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पटल बदला तो उप निदेशक को दिया नोटिस
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मुजफ्फरनगर। कार्य में लापरवाही बरतने पर उप निदेशक कृषि जसवीर तेवतिया ने वरिष्ठ लिपिक का पटल बदला तो उसकी पत्नी ने नोटिस भिजवा दिया। पति का मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए पांच लाख रुपये के हर्जाने की मांग कर दी है।
उप कृषि निदेशक कार्यालय में स्थापना का कार्य देख रहे वरिष्ठ सहायक संजीव कुमार मलिक का पटल परिवर्तन करते हुए उन्हें एसडीओ सदर कार्यालय में स्थापना का काम दिया गया था। उनके अलावा दो अन्य कर्मचारियों के भी पटल परिवर्तन किए गए थे। इस पर वरिष्ठ लिपिक संजीव मलिक की पत्नी मीनू मलिक ने उप निदेशक कृषि जसवीर तेवतिया को अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भिजवा दिया। नोटिस में कहा गया कि उनके पति ईमानदारी से काम कर रहे थे। सरकार की स्थानांतरण नीति के खिलाफ उन्हें स्थानांतरित कर दिया गया। इससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा है। नोटिस में पांच लाख रुपये का हर्जाना नहीं देने पर रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।
इस संबंध में उप निदेशक कृषि का कहना है कि कार्य में लापरवाही बरतने के कारण वरिष्ठ लिपिक का पटल परिवर्तन किया गया है। वह समय पर कार्यालय नहीं आते। स्थापना पटल महत्वपूर्ण है लेकिन उनके द्वारा पत्रावलियां प्रस्तुत नहीं की जातीं। कर्मचारियों के वेतन, इंक्रीमेंट एवं मेडिकल आदि के कार्य रुके पड़े हैं। फोन बंद कर बिना बताए दो-दो दिन तक कार्यालय नहीं आते हैं। इसी कारण उनका पटल परिवर्तन किया है।
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उप कृषि निदेशक कार्यालय में स्थापना का कार्य देख रहे वरिष्ठ सहायक संजीव कुमार मलिक का पटल परिवर्तन करते हुए उन्हें एसडीओ सदर कार्यालय में स्थापना का काम दिया गया था। उनके अलावा दो अन्य कर्मचारियों के भी पटल परिवर्तन किए गए थे। इस पर वरिष्ठ लिपिक संजीव मलिक की पत्नी मीनू मलिक ने उप निदेशक कृषि जसवीर तेवतिया को अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भिजवा दिया। नोटिस में कहा गया कि उनके पति ईमानदारी से काम कर रहे थे। सरकार की स्थानांतरण नीति के खिलाफ उन्हें स्थानांतरित कर दिया गया। इससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा है। नोटिस में पांच लाख रुपये का हर्जाना नहीं देने पर रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।
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इस संबंध में उप निदेशक कृषि का कहना है कि कार्य में लापरवाही बरतने के कारण वरिष्ठ लिपिक का पटल परिवर्तन किया गया है। वह समय पर कार्यालय नहीं आते। स्थापना पटल महत्वपूर्ण है लेकिन उनके द्वारा पत्रावलियां प्रस्तुत नहीं की जातीं। कर्मचारियों के वेतन, इंक्रीमेंट एवं मेडिकल आदि के कार्य रुके पड़े हैं। फोन बंद कर बिना बताए दो-दो दिन तक कार्यालय नहीं आते हैं। इसी कारण उनका पटल परिवर्तन किया है।
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