फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   UP: Chaudhary Mahendra Singh Tikait death anniversary today, read full story

UP: चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि आज, दुनियाभर में किसानों के लिए संघर्ष का उदाहरण बन गए मसीहा

Mon, 15 May 2023 12:22 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 15 May 2023 12:22 PM IST
सार

आज किसान मसीहा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि है। इस मौके पर चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साधारण से किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले चौधरी टिकैत किसानों के हित में किए गए संघर्ष से दुनिया भर में छा गए थे। 

विज्ञापन
UP: Chaudhary Mahendra Singh Tikait death anniversary today, read full story
महेंद्र सिंह टिकैत की पुणतिथि - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किसान मसीहा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत किसानों के दिल में बसते हैं। किसानों के लिए उनका संघर्ष मिसाल है।आज उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। जब टिकैत युवावस्था में थे तो उनकी मां मुखत्यारी देवी ने बेटे को पुलिस में दरोगा बनाने का सपना संजोया था, लेकिन टिकैत जिम्मेदारी में ऐसे उलझे कि पुलिस सेवा में नहीं गए। वक्त बदला तो वह भाकियू के अध्यक्ष बने और दुनियाभर में किसानों के लिए उनका संघर्ष उदाहरण बन गया।

विज्ञापन


बाबा टिकैत की जीवन पर लिखी गई किताब 'चौधरी टिकैत' में उनकी माता दिवंगत मुखत्यारी देवी ने अपने इस सपने का साझा किया था। पिता चौहल सिंह के निधन के बाद परिवार आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा था। चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने कक्षा सात तक की शिक्षा हासिल की, लेकिन पारिवारिक समस्याओं में पढ़ाई छोड़नी पड़ी। बाल्यावस्था में ही बालियान खाप के चौधरी बनाए गए और इसके बाद उन्हें भाकियू की जिम्मेदारी मिली।
विज्ञापन

 

यह भी पढ़ें: Meerut News: खिसके मुस्लिम वोट बैंक को फिर से पाना सपा के लिए बड़ी चुनौती, खोज रहे हार के कारण
विज्ञापन
विज्ञापन

UP: Chaudhary Mahendra Singh Tikait death anniversary today, read full story
महेंद्र सिंह टिकैत की पुणतिथि पर कार्यक्रम में मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला
भाकियू ने आकार लेना शुरू किया तो पुलिस के साथ आए दिन कहीं न कहीं सामना होने लगा। चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने किसानों के लिए पुलिस की लाठियां तक झेलीं। उन्होंने अपनी मां की याद में सिसौली में मुखत्यारी देवी टिकैत डिग्री कॉलेज की नींव रखवाई। वह खुद पुलिस में नहीं जा सके, लेकिन अपने बेटे चौधरी राकेश टिकैत को उन्होंने जरूर पुलिस में भेजा था। पिता के निधन के बाद टिकैत का बचपन अपने चाचा कंवल सिंह की देखरेख में बीता। चाचा के हुक्के की चिलम भरते-भरते एक दिन टिकैत भी हुक्का पीने लग गए थे।

UP: Chaudhary Mahendra Singh Tikait death anniversary today, read full story
चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत - फोटो : अमर उजाला
मुंडभर में बसती थी चौधरी टिकैत की आत्मा
किसान मसीहा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की आत्मा जीवनभर मुंडभर गांव में ही बसी रही। मुंडभर के किसानों ने भी हमेशा टिकैत की ढाल बनकर साथ दिया। टिकैत ने सार्वजनिक रूप से कई बार मुंडभर के सहयोग की सराहना की। मुंडभर में बिजलीघर का निर्माण भी कराया।


 

UP: Chaudhary Mahendra Singh Tikait death anniversary today, read full story
चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत से बातचीत करते हुए चंद्रपाल सिंह फौजी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

अच्छा काम करने वाले बनते हैं छोटूराम और चरण सिंह
15 मई 2011, दिन रविवार, सुबह के 7 बजकर 5 मिनट का समय। बीमार हाल चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने आंखें खोली। सामने पौत्र गौरव टिकैत बैठे हुए थे। चौधरी टिकैत ने मुस्कुराते हुए दृष्टांत दिया कि अच्छा काम करने वाले सर छोटूराम, चौधरी चरण सिंह और भगत सिंह जैसे बन जाते हैं, लेकिन अगर कोई सही राह पर नहीं चलेगा तो समाज में नाम भी तोड़-मरोड़ दिए जाते हैं। टिकैत के यही आखिरी शब्द थे।

UP: Chaudhary Mahendra Singh Tikait death anniversary today, read full story
चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत - फोटो : amar ujala

किताबों में चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत
भाकियू अध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के जीवन पर छह किताबें भी लिखी गई। वर्ष 1992 में लीबिया विश्वविद्यालय सभा के प्रोफेसर डॉ. महेंद्र सिंह राठी ने चौधरी टिकैत के नाम से किताब लिखी। इसके बाद सिसौली के रामभरोसे ने संक्षिप्त जीवन परिचय जारी किया। अधिवक्ता अशोक बालियान ने वर्ष 2003 में किसान आंदोलन में चौधरी टिकैत की भूमिका लिखी। उनके जीवन पर कुल छह किताबें प्रकाशित हुई।

UP: Chaudhary Mahendra Singh Tikait death anniversary today, read full story
चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत - फोटो : अमर उजाला
टिकैत ने सुनाया फैसला और शुरू हुआ मुकाबला
चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने जीवन का पहला महत्वपूर्ण फैसला केवल 16 साल की उम्र में किया था। वर्ष 1955 में जनता इंटर कॉलेज सिसौली में बागपत के टीकरी और सिसौली की टीमों के बीच स्कूली हॉकी प्रतियोगिता के एक मैच में विवाद हो गया था। विवाद बढ़ा तो खिलाड़ियों की उम्र के ही खाप चौधरी टिकैत को मौके पर बुलाया गया। महज 16 साल की उम्र में टिकैत ने खिलाड़ियों की पीठ थपथपाते हुए जब यह कहा कि खिलाड़ी कभी एक गोल की चिंता नहीं करता तो दोनों टीमें फिर मैदान में उतरी।

 

UP: Chaudhary Mahendra Singh Tikait death anniversary today, read full story
चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत - फोटो : अमर उजाला
खाप पंचायतों के सारथी रहे टिकैत
भाकियू कोषाध्यक्ष दरियाव सिंह बताते हैं कि चौधरी टिकैत ने सामाजिक पंचायतों के आयोजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 1950, 1956 और 1963 की सर्वखाप पंचायतों में टिकैत की मौजूदगी रही। वर्ष 2006 और 2010 में टिकैत ने सौरम में ऐतिहासिक पंचायतों का आयोजन कर नया अध्याय भी लिखा।

UP: Chaudhary Mahendra Singh Tikait death anniversary today, read full story
महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि - फोटो : अमर उजाला

सिसौली में आज मनाई जा रही है महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि
भाकियू अध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि सोमवार को कस्बे के किसान भवन पर मनाई जा रही है। भाकियू नेता गौरव टिकैत ने बताया कि पुण्यतिथि पर सुबह आठ बजे किसान भवन पर यज्ञ आयोजित किया गया। इसके बाद वीर सैनिक सम्मान समारेाह और रक्तदान शिविर एवं मेडिकल जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed