शरीर 25 सितंबर को ललितपुर लाया जाएगा। यहां उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रम्सू के पिता मनोज जैन ने बताया कि मंगलवार को वे फ्लाइट से मुंबई पहुंचेंगे और वहां से इंदौर जाएंगे। इंदौर से एंबुलेंस से ललितपुर पहुंचेंगे।
पढ़ने में तेज और होनहार था प्रम्सू
मेरा पोता पढ़ने में तेज था, फर्राटे से अंग्रेजी बोलता था। यह देख बुढ़ापे में भी सीना चौड़ा हो जाता था। वह बेहद होनहार था। शायद उसकी यह खूबियां भगवान को रास नहीं आई, तभी तो उसे हमसे छीन लिया।
दुर्भाग्यपूर्ण घटना की सूचना पर अधूरी तीर्थयात्रा छोड़कर घर लौटे प्रम्सू के दादा जीवन लाल शास्त्री और दादी सुशीला को सांत्वना देने वालों की आंखें भी भर आ रही थीं।
केंद्रीय मंत्रियों ने जताई संवेदना
सोमवार को बाहुबली नगर स्थित प्रम्सू के घर पर संवेदना जताने वालों का तांता लगा रहा। सुबह तकरीबन दस बजे ललितपुर दौरे पर आए मानव संसाधन मंत्री डॉ. एमएम पल्लम राजू व केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने जीवन लाल शास्त्री से मिल कर संवेदना जताई।