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पारदर्शिता के साथ कराई जाएं यूपी बोर्ड परीक्षा : डीएम
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- केंद्र व्यवस्थापकों और स्टेटिक व सेक्टर मजिस्ट्रेट की बैठक आयोजित, दिए दिशा निर्देश
- डीआईओएस ने समझाया परीक्षा कराने का तरीका, कड़ी सुरक्षा के बीच होगी बोर्ड परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने निर्देश दिए कि यूपी बोर्ड परीक्षा को गंभीरता और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जाएं। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। परीक्षा ड्यूटी को लेकर गंभीरता बरतें। जिले में कुल 75 परीक्षा केंद्र बनाए गए है।
कलक्ट्रेट स्थित चौधरी चरण सिंह सभागार में बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। केंद्र व्यवस्थापकों, स्टेटिक, सेक्टर मजिस्ट्रेट और प्रधानाचार्यों को दिशा निर्देश दिए गए। डीएम ने वर्चुअल माध्यम से बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र व्यवस्थापक व अन्य सभी अधिकारी शासन के नियम निर्देशों का भली भांति अध्ययन कर आदेशों का पालन करें। परीक्षा केंद्रों का वातावरण भयमुक्त होना चाहिए।
सीडीओ संदीप भागिया ने कहा कि परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर सभी परीक्षार्थियों की तलाशी के बाद ही प्रवेश कराने की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करें। सीसीटीवी कैमरों, वॉयस रिकार्डिंग आदि के प्रभावी रूप से कार्य करने की जांच प्रतिदिन की जानी चाहिए। परीक्षा केंद्रों पर जल, स्वच्छता, प्राथमिक चिकित्सा, अग्निशमन यंत्रों आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं।
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परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल होगा तैनात
अपर जिलाधिकारी प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों का विशेष रूप से निरंतर सघन निरीक्षण किया जाएगा। सशस्त्र पुलिस बल की पर्याप्त व्यवस्था कर दी गई है। किसी भी स्थिति में परीक्षा अवधि में बाहरी व्यक्ति को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश नहीं देना है।
परीक्षा प्रक्रिया को समझाया
डीआईओएस गजेंद्र कुमार ने सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों के कर्तव्यों व अधिकारों के साथ ओएमआर शीट पूर्ण कर संकलन आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कहा कि प्रश्नपत्र का लिफाफा खोलते समय उसके ऊपर अंकित विवरण प्रश्नपत्र संकेतांक विषय एवं प्रश्नपत्र और परीक्षा तिथि एवं पाली का मिलान भलीभांति करने के बाद ही लिफाफे का कवर कटवाएं। विद्यालय में प्रश्नपत्र प्राप्त होने के बाद से 24 घंटे ऑनलाइन कैमरे क्रियाशील रहेंगे।
सभी के लिए प्रतिबंधित रहेगा मोबाइल
डीआईओएस ने बताया कि परीक्षा अवधि में परीक्षार्थियों, कक्ष निरीक्षकों और परीक्षा कार्य में लगे अन्य कर्मचारियों द्वारा मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। केंद्र व्यवस्थापक, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट ही फोन रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि फोन जमा करने के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी।
विद्यार्थी नंगे पैर नहीं देंगे परीक्षा
डीआईओएस ने निर्देशित किया कि परीक्षा से पहले विद्यार्थी की तलाशी जरूर लें। उसके बाद उन्हें जूते पहनने दें। कोई भी विद्यार्थी नंगे पैर परीक्षा देता हुआ ना पाया जाएं। किसी भी विद्यार्थी के जूते परीक्षा रुम के बाहर नहीं मिलने चाहिए।
ये रहे मौजूद
नगर मजिस्ट्रेट अनूप सिंह, डीआईओएस गजेंद्र कुमार, सीओ हेमंत कुमार, बीएसए शुभम शुक्ला, प्रधानाचार्य डॉ. विकास कुमार, प्रधानाचार्य शैलेंद्र त्यागी, ललित मोहन गुप्ता, सुधीर त्यागी और भारत कुमार मौजूद रहे।
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- डीआईओएस ने समझाया परीक्षा कराने का तरीका, कड़ी सुरक्षा के बीच होगी बोर्ड परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने निर्देश दिए कि यूपी बोर्ड परीक्षा को गंभीरता और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जाएं। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। परीक्षा ड्यूटी को लेकर गंभीरता बरतें। जिले में कुल 75 परीक्षा केंद्र बनाए गए है।
कलक्ट्रेट स्थित चौधरी चरण सिंह सभागार में बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। केंद्र व्यवस्थापकों, स्टेटिक, सेक्टर मजिस्ट्रेट और प्रधानाचार्यों को दिशा निर्देश दिए गए। डीएम ने वर्चुअल माध्यम से बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र व्यवस्थापक व अन्य सभी अधिकारी शासन के नियम निर्देशों का भली भांति अध्ययन कर आदेशों का पालन करें। परीक्षा केंद्रों का वातावरण भयमुक्त होना चाहिए।
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सीडीओ संदीप भागिया ने कहा कि परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर सभी परीक्षार्थियों की तलाशी के बाद ही प्रवेश कराने की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करें। सीसीटीवी कैमरों, वॉयस रिकार्डिंग आदि के प्रभावी रूप से कार्य करने की जांच प्रतिदिन की जानी चाहिए। परीक्षा केंद्रों पर जल, स्वच्छता, प्राथमिक चिकित्सा, अग्निशमन यंत्रों आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं।
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परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल होगा तैनात
अपर जिलाधिकारी प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों का विशेष रूप से निरंतर सघन निरीक्षण किया जाएगा। सशस्त्र पुलिस बल की पर्याप्त व्यवस्था कर दी गई है। किसी भी स्थिति में परीक्षा अवधि में बाहरी व्यक्ति को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश नहीं देना है।
परीक्षा प्रक्रिया को समझाया
डीआईओएस गजेंद्र कुमार ने सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों के कर्तव्यों व अधिकारों के साथ ओएमआर शीट पूर्ण कर संकलन आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कहा कि प्रश्नपत्र का लिफाफा खोलते समय उसके ऊपर अंकित विवरण प्रश्नपत्र संकेतांक विषय एवं प्रश्नपत्र और परीक्षा तिथि एवं पाली का मिलान भलीभांति करने के बाद ही लिफाफे का कवर कटवाएं। विद्यालय में प्रश्नपत्र प्राप्त होने के बाद से 24 घंटे ऑनलाइन कैमरे क्रियाशील रहेंगे।
सभी के लिए प्रतिबंधित रहेगा मोबाइल
डीआईओएस ने बताया कि परीक्षा अवधि में परीक्षार्थियों, कक्ष निरीक्षकों और परीक्षा कार्य में लगे अन्य कर्मचारियों द्वारा मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। केंद्र व्यवस्थापक, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट ही फोन रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि फोन जमा करने के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी।
विद्यार्थी नंगे पैर नहीं देंगे परीक्षा
डीआईओएस ने निर्देशित किया कि परीक्षा से पहले विद्यार्थी की तलाशी जरूर लें। उसके बाद उन्हें जूते पहनने दें। कोई भी विद्यार्थी नंगे पैर परीक्षा देता हुआ ना पाया जाएं। किसी भी विद्यार्थी के जूते परीक्षा रुम के बाहर नहीं मिलने चाहिए।
ये रहे मौजूद
नगर मजिस्ट्रेट अनूप सिंह, डीआईओएस गजेंद्र कुमार, सीओ हेमंत कुमार, बीएसए शुभम शुक्ला, प्रधानाचार्य डॉ. विकास कुमार, प्रधानाचार्य शैलेंद्र त्यागी, ललित मोहन गुप्ता, सुधीर त्यागी और भारत कुमार मौजूद रहे।