{"_id":"58a355ab4f1c1bbd72d845e4","slug":"vintage-vehicles","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनओसी के बाद जिले में मिले वाहन तो बनेंगे कबाड़ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनओसी के बाद जिले में मिले वाहन तो बनेंगे कबाड़
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 15 Feb 2017 12:38 AM IST
विज्ञापन
NGT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनजीटी के आदेश के बाद एआरटीओ हरकत में आ गया है। जिले में डीजल के दस साल और पेट्रोल के पंद्रह साल पुराने वाहनों की धरपकड़ तेज हो गई है। जो वाहन फिट नहीं है, उसे कबाड़ में तब्दील किया जा रहा है। वहीं, जो वाहन संचालन योग्य हैं उसको दूसरे जनपद के लिए एनओसी दी जा रही है।
जनपद में एनजीटी के आदेश में दायरे में करीब 40 हजार वाहन आए। इनमें पेट्रोल और डीजल से चलने वाले दोनों प्रकार के वाहन शामिल हैं। चुनाव निपटने के बाद के एआरटीओ स्तर से इन वाहनों की धरपकड़ तेज कर दी गई है। एनजीटी ने संचालन की निर्धारित सीमा से बाहर होने वाले वाहनों से प्रदूषण का खतरा माना है, जबकि एनसीआर में प्रदूषण पहले ही खतरे के निशान की ओर बढ़ गया है। जिसके पुराने वाहनों के कटान के आदेश हैं।
इस कारण जनपद में भी वाहन स्वामियों ने एआरटीओ में दरखास्त देकर दूसरे जनपदों में संचालन के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की मांग ही है। जिस पर एआरटीओ ने 681 वाहनों को एनओसी देकर बाहर किया है। वहीं, 208 वाहन फिटनेस की कंडीशन पर खरे नहीं उतर सके। जिनका कटान किया गया है। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि जिन वाहनों को एनओसी दी जा चुकी है, वह जिले में मिले तो तुरंत कबाड़ में खड़े कराए जाएंगे। जिन वाहनों की निर्धारित सीमा समाप्त हो चुकी है, उन्हें जनपद से बाहर किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जनपद में एनजीटी के आदेश में दायरे में करीब 40 हजार वाहन आए। इनमें पेट्रोल और डीजल से चलने वाले दोनों प्रकार के वाहन शामिल हैं। चुनाव निपटने के बाद के एआरटीओ स्तर से इन वाहनों की धरपकड़ तेज कर दी गई है। एनजीटी ने संचालन की निर्धारित सीमा से बाहर होने वाले वाहनों से प्रदूषण का खतरा माना है, जबकि एनसीआर में प्रदूषण पहले ही खतरे के निशान की ओर बढ़ गया है। जिसके पुराने वाहनों के कटान के आदेश हैं।
विज्ञापन
इस कारण जनपद में भी वाहन स्वामियों ने एआरटीओ में दरखास्त देकर दूसरे जनपदों में संचालन के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की मांग ही है। जिस पर एआरटीओ ने 681 वाहनों को एनओसी देकर बाहर किया है। वहीं, 208 वाहन फिटनेस की कंडीशन पर खरे नहीं उतर सके। जिनका कटान किया गया है। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि जिन वाहनों को एनओसी दी जा चुकी है, वह जिले में मिले तो तुरंत कबाड़ में खड़े कराए जाएंगे। जिन वाहनों की निर्धारित सीमा समाप्त हो चुकी है, उन्हें जनपद से बाहर किया जाएगा।
विज्ञापन