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नवरात्र का पहला दिन घरों पर घट स्थापना कर की पूजा
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वैष्णो देवी मंदिर में नवरात्र पर्व पर पूजा अर्चना करते श्रद्वालु।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
नवरात्र का पहला दिन घरों पर घट स्थापना कर की पूजा
मुजफ्फरनगर। बुधवार से शुरू हुए नवरात्र व्रत पर कोरोना का खौफ हावी रहा। मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु नहीं पहुंचे। जिन मंदिरों में पूजा-अर्चना हुई वहां भी पुजारी के अतिरिक्त इक्का-दुक्का लोग ही गए। श्रद्धालुओं ने घरों में घट स्थापना कर वहीं पर मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैल पुत्री पूजा की और मां दुर्गा से कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रार्थना की।
सुबह मंदिरों के कपाट तो खोले गए, लेकिन पूजा करने वालों में पुजारी और इक्का-दुक्का लोग ही शामिल रहे। गांधी कॉलोनी स्थित वैष्णो देवी मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, श्री संकट हरणी दुर्गा मंदिर सहित कुछ अन्य मंदिरों में पूजा-अर्चना को लोग पहुंचे। पूजा करने के बाद ज्योति ले जाकर अपने घरों में स्थापित की। गांधी कालोनी के वैष्णो देवी मंदिर में पूजा के लिए पहुंची सुशीला देवी ने बताया कि घर पर ही घट स्थापना की है।
मंदिरों के कपाट बंद, मंदिरों में नहीं हो सके माता के गुणगान
जानसठ। पचास साल से अधिक उम्र वाले लोगों और महिलाओं ने नवरात्र के व्रत नहीं रखे। प्राचीन सिद्धपीठ ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर के अध्यक्ष प्रवीण तंवर का कहना है कि दुर्गा अष्टमी और दुर्गा नवमी पर भी मंदिरों के कपाट बंद ही रहेंगे। नवरात्र के व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपने घरों में ही दुर्गा अष्टमी व नवमी पर माता की पूजा अर्चना करके व्रत खोल सकते हैं।
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शैलपुत्री की आराधना के साथ नवरात्र शुरू
चरथावल। चैत्र नवरात्र में देवी मंडपों में श्रद्धालुओं ने पहले दिन शैलपुत्री की आराधना की। देवी मंडपों को सजाया गया। कोरोना वायरस से बचाने को देश में लागू लॉकडाउन के कारण श्रद्धालु मंदिरों में नहीं जा पाए। प्राच्य देवी मंदिर में पुरोहित मुकेश त्रिपाठी ने अखंड ज्योति प्रज्वलित की। दूधली, बिरालसी, कुटेसरा, हैबतपुर मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की।
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मुजफ्फरनगर। बुधवार से शुरू हुए नवरात्र व्रत पर कोरोना का खौफ हावी रहा। मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु नहीं पहुंचे। जिन मंदिरों में पूजा-अर्चना हुई वहां भी पुजारी के अतिरिक्त इक्का-दुक्का लोग ही गए। श्रद्धालुओं ने घरों में घट स्थापना कर वहीं पर मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैल पुत्री पूजा की और मां दुर्गा से कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रार्थना की।
सुबह मंदिरों के कपाट तो खोले गए, लेकिन पूजा करने वालों में पुजारी और इक्का-दुक्का लोग ही शामिल रहे। गांधी कॉलोनी स्थित वैष्णो देवी मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, श्री संकट हरणी दुर्गा मंदिर सहित कुछ अन्य मंदिरों में पूजा-अर्चना को लोग पहुंचे। पूजा करने के बाद ज्योति ले जाकर अपने घरों में स्थापित की। गांधी कालोनी के वैष्णो देवी मंदिर में पूजा के लिए पहुंची सुशीला देवी ने बताया कि घर पर ही घट स्थापना की है।
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मंदिरों के कपाट बंद, मंदिरों में नहीं हो सके माता के गुणगान
जानसठ। पचास साल से अधिक उम्र वाले लोगों और महिलाओं ने नवरात्र के व्रत नहीं रखे। प्राचीन सिद्धपीठ ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर के अध्यक्ष प्रवीण तंवर का कहना है कि दुर्गा अष्टमी और दुर्गा नवमी पर भी मंदिरों के कपाट बंद ही रहेंगे। नवरात्र के व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपने घरों में ही दुर्गा अष्टमी व नवमी पर माता की पूजा अर्चना करके व्रत खोल सकते हैं।
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शैलपुत्री की आराधना के साथ नवरात्र शुरू
चरथावल। चैत्र नवरात्र में देवी मंडपों में श्रद्धालुओं ने पहले दिन शैलपुत्री की आराधना की। देवी मंडपों को सजाया गया। कोरोना वायरस से बचाने को देश में लागू लॉकडाउन के कारण श्रद्धालु मंदिरों में नहीं जा पाए। प्राच्य देवी मंदिर में पुरोहित मुकेश त्रिपाठी ने अखंड ज्योति प्रज्वलित की। दूधली, बिरालसी, कुटेसरा, हैबतपुर मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की।

नई मंडी में घरो में नवरात्र पर पुजा अर्चना करते श्रद्वालु।- फोटो : MUZAFFARNAGAR