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कोरोना से बचाव में सहायक सिद्ध होगा योग
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खतौली। भारतीय योग संस्थान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रांतीय प्रधान निर्मल ने घर-घर योग की अलख जगा रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना को योग ही हरा सकता है। नियमित आसन प्राणायाम, ध्यान करने वाले साध इस संक्रमित बीमारी से बचे रहेंगे।
योग शिक्षक सुशीला ने बताया कि सूक्ष्म व्यायाम, भुजंग आसन, व्रज आसन, मंटूक आसन, पवन मुस्त आदि आसन प्रतिदिन करने से मांसपेशियां स्वस्थ एवं सक्षम बनती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। स्नायू लचकदार बनते हैं। वहीं, योग साधक किरण का कहना है कि आज की जीवन शैली तनाव पूर्ण हो गई है। मधुमेह, ब्लड प्रेशर, कैंसर, थायराईड समेत कोरोना वायरस जैसी बीमारी अपने आकड़े बढ़ाती जा रही है। ऐसे में प्रतिदिन योगाभ्यास करने से ही मनुष्य इन सब बीमारी से बच सकता है। वहीं, योग गुरू अंजलि ने बताया कि कोरोना वायरस जैसी महामारी में मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में जिस प्रकार काढा सहायक सिद्ध हो रहा है, उसी प्रकार प्राणायाम, अनुलोम-वियोग, कपाल भांति आदि योग क्रियाएं करने से मनुष्य अपने शरीर की कोशिकाओं की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर रोगों को दूर भगा सकता है। इसके अलावा अंजू का कहना है कि आज के समय में हर मनुष्य बढ़ते तनाव के कारण डिप्रेश में चला जाता है। इसलिए मनुष्य को ध्यान अवश्य करना चाहिए। ध्यान एक अनुभूति है। स्वयं को जानने का मार्ग है। मन को साधने की कला है। शरीर के चक्रों की ऊर्जा प्रवाहमान होती है। इसलिए मनुष्य को उचित खानपान, संतुलित स्वस्थ प्रद, मर्यादित भोजन एवं योग पर ध्यान देना आवश्यक है, तभी हम बीमारियों को दूर भगा सकते हैं।
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योग शिक्षक सुशीला ने बताया कि सूक्ष्म व्यायाम, भुजंग आसन, व्रज आसन, मंटूक आसन, पवन मुस्त आदि आसन प्रतिदिन करने से मांसपेशियां स्वस्थ एवं सक्षम बनती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। स्नायू लचकदार बनते हैं। वहीं, योग साधक किरण का कहना है कि आज की जीवन शैली तनाव पूर्ण हो गई है। मधुमेह, ब्लड प्रेशर, कैंसर, थायराईड समेत कोरोना वायरस जैसी बीमारी अपने आकड़े बढ़ाती जा रही है। ऐसे में प्रतिदिन योगाभ्यास करने से ही मनुष्य इन सब बीमारी से बच सकता है। वहीं, योग गुरू अंजलि ने बताया कि कोरोना वायरस जैसी महामारी में मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में जिस प्रकार काढा सहायक सिद्ध हो रहा है, उसी प्रकार प्राणायाम, अनुलोम-वियोग, कपाल भांति आदि योग क्रियाएं करने से मनुष्य अपने शरीर की कोशिकाओं की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर रोगों को दूर भगा सकता है। इसके अलावा अंजू का कहना है कि आज के समय में हर मनुष्य बढ़ते तनाव के कारण डिप्रेश में चला जाता है। इसलिए मनुष्य को ध्यान अवश्य करना चाहिए। ध्यान एक अनुभूति है। स्वयं को जानने का मार्ग है। मन को साधने की कला है। शरीर के चक्रों की ऊर्जा प्रवाहमान होती है। इसलिए मनुष्य को उचित खानपान, संतुलित स्वस्थ प्रद, मर्यादित भोजन एवं योग पर ध्यान देना आवश्यक है, तभी हम बीमारियों को दूर भगा सकते हैं।
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