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दुकानें नहीं लगने से सब्जी व फल को तरसे कस्बे के लोग
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जानसठ में मेन रास्ते के दोनों ओर लगाते थे दुकानदार अपने अपने फड।
- फोटो : KHATAULI
दुकानें नहीं लगने से सब्जी व फल को परेशान लोग
मुजफ्फरनगर, जानसठ। प्रशासन द्वारा दुकानें लगाने का स्थान बदले जाने को लेकर दुकानदारों ने तीसरे दिन भी अपनी दुकानें नहीं लगाई। जिससे लोग सब्जी व फल के लिए तरसने लगे हैं। इतना ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहकों के सामने भी सब्जी व फलों को लेकर परेशानी आ गई है। दुकानदार पुराने स्थान पर ही दुकान लगाने पर अड़े हैं।
कस्बे में 12 जुलाई को मेरठ मंडल कमिश्नर एवं नोडल अधिकारी अनीता सी मेश्राम ने मेन रास्तों का निरीक्षण किया था। नोडल अधिकारी तालाब, नालों में गंदगी और दुकानों के बाहर अतिक्रमण को लेकर नगर पंचायत ईओ विनोद कुमार शुक्ला पर भड़क गई थीं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए दो दिन के भीतर ही गंदगी को साफ करने तथा अतिक्रमण को हटवाने के सख्त निर्देश दिए थे।
नोडल अधिकारी के निर्देश पर नगर पंचायत प्रशासन ने कस्बे में सफाई अभियान चलाया। रविवार को प्रशासन व नगर पंचायत द्वारा अतिक्रमण हटवाने के लिए मेन सड़क के किनारे फड़ लगाने वाले दुकानदारों को दूसरे स्थान भलेड़ी मार्ग पर दुकानें लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन फड़ दुकानदारों ने मानने से इंकार करते हुए बदले गए स्थान पर दुकानें नहीं लगाई थी। इस संबंध में दुकानदारों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पुराने स्थान पर ही दुकानें लगवाने की गुहार लगाई थी। प्रशासन या नगर पंचायत की ओर से दुकानदारों को कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं। जिसको लेकर दुकानदारों में आक्रोश है। आक्रोशित दुकानदार तीन दिन से अपनी दुकानें नहीं लगा रहे हैं। दुकानें नहीं लगने से कस्बा के अलावा देहात के ग्रामीण भी सब्जी व फल खरीदने को लेकर तरस गए हैं। फल व सब्जियों की दुकानें नहीं लगने से आमजन भी परेशान हैं और दुकानदारों के सामने रोजी रोटी कमाने के भी लाले पड़ गए हैं। दुकानदार किसी भी सूरत में पुराने स्थान पर अपनी दुकानें लगाने को तैयार नहीं है।
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- क्या कहते हैं नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी
नगर पंचायत ईओ विनोद शुक्ला का कहना है कि कोविड-19 को देखते हुए फड़ लगाने वाले दुकानों का स्थान बदला गया था। दुकानदारों के पदाधिकारियों से भी इस संबंध में बातचीत की गई थी। इसके बावजूद दुकानदारों ने स्थान बदलने को लेकर उनको किस तरह की परेशानियां है, उस परेशानियों ने उनको अवगत नहीं कराया गया है।
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मुजफ्फरनगर, जानसठ। प्रशासन द्वारा दुकानें लगाने का स्थान बदले जाने को लेकर दुकानदारों ने तीसरे दिन भी अपनी दुकानें नहीं लगाई। जिससे लोग सब्जी व फल के लिए तरसने लगे हैं। इतना ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहकों के सामने भी सब्जी व फलों को लेकर परेशानी आ गई है। दुकानदार पुराने स्थान पर ही दुकान लगाने पर अड़े हैं।
कस्बे में 12 जुलाई को मेरठ मंडल कमिश्नर एवं नोडल अधिकारी अनीता सी मेश्राम ने मेन रास्तों का निरीक्षण किया था। नोडल अधिकारी तालाब, नालों में गंदगी और दुकानों के बाहर अतिक्रमण को लेकर नगर पंचायत ईओ विनोद कुमार शुक्ला पर भड़क गई थीं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए दो दिन के भीतर ही गंदगी को साफ करने तथा अतिक्रमण को हटवाने के सख्त निर्देश दिए थे।
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नोडल अधिकारी के निर्देश पर नगर पंचायत प्रशासन ने कस्बे में सफाई अभियान चलाया। रविवार को प्रशासन व नगर पंचायत द्वारा अतिक्रमण हटवाने के लिए मेन सड़क के किनारे फड़ लगाने वाले दुकानदारों को दूसरे स्थान भलेड़ी मार्ग पर दुकानें लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन फड़ दुकानदारों ने मानने से इंकार करते हुए बदले गए स्थान पर दुकानें नहीं लगाई थी। इस संबंध में दुकानदारों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पुराने स्थान पर ही दुकानें लगवाने की गुहार लगाई थी। प्रशासन या नगर पंचायत की ओर से दुकानदारों को कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं। जिसको लेकर दुकानदारों में आक्रोश है। आक्रोशित दुकानदार तीन दिन से अपनी दुकानें नहीं लगा रहे हैं। दुकानें नहीं लगने से कस्बा के अलावा देहात के ग्रामीण भी सब्जी व फल खरीदने को लेकर तरस गए हैं। फल व सब्जियों की दुकानें नहीं लगने से आमजन भी परेशान हैं और दुकानदारों के सामने रोजी रोटी कमाने के भी लाले पड़ गए हैं। दुकानदार किसी भी सूरत में पुराने स्थान पर अपनी दुकानें लगाने को तैयार नहीं है।
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- क्या कहते हैं नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी
नगर पंचायत ईओ विनोद शुक्ला का कहना है कि कोविड-19 को देखते हुए फड़ लगाने वाले दुकानों का स्थान बदला गया था। दुकानदारों के पदाधिकारियों से भी इस संबंध में बातचीत की गई थी। इसके बावजूद दुकानदारों ने स्थान बदलने को लेकर उनको किस तरह की परेशानियां है, उस परेशानियों ने उनको अवगत नहीं कराया गया है।