{"_id":"66ca4f2da7aa9c84310f8955","slug":"when-the-conversation-with-the-tea-seller-got-amiss-the-bill-collector-issued-14-challans-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1001-128571-2024-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: चाय वाले से बात बिगड़ी तो बिल कलेक्टर ने काट दिए 14 चालान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: चाय वाले से बात बिगड़ी तो बिल कलेक्टर ने काट दिए 14 चालान
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। चाय की चुस्कियों के दौरान पालिका के बिल कलेक्टर और चाय वाले के बीच बिगड़ी बात अदालत तक जा पहुंची। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बीसी ने कर अधिकारी के खुद ही हस्ताक्षर कर एक या दो नहीं, बल्कि 14 चालान काट दिए। अदालत से चाय की दुकान पर नोटिस पहुंचा तो मामला खुला। कर अधीक्षक ने बीसी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
नगर पालिका कार्यालय टाउन हाॅल के सामने सदर बाजार में मंगेश चाय की दुकान चलाता है। यहीं से अधिकतर पालिका कार्यालयों में चाय पहुंचती है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट से चाय की दुकान पर पालिका का समन पहुंचा। चाय वाले को कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए गए। चायवाला कोर्ट से आया समन लेकर पालिका पहुंचा और कर अधीक्षक नरेश शिवालिया से मुलाकात की। कर अधीक्षक का कहना था कि उनकी ओर से कोई चालान नहीं काटा गया। कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार के सामने भी मामला पहुंचा।
चाय वाले की पत्रावली मंगाकर जांच कराई तो खुलासा हुआ कि कर अधीक्षक के फर्जी साइन और मुहर के साथ चालान काटा गया। शुरुआती जांच में टैक्स विभाग के लाइसेंस पटल पर कार्य कर रहे बीसी सोनू मित्तल और चाय विक्रेता के बीच विवाद सामने आया है। चालान पर फर्जी हस्ताक्षर और मुहर भी फर्जी मिले हैं। कर अधीक्षक नरेश शिवालिया ने राजस्व निरीक्षक विजय कुमार और बीसी सोनू मित्तल को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में जवाब मांगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर पालिका कार्यालय टाउन हाॅल के सामने सदर बाजार में मंगेश चाय की दुकान चलाता है। यहीं से अधिकतर पालिका कार्यालयों में चाय पहुंचती है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट से चाय की दुकान पर पालिका का समन पहुंचा। चाय वाले को कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए गए। चायवाला कोर्ट से आया समन लेकर पालिका पहुंचा और कर अधीक्षक नरेश शिवालिया से मुलाकात की। कर अधीक्षक का कहना था कि उनकी ओर से कोई चालान नहीं काटा गया। कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार के सामने भी मामला पहुंचा।
विज्ञापन
चाय वाले की पत्रावली मंगाकर जांच कराई तो खुलासा हुआ कि कर अधीक्षक के फर्जी साइन और मुहर के साथ चालान काटा गया। शुरुआती जांच में टैक्स विभाग के लाइसेंस पटल पर कार्य कर रहे बीसी सोनू मित्तल और चाय विक्रेता के बीच विवाद सामने आया है। चालान पर फर्जी हस्ताक्षर और मुहर भी फर्जी मिले हैं। कर अधीक्षक नरेश शिवालिया ने राजस्व निरीक्षक विजय कुमार और बीसी सोनू मित्तल को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में जवाब मांगा है।
विज्ञापन