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Muzaffarnagar News: बदला लेने को दो दोस्तों ने की अतुल की हत्या, खेत में छिपाया शव, आरोपी गिरफ्तार
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मुजफ्फरनगर। खतौली क्षेत्र के गांव भैंसी निवासी 29 अगस्त से लापता कारपेंटर अतुल की हत्या उसके दो दोस्तों ने की थी। इसके बाद शव को दिल्ली-देहरादून हाईवे किनारे खेत में छिपा दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों भैंसी निवासी सोनू व तालिब को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर शव बरामद किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता में बताया कि अतुल गांव में ही काम कर रहा था। 29 अगस्त को दोपहर में वह खाना खाने के बाद लापता हो गया था। अतुल के भाई कपिल ने गांव के ही सोनू और तालिब पर हत्या के इरादे से गायब करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को नावला भैंसी रास्ते पुलिया के पास से गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर लापता कारपेंटर का शव हाईवे किनारे बिजेंद्र के खेत से बरामद किया गया। शव को कीड़े और जंगली जानवरों ने खा लिया था और उसके अंग भी अलग-अलग थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अतुल, गिरफ्तार सोनू के भाई और बहन को गलत बातें कहकर बदनाम करता था। इसी बदनामी का बदला लेने के लिए सोनू और तालिब ने अतुल की हत्या की योजना बनाई। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू भैंसी रजबहा के निकट गन्ने के खेत से बरामद किया। नाले से मृतक का तोड़ा गया मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई।
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-परिजनों को किया गुमराह
सोनू का अतुल के घर काफी आना-जाना था। किसी को उस पर शक न हो, इसलिए वह परिजनों के साथ अतुल को तलाश करने में मदद करता रहा। सोनू परिजनों के साथ पुलिस कार्यालय भी पहुंचा था। इस तरह उसने पुलिस और परिवार दोनों को गुमराह करने की कोशिश की। प्रेसवार्ता में क्षेत्राधिकारी खतौली रुपाली राय और थानाध्यक्ष खतौली दिनेश बघेल भी मौजूद रहे।
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यह थी रंजिश-
सोनू ने पुलिस को बताया कि तालिब और अतुल एक ही गांव के हैं और दोस्त थे। दोनों कारपेंटर का काम करते थे, उसने भी करनाल में अतुल के साथ कारपेंटर का काम किया था। अतुल उसके बड़े भाई बबलू और छोटी बहन के बारे में गांव में गलत बातें कहकर उनकी बदनामी करता था। इसी बात को लेकर तीन माह पहले उसकी अतुल से कहासुनी हुई थी। वह तालिब को भी बदनाम करता था। इसके चलते उसने और तालिब ने अतुल की हत्या की योजना बनाई।
-पहले दोनों आरोपियों ने बीयर पी
28 अगस्त को तिगाई ठेके पर दोनों आरोपियों ने बीयर पी। तालिब ने काम करने के दौरान सोनू को भैंसी गांव स्थित कारखाने पर बुलाया। वहां अतुल भी मौजूद था। इसके बाद दोनों अतुल को अमरूद खिलाने के बहाने हाईवे किनारे पॉपुलर के बाग के पास ले गए। वहां से जंगल में ले गए और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या की पुष्टि के लिए सोनू ने चाकू से अतुल की गर्दन पर वार किया। इसके बाद शव और चाकू को वहीं ईंख के खेत में छिपा दिया।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता में बताया कि अतुल गांव में ही काम कर रहा था। 29 अगस्त को दोपहर में वह खाना खाने के बाद लापता हो गया था। अतुल के भाई कपिल ने गांव के ही सोनू और तालिब पर हत्या के इरादे से गायब करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को नावला भैंसी रास्ते पुलिया के पास से गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर लापता कारपेंटर का शव हाईवे किनारे बिजेंद्र के खेत से बरामद किया गया। शव को कीड़े और जंगली जानवरों ने खा लिया था और उसके अंग भी अलग-अलग थे।
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पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अतुल, गिरफ्तार सोनू के भाई और बहन को गलत बातें कहकर बदनाम करता था। इसी बदनामी का बदला लेने के लिए सोनू और तालिब ने अतुल की हत्या की योजना बनाई। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू भैंसी रजबहा के निकट गन्ने के खेत से बरामद किया। नाले से मृतक का तोड़ा गया मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई।
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-परिजनों को किया गुमराह
सोनू का अतुल के घर काफी आना-जाना था। किसी को उस पर शक न हो, इसलिए वह परिजनों के साथ अतुल को तलाश करने में मदद करता रहा। सोनू परिजनों के साथ पुलिस कार्यालय भी पहुंचा था। इस तरह उसने पुलिस और परिवार दोनों को गुमराह करने की कोशिश की। प्रेसवार्ता में क्षेत्राधिकारी खतौली रुपाली राय और थानाध्यक्ष खतौली दिनेश बघेल भी मौजूद रहे।
यह थी रंजिश-
सोनू ने पुलिस को बताया कि तालिब और अतुल एक ही गांव के हैं और दोस्त थे। दोनों कारपेंटर का काम करते थे, उसने भी करनाल में अतुल के साथ कारपेंटर का काम किया था। अतुल उसके बड़े भाई बबलू और छोटी बहन के बारे में गांव में गलत बातें कहकर उनकी बदनामी करता था। इसी बात को लेकर तीन माह पहले उसकी अतुल से कहासुनी हुई थी। वह तालिब को भी बदनाम करता था। इसके चलते उसने और तालिब ने अतुल की हत्या की योजना बनाई।
-पहले दोनों आरोपियों ने बीयर पी
28 अगस्त को तिगाई ठेके पर दोनों आरोपियों ने बीयर पी। तालिब ने काम करने के दौरान सोनू को भैंसी गांव स्थित कारखाने पर बुलाया। वहां अतुल भी मौजूद था। इसके बाद दोनों अतुल को अमरूद खिलाने के बहाने हाईवे किनारे पॉपुलर के बाग के पास ले गए। वहां से जंगल में ले गए और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या की पुष्टि के लिए सोनू ने चाकू से अतुल की गर्दन पर वार किया। इसके बाद शव और चाकू को वहीं ईंख के खेत में छिपा दिया।