{"_id":"61438af88ebc3eb26a465189","slug":"worship-at-vahalna-temple-on-dhoopadashami-muzaffarnagar-news-mrt556543053","type":"story","status":"publish","title_hn":"धूपदशमी पर वहलना मंदिर में पूजा अर्चना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धूपदशमी पर वहलना मंदिर में पूजा अर्चना
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर के कृष्णापुरी के दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में दशलक्षण पर्व पर पूजा अर्चना करते श्रद?
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
धूपदशमी पर वहलना मंदिर में पूजा अर्चना
मुजफ्फरनगर। जैन धर्म के दशलक्षण महापर्व में धूपदशमी के उपलक्ष्य में वहलना मंदिर में पूजा अर्चना की गई। इस मौके पर उत्तम तप धर्म की आराधना कर आत्म कल्याण की कामना की गई। सुगंध दशमी व्रत कथा पढ़ने के साथ-साथ सभी जैन जिनालयों में 24 तीर्थंकरों, पुराने शास्त्रों तथा जिनवाणी के सम्मुख चंदन की धूप अग्नि पर खेवन किया गया।
वहलना जैन मंदिर के महामंत्री राजकुमार जैन ने बताया कि सुगंध दशमी व्रत का दिगंबर जैन धर्म में काफी महत्व है और महिलाएं हर वर्ष इस व्रत को करती हैं। धार्मिक व्रत को विधिपूर्वक करने से मनुष्य के सारे अशुभ कर्मों का क्षय होकर पुण्य की प्राप्ति होती है तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही सांसारिक दृष्टि से उत्तम शरीर प्राप्त होना भी इस व्रत का फल बताया गया है। सुगंध दशमी के दिन हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, परिग्रह इन पांच पापों के त्याग रूप व्रत को धारण करते हुए चारों प्रकार के आहार का त्याग, मंदिर में जाकर भगवान की पूजा, स्वाध्याय, धर्मचिंतन-श्रवण, सामयिक आदि में समय व्यतीत करने का महत्व है। इस दिन जैन धर्मावलंबी अपनी-अपनी श्रद्धानुसार कई मंदिरों में शीश नवाते हैं। नगर के सभी जैन मंदिरों में साज-सज्जा, आकर्षक मंडल विधान सजाने के साथ-साथ मनोहारी झांकियों का निर्माण किया गया। सुगंध दशमी कथा का वाचन किया गया तथा उत्तम तप धर्म की आराधना कर आत्म कल्याण की कामना की गई।
बुराई दूर करने ेके लिए धूप अर्पण की
शाहपुर। कस्बे में दशलक्षण पर्व के अंतर्गत धूपदशमी पर्व पर सकल दिगंबर जैन समाज के लोगों ने भगवान पद्मप्रभु जिनालय, नेमिनाथ जिनालय, मंगलापुरी मंडी स्थित शांतिनाथ जिनालय व मुनि सुव्रतनाथ मानस्तम्भ में अपने अंदर की बुराइयों को दूर करने को लेकर सुगंधित धूप अर्पण की, जिससे वायुमंडल सुगंधमय होकर वातावरण स्वच्छ व खुशनुमा हो गया। सकल जैन समाज के संरक्षक बालेश जैन ने बताया कि धूपदशमी का पर्व भाद्रपद की शुक्लपक्ष की दशमी को मनाया जाता है। धूपदशमी पर समाज के लोग इस दिन पांचों पाप हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, परिग्रह का परित्याग कर भगवान की पूजा, स्वाध्याय, धर्म चिंतन, सामयिक आदि करते हैं। समाजसेवी सतीश चंद्र जैन ने बताया कि धूपदशमी पर सभी जिनालयों में सभी 24 तीर्थंकरों को धूप अर्पित कर भगवान से अच्छे तन मन की प्रार्थना की जाती है ।
विज्ञापन
उत्तम तप धर्म की पूजा की
पुरकाजी। जैन समाज के प्रमुख दश लक्षण महापर्व में जैन समाज के श्रद्धालुओं द्वारा भगवान जिनेंद्र के अभिषेक के साथ उत्तम तप धर्म की पूजा की गई। महिलाओं द्वारा भजन कीर्तन किया गया तो विशेष पूजा अर्चना के साथ प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में सुमत प्रसाद जैन, उपेंदर जैन, निर्दोष जैन, अनमोल जैन, राकेश कुमार जैन, नीरज जैन, संदीप कुमार जैन, अमन जैन ,मंजू जैन, शिप्रा जैन, प्रियंका जैन आदि मौजूद रहे। - संवाद
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। जैन धर्म के दशलक्षण महापर्व में धूपदशमी के उपलक्ष्य में वहलना मंदिर में पूजा अर्चना की गई। इस मौके पर उत्तम तप धर्म की आराधना कर आत्म कल्याण की कामना की गई। सुगंध दशमी व्रत कथा पढ़ने के साथ-साथ सभी जैन जिनालयों में 24 तीर्थंकरों, पुराने शास्त्रों तथा जिनवाणी के सम्मुख चंदन की धूप अग्नि पर खेवन किया गया।
वहलना जैन मंदिर के महामंत्री राजकुमार जैन ने बताया कि सुगंध दशमी व्रत का दिगंबर जैन धर्म में काफी महत्व है और महिलाएं हर वर्ष इस व्रत को करती हैं। धार्मिक व्रत को विधिपूर्वक करने से मनुष्य के सारे अशुभ कर्मों का क्षय होकर पुण्य की प्राप्ति होती है तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही सांसारिक दृष्टि से उत्तम शरीर प्राप्त होना भी इस व्रत का फल बताया गया है। सुगंध दशमी के दिन हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, परिग्रह इन पांच पापों के त्याग रूप व्रत को धारण करते हुए चारों प्रकार के आहार का त्याग, मंदिर में जाकर भगवान की पूजा, स्वाध्याय, धर्मचिंतन-श्रवण, सामयिक आदि में समय व्यतीत करने का महत्व है। इस दिन जैन धर्मावलंबी अपनी-अपनी श्रद्धानुसार कई मंदिरों में शीश नवाते हैं। नगर के सभी जैन मंदिरों में साज-सज्जा, आकर्षक मंडल विधान सजाने के साथ-साथ मनोहारी झांकियों का निर्माण किया गया। सुगंध दशमी कथा का वाचन किया गया तथा उत्तम तप धर्म की आराधना कर आत्म कल्याण की कामना की गई।
विज्ञापन
बुराई दूर करने ेके लिए धूप अर्पण की
शाहपुर। कस्बे में दशलक्षण पर्व के अंतर्गत धूपदशमी पर्व पर सकल दिगंबर जैन समाज के लोगों ने भगवान पद्मप्रभु जिनालय, नेमिनाथ जिनालय, मंगलापुरी मंडी स्थित शांतिनाथ जिनालय व मुनि सुव्रतनाथ मानस्तम्भ में अपने अंदर की बुराइयों को दूर करने को लेकर सुगंधित धूप अर्पण की, जिससे वायुमंडल सुगंधमय होकर वातावरण स्वच्छ व खुशनुमा हो गया। सकल जैन समाज के संरक्षक बालेश जैन ने बताया कि धूपदशमी का पर्व भाद्रपद की शुक्लपक्ष की दशमी को मनाया जाता है। धूपदशमी पर समाज के लोग इस दिन पांचों पाप हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, परिग्रह का परित्याग कर भगवान की पूजा, स्वाध्याय, धर्म चिंतन, सामयिक आदि करते हैं। समाजसेवी सतीश चंद्र जैन ने बताया कि धूपदशमी पर सभी जिनालयों में सभी 24 तीर्थंकरों को धूप अर्पित कर भगवान से अच्छे तन मन की प्रार्थना की जाती है ।
विज्ञापन
उत्तम तप धर्म की पूजा की
पुरकाजी। जैन समाज के प्रमुख दश लक्षण महापर्व में जैन समाज के श्रद्धालुओं द्वारा भगवान जिनेंद्र के अभिषेक के साथ उत्तम तप धर्म की पूजा की गई। महिलाओं द्वारा भजन कीर्तन किया गया तो विशेष पूजा अर्चना के साथ प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में सुमत प्रसाद जैन, उपेंदर जैन, निर्दोष जैन, अनमोल जैन, राकेश कुमार जैन, नीरज जैन, संदीप कुमार जैन, अमन जैन ,मंजू जैन, शिप्रा जैन, प्रियंका जैन आदि मौजूद रहे। - संवाद