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Muzaffarnagar News: कचरा प्रबंधन को एमआरएएफ सेंटर संचालित नहीं होने पर नाराजगी
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मुजफ्फरनगर। कूड़ा प्रबंधन की अहम कड़ी माने जाने वाले एमआरएफ और आरआरसी सेंटरों का संचालन नहीं करा पाने से प्रशासन निकायों से नाराज है। अपर जिलाधिकारी प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने समीक्षात्मक बैठक में निकाय ईओ से जवाब तलब किया। शासन की योजनाओं जैसे साफ-सफाई, स्वच्छता सर्वेक्षण के बारे में भी सवाल उठाए। कूड़ा प्रबंधन के लिए आरआरसी और एमआरएफ सेंटर का संचालन क्यों नहीं किया गया।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन की अध्यक्षता में नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत अधिशासी अधिकारियों की समीक्षात्मक बैठक हुई। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने सभी निकायों से उनके यहां संचालित हो रहे नए और पुराने वाहनों की जानकारी मांगी। उन्होंने डाटा बेस बनाकर उपलब्ध कराने और कंडम वाहनों को बेड़े से बाहर करने के निर्देश दिए। कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र से निकलने वाले कूड़ा-करकट का तकनीकी निस्तारण शासन की विशेष प्राथमिकता में शामिल है। जिसके लिए आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) बनाए जाने थे, लेकिन अभी तक कई स्थानों पर यह नहीं बने। अधिकांश स्तर पर इनका संचालन नहीं किया जा रहा। यहां पर कचरा इकट्ठा करने और ठोस अपशिष्ट को अलग करना होता है। सवाल किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान के तहत कितने आरआरसी सेंटर बनाए गए। उन्होंने एमआरएफ (मेटिरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर का जनपद में अभी तक कहीं भी संचालन नहीं होने पर नाराजगी जताई।
इस बारे में उन्होंने ईओ से रिपोर्ट भी मांगी। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने रैन बसेरों में बिजली, पानी और सफाई व बैड की चादर एवं अन्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि शहरी क्षेत्र में तीन एमआरएफ सेंटर का निर्माण हो चुका है।
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अपर जिलाधिकारी प्रशासन की अध्यक्षता में नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत अधिशासी अधिकारियों की समीक्षात्मक बैठक हुई। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने सभी निकायों से उनके यहां संचालित हो रहे नए और पुराने वाहनों की जानकारी मांगी। उन्होंने डाटा बेस बनाकर उपलब्ध कराने और कंडम वाहनों को बेड़े से बाहर करने के निर्देश दिए। कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र से निकलने वाले कूड़ा-करकट का तकनीकी निस्तारण शासन की विशेष प्राथमिकता में शामिल है। जिसके लिए आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) बनाए जाने थे, लेकिन अभी तक कई स्थानों पर यह नहीं बने। अधिकांश स्तर पर इनका संचालन नहीं किया जा रहा। यहां पर कचरा इकट्ठा करने और ठोस अपशिष्ट को अलग करना होता है। सवाल किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान के तहत कितने आरआरसी सेंटर बनाए गए। उन्होंने एमआरएफ (मेटिरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर का जनपद में अभी तक कहीं भी संचालन नहीं होने पर नाराजगी जताई।
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इस बारे में उन्होंने ईओ से रिपोर्ट भी मांगी। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने रैन बसेरों में बिजली, पानी और सफाई व बैड की चादर एवं अन्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि शहरी क्षेत्र में तीन एमआरएफ सेंटर का निर्माण हो चुका है।

रूबीना।- फोटो : mathura
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