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कोविड अस्पताल में महिला की मौत पर हंगामा
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मुजफ्फरनगर/मंसूरपुर। बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज स्थित कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कोरोना पॉजिटिव महिला मरीज की मौत को लेकर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। आरोप लगाया कि महिला मरीज के संबंध में सही जानकारी नहीं जा रही है। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हॉस्पिटल प्रबंधन ने महिला की मौत की जानकारी देते हुए शव परिजनों को सौंप दिया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामलीला टिल्ला निवासी 65 वर्षीय महिला को पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद गत आठ मई को बेगराजपुर स्थित कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार शाम महिला का बेटा हॉस्पिटल पहुंचा और काउंटर पर तैनात कर्मचारी से अपनी मां के बारे में जानकारी लेते हुए उनसे बात कराने को कहा। इस पर एक कर्मचारी अंदर पहुंचा और कुछ देर बाद लौटकर उसने महिला की मौत हो जाने की जानकारी दी।
इस पर बेटे ने महिला का शव दिए जाने की मांग की तो उसे एंबुलेंस का प्रबंध करने को कहा गया। जैसे-तैसे बेटे ने एंबुलेंस का प्रबंध किया तो उसे महिला के जीवित होने की जानकारी देकर लौटा दिया गया। बुधवार सुबह वह अपने ममेरे भाई विहिप नगराध्यक्ष विकास अग्रवाल और अन्य परिजनों के साथ फिर से कोविड हॉस्पिटल पहुंचा और मां के बारे में जानकारी ली तो उसे फिर से उनकी मौत की सूचना दी गई। आरोप है कि शव मांगे जाने पर महिला को जीवित बता दिया गया। इस पर हिंदू संगठनों के अन्य नेता भी हॉस्पिटल जा पहुंचे और प्रबंधन पर मरीजों के बारे में सही जानकारी परिजनों को नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
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जानकारी मिलने पर मंसूरपुर इंस्पेक्टर केपी सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को शांत कर हॉस्पिटल प्रबंधन से वार्ता की। इसके बाद उन्हें महिला मरीज की मौत हो चुके होने की जानकारी दी गई और कुछ देर बाद उनका शव भी सौंप दिया गया।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामलीला टिल्ला निवासी 65 वर्षीय महिला को पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद गत आठ मई को बेगराजपुर स्थित कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार शाम महिला का बेटा हॉस्पिटल पहुंचा और काउंटर पर तैनात कर्मचारी से अपनी मां के बारे में जानकारी लेते हुए उनसे बात कराने को कहा। इस पर एक कर्मचारी अंदर पहुंचा और कुछ देर बाद लौटकर उसने महिला की मौत हो जाने की जानकारी दी।
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इस पर बेटे ने महिला का शव दिए जाने की मांग की तो उसे एंबुलेंस का प्रबंध करने को कहा गया। जैसे-तैसे बेटे ने एंबुलेंस का प्रबंध किया तो उसे महिला के जीवित होने की जानकारी देकर लौटा दिया गया। बुधवार सुबह वह अपने ममेरे भाई विहिप नगराध्यक्ष विकास अग्रवाल और अन्य परिजनों के साथ फिर से कोविड हॉस्पिटल पहुंचा और मां के बारे में जानकारी ली तो उसे फिर से उनकी मौत की सूचना दी गई। आरोप है कि शव मांगे जाने पर महिला को जीवित बता दिया गया। इस पर हिंदू संगठनों के अन्य नेता भी हॉस्पिटल जा पहुंचे और प्रबंधन पर मरीजों के बारे में सही जानकारी परिजनों को नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
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जानकारी मिलने पर मंसूरपुर इंस्पेक्टर केपी सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को शांत कर हॉस्पिटल प्रबंधन से वार्ता की। इसके बाद उन्हें महिला मरीज की मौत हो चुके होने की जानकारी दी गई और कुछ देर बाद उनका शव भी सौंप दिया गया।