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Muzaffarnagar News: मोरना - बाण गंगा का जल स्तर हुआ कम, बिना स्नान लौट रहे श्रद्धालु
Tue, 02 Apr 2024 02:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 02 Apr 2024 02:10 AM IST
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फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। तीर्थनगरी शुकतीर्थ बाण गंगा का जल स्तर फिर से कम हो गया है। दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु बिना गंगा स्नान किए ही लौट रहे है। साथ ही गंगा में नौका विहार भी बंद हो गया है। गंगा में जल ना आने से नगरी के साधु-संतों, दुकानदारों, पुजारियों एवं श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त है।
गंगा में जलस्तर कम होने से श्रद्धालुओं को आस्था की डुबकी लगाना भी मुश्किल हो गया। गंगा घाट पर दुकानदारों का रोजगार भी ठप हो गया। गंगा घाट के पंडित पुरोहित गोरी शर्मा, पूनना बहादुर, विकास, टिंकू, महेश, देवेंद्र, बबलू आदि खाली बैठे हैं। पिछले सप्ताह जलस्तर घटने पर साधु संत व श्री गंगा सेवा समिति के पदाधिकारी गंगा घाट पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे, जिसके परिणास्वरूप गंगा में रुड़की से 250 क्यूसेक जल छोड़ दिया गया था। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था, लेकिन फिर से गंगा में जल का स्तर घट रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। तीर्थनगरी शुकतीर्थ बाण गंगा का जल स्तर फिर से कम हो गया है। दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु बिना गंगा स्नान किए ही लौट रहे है। साथ ही गंगा में नौका विहार भी बंद हो गया है। गंगा में जल ना आने से नगरी के साधु-संतों, दुकानदारों, पुजारियों एवं श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त है।
गंगा में जलस्तर कम होने से श्रद्धालुओं को आस्था की डुबकी लगाना भी मुश्किल हो गया। गंगा घाट पर दुकानदारों का रोजगार भी ठप हो गया। गंगा घाट के पंडित पुरोहित गोरी शर्मा, पूनना बहादुर, विकास, टिंकू, महेश, देवेंद्र, बबलू आदि खाली बैठे हैं। पिछले सप्ताह जलस्तर घटने पर साधु संत व श्री गंगा सेवा समिति के पदाधिकारी गंगा घाट पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे, जिसके परिणास्वरूप गंगा में रुड़की से 250 क्यूसेक जल छोड़ दिया गया था। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था, लेकिन फिर से गंगा में जल का स्तर घट रहा है।
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