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मुजफ्फरनगर: लकड़संधा और हैबतपुर के ग्रामीणों ने एक-दूसरे की सीमा में खदेड़े पशु

Thu, 09 Feb 2023 06:31 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Feb 2023 06:31 PM IST
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Villagers of Lakadsandha and Haibatpur chased animals into each other's border
चरथावल-मुजफ्फरनगर मुख्य मार्ग पर अमीगढ़ की पुलिया के पास खेतों में घूमतें निराश्रित गोवंश
- हैबतपुर गोशाला में छोड़ने गए निराश्रित पशुओं को ग्रामीणों ने खदेड़ा
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- चरथावल-मुजफ्फरनगर मार्ग पर मंडराते रहे निराश्रित पशु


संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल। निराश्रित गोवंशीय पशु किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बृहस्पतिवार को लकड़संधा और हैबतपुर गांव के ग्रामीणों ने इन निराश्रित पशुओं को एक-दूसरे की सीमा में खदेड़ दिया। दिनभर दोनों गांव के लोग लाठी-डंडे लेकर पशुओं को दौड़ाते रहे।
हैबतपुर से करीब छह किलोमीटर दूरी लकड़संधा गांव है। महीनों से सलेमपुर और लकड़संधा के ग्रामीण निराश्रित पशुओं से परेशान है। नुकसान से बचने के लिए घरों और घेर के दरवाजे बंद रखते है। भूखे पशु गेहूं, सरसों और ईख की फसल को क्षति पहुंचा रहे है। बृहस्पतिवार को ग्रामीण डंडों से पशुओं को खदेड़ते हुए हैबतपुर गोशाला में छोड़ने के लिए पहुंच गए। मगर, निर्माण पूरा नहीं होने के कारण हैबतपुर के ग्रामीणों ने विरोध किया। प्रधान का कहना है कि निर्माण पूरा नहीं होने के कारण पशु ग्रामीणों के लिए खतरा बनेंगे। मौके पर काफी तादात में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। उन्होंने दूसरे गांव के पशुओं को खदेड़ने में दो किलोमीटर दूर तक पीछा किया।
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निरधना गांव के तिराहे पर दोनों गांव के लोग काफी देर तक आमने-सामने डटे रहे। इस बीच निराश्रित गोवंश खेतों और आसपास के बाग में घुस गए। पकड़ने का प्रयास विफल होने पर लकडसंधा के ग्रामीण उन्हें मौके पर छोड़ कर चले गए। पूरे दिन बाद में बेसहारा पशु लुहारी मोड़ और सिंगलपुर मोड़ के खेतों में घूमते रहे।
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गोशाला का निर्माण अधूरा : सिंघल
हैबतपुर के प्रधान प्रिंस सिंघल ने बताया गोशाला का निर्माण अधूरा होने के कारण पशुओं को नहीं लिया जा सका। पशुओं को सुरक्षित रखने के बंदोबस्त पूरे होने तक पशुओं को नहीं लिया जाएगा।

पशुओं को रखना हैबतपुर पंचायत की जिम्मेदारी : कश्यप
लकड़संधा के ग्राम प्रधान राहुल कश्यप का कहना है गोशाला निर्माण में हर ग्राम पंचायत के राज्य वित्त का चार प्रतिशत अंशदान देना सुनिश्चित हुआ है। गोशाला में पशुओं का रखना वहां की ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी है। उनके यहां दो दर्जन से ज्यादा निराश्रित गोवंश किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे है।


सड़कों पर नहीं घूमेंगे निराश्रित पशु
खंड विकास अधिकारी सतीश कुमार का कहना है कि पशुओं के आहार के लिए शासन द्वारा 16 रुपये बढ़ा दिए हैं। हैबतपुर में 40 पशुओं की क्षमता की गोशाला करीब पूरी हो चुकी है। सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा गोवंश को वह जल्द गोशाला में भिजवाएंगे। शासन की ओर से राज्य वित्त की किस्त में से चार प्रतिशत हर ग्राम पंचायत को गोशाला के दिए जाने का प्रावधान किया है।

चरथावल-मुजफ्फरनगर मुख्य मार्ग पर अमीगढ़ की पुलिया के पास खेतों में घूमतें निराश्रित गोवंश

चरथावल-मुजफ्फरनगर मुख्य मार्ग पर अमीगढ़ की पुलिया के पास खेतों में घूमतें निराश्रित गोवंश

चरथावल-मुजफ्फरनगर मुख्य मार्ग पर अमीगढ़ की पुलिया के पास खेतों में घूमतें निराश्रित गोवंश

चरथावल-मुजफ्फरनगर मुख्य मार्ग पर अमीगढ़ की पुलिया के पास खेतों में घूमतें निराश्रित गोवंश

चरथावल-मुजफ्फरनगर मुख्य मार्ग पर अमीगढ़ की पुलिया के पास खेतों में घूमतें निराश्रित गोवंश

चरथावल-मुजफ्फरनगर मुख्य मार्ग पर अमीगढ़ की पुलिया के पास खेतों में घूमतें निराश्रित गोवंश

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