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Muzaffarnagar News: जीएसटी चोरी के मामले में दो को नहीं मिली जमानत
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मुजफ्फरनगर। फर्जी ई-वे बिल तैयार कर करोड़ों रुपये की जीएसटी चाेरी के मामले में अदालत ने दो आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
खालापार पुलिस ने 27 अगस्त को मेरठ रोड़ स्थित जेड़.के कॉम्लेक्स बिल्डि़ग की दूसरी मंजिल पर फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये की चोरी की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारकर फर्जी फर्मों के फर्जी बिलों के नाम से करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी का मामला पकड़ में आया।
पुलिस ने मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी मोहम्मद नदीम सैफी और सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम सरवट निवासी मोहम्मद समीर को गिरफ्तार किया गया। दोनों के कब्जे से छह लैपटाॅप, तीन प्रिंटर मशीन, तीन मोबाइल फोन, एक कैलकुलटेर, जीएसटी की 116 फाइलें बरामद की थीं। जांच पड़ताल में से विभिन्न प्रांतों की कई कंपनियों के 103 मुहरें मिलीं थी। आरोपियों पर फर्जी तरीके से टैक्स की इनवॉयस, धर्मकांटे की पर्ची, ट्रांसपोर्टर की फर्जी रसीदें एवं ई-वेस्ट फार्म को फर्जी तरीके से तैयार करने के संबंध में मुकदमा कायम कराया गया। बचाव पक्ष ने तर्क पक्ष रखा कि वो सह अभियुक्त मल्हूपुरा निवासी शादाब की कंपनी में नौकरी करते थे। जिला सत्र न्यायाधीश बीरेंद्र कुमार सिंह ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
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खालापार पुलिस ने 27 अगस्त को मेरठ रोड़ स्थित जेड़.के कॉम्लेक्स बिल्डि़ग की दूसरी मंजिल पर फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये की चोरी की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारकर फर्जी फर्मों के फर्जी बिलों के नाम से करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी का मामला पकड़ में आया।
पुलिस ने मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी मोहम्मद नदीम सैफी और सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम सरवट निवासी मोहम्मद समीर को गिरफ्तार किया गया। दोनों के कब्जे से छह लैपटाॅप, तीन प्रिंटर मशीन, तीन मोबाइल फोन, एक कैलकुलटेर, जीएसटी की 116 फाइलें बरामद की थीं। जांच पड़ताल में से विभिन्न प्रांतों की कई कंपनियों के 103 मुहरें मिलीं थी। आरोपियों पर फर्जी तरीके से टैक्स की इनवॉयस, धर्मकांटे की पर्ची, ट्रांसपोर्टर की फर्जी रसीदें एवं ई-वेस्ट फार्म को फर्जी तरीके से तैयार करने के संबंध में मुकदमा कायम कराया गया। बचाव पक्ष ने तर्क पक्ष रखा कि वो सह अभियुक्त मल्हूपुरा निवासी शादाब की कंपनी में नौकरी करते थे। जिला सत्र न्यायाधीश बीरेंद्र कुमार सिंह ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
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