{"_id":"65c930d30cca00acd50f4956","slug":"villagers-of-ferozepur-said-relief-from-holiday-animals-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1001-116749-2024-02-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: मोरना - फिरोजपुर के ग्रामीण बोले, छुट्टा पशुओं से मिले राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: मोरना - फिरोजपुर के ग्रामीण बोले, छुट्टा पशुओं से मिले राहत
Mon, 12 Feb 2024 02:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 12 Feb 2024 02:10 AM IST
विज्ञापन
शुकतीर्थ में जनसभा के लिए तैयार किया गया विशाल पंडाल।
- बोले किसान - सरकार को फसलों को बचाने का इंतजाम करना चाहिए
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। गांव फिरोजपुर के किसान 93 वर्षीय किसान वीरपाल बालियान ने बताया कि छुट्टा पशुओं ने खेत में खड़ी गेहूं व बरसी की फसल को उजाड़कर रख दिया है। सरकार को फसलों को बचाने का इंतजाम करना चाहिए।
चीनी मिल मोरना का विस्तारीकरण हो जाए तो किसानों के लिए अच्छा होगा। ग्रामीण मोहित कुमार और किसान चौधरी योगेश कुमार ने बताया कि किसानों के लिए और बेहतर कार्य होना चाहिए। प्रमुख समस्या छुट्टा पशुओं की है। पहले हमें बाढ़ के पानी ने नुकसान पहुंचाया और अब छुट्टा पशु फसलों को उजाड़ रहे हैं। यह दोहरी मार कब तक झेलें। हालांकि बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकार की ओर से सहायता धनराशि मिल चुकी है।
किसान चौधरी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि गन्ने का समर्थन मूल्य बीस रुपये और अधिक होना चाहिए। किसान सम्मान निधि के छह हजार रुपये के बजाय 12 हजार मिलें तो और अच्छा होगा। महिला पिंकी ने बताया कि महिलाओं के लिए कार्य होने चाहिए। युवा शुभम पाल, शोकेंद्र कुमार, राजकुमार ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। गांव फिरोजपुर के किसान 93 वर्षीय किसान वीरपाल बालियान ने बताया कि छुट्टा पशुओं ने खेत में खड़ी गेहूं व बरसी की फसल को उजाड़कर रख दिया है। सरकार को फसलों को बचाने का इंतजाम करना चाहिए।
चीनी मिल मोरना का विस्तारीकरण हो जाए तो किसानों के लिए अच्छा होगा। ग्रामीण मोहित कुमार और किसान चौधरी योगेश कुमार ने बताया कि किसानों के लिए और बेहतर कार्य होना चाहिए। प्रमुख समस्या छुट्टा पशुओं की है। पहले हमें बाढ़ के पानी ने नुकसान पहुंचाया और अब छुट्टा पशु फसलों को उजाड़ रहे हैं। यह दोहरी मार कब तक झेलें। हालांकि बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकार की ओर से सहायता धनराशि मिल चुकी है।
विज्ञापन
किसान चौधरी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि गन्ने का समर्थन मूल्य बीस रुपये और अधिक होना चाहिए। किसान सम्मान निधि के छह हजार रुपये के बजाय 12 हजार मिलें तो और अच्छा होगा। महिला पिंकी ने बताया कि महिलाओं के लिए कार्य होने चाहिए। युवा शुभम पाल, शोकेंद्र कुमार, राजकुमार ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
विज्ञापन