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प्लेटफार्म नंबर एक पर लावारिस हालत में दो बच्चियां मिलीं
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 02 Jul 2018 12:29 AM IST
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अस्पताल में भर्ती रेलवे स्टेशन पर मिली लावारिस बच्ची।
- फोटो : अमर उजाला
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एक दिन की नवजात को माता-पिता द्वारा खालापार में मकान की चौखट पर छोड़ने की घटना के बाद रेलवे स्टेशन पर कोई अपनी दो मासूम बच्चियों को छोड़कर चला गया। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर दोनों बच्चियां बेसुध मिली। जीआरपी ने उन्हें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंप दिया, जिन्हें बाद में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जीआरपी इन मासूमों के परिजनों की तलाश में लगी है। जीआरपी का अनुमान है कि पारिवारिक कलह या आर्थिक तंगी के कारण दोनों बेटियों को यहां जानबूझ कर छोड़ा गया है।
रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पार्सल हाल के सामने एक बेंच पर दो मासूम बच्चियां लावारिस मिली, जिनमें से एक की उम्र करीब एक साल और दूसरी की उम्र लगभग ढाई साल है। छोटी बच्ची बिलख रही थी, जबकि बड़ी बेसुध थी। यात्रियों की मौके पर भीड़ लग गई।
सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची। यात्रियों से इन बच्चियों के बारे में जानकारी ली गई, मगर किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। माइक से एनाउंस भी कराया गया, लेकिन कोई भी बच्चियों को लेने नहीं आया। जीआरपी थाना प्रभारी किशन अवतार भी आ गए। काफी देर बाद भी कोई दोनों मासूम बेटियों को लेने नहीं आया तो जीआरपी उन्हें थाने ले आई। थाना प्रभारी ने चाईल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) अध्यक्ष कमलेश देवी से संपर्क कर इस संबंध में जानकारी दी।
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उन्होंने टीम के साथ मौके पर आकर बच्चियों को देखा। जीआरपी ने लिखापढ़ी कर दोनों को सीडब्ल्यूसी के सुपुर्द कर दिया। बाद में दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार किया। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि दोनों बच्ची काफी कमजोर हैं, वो कुपोषण का शिकार है। दोनों का उपचार चल रहा है।
जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों बच्ची शायद बहनें हो सकती हैं। अनुमान है कि दोनों को परिजन पारिवारिक कलह या आर्थिक तंगी के कारण यहां जानबूझ कर छोड़ गए हैं। पहनावे से बच्चियां मध्यम वर्गीय परिवार से लग रही है। इस संबंध में जांच पड़ताल की जा रही है। उल्लेखनीय है कि गत माह भी शहर कोतवाली के खालापार में एक मां लोकलाज के चलते अपनी एक दिन की नवजात बेटी को एक मकान की चौखट पर छोड़ गई थी। यह प्रकरण सुर्खियों में रहा था।
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रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पार्सल हाल के सामने एक बेंच पर दो मासूम बच्चियां लावारिस मिली, जिनमें से एक की उम्र करीब एक साल और दूसरी की उम्र लगभग ढाई साल है। छोटी बच्ची बिलख रही थी, जबकि बड़ी बेसुध थी। यात्रियों की मौके पर भीड़ लग गई।
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सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची। यात्रियों से इन बच्चियों के बारे में जानकारी ली गई, मगर किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। माइक से एनाउंस भी कराया गया, लेकिन कोई भी बच्चियों को लेने नहीं आया। जीआरपी थाना प्रभारी किशन अवतार भी आ गए। काफी देर बाद भी कोई दोनों मासूम बेटियों को लेने नहीं आया तो जीआरपी उन्हें थाने ले आई। थाना प्रभारी ने चाईल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) अध्यक्ष कमलेश देवी से संपर्क कर इस संबंध में जानकारी दी।
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उन्होंने टीम के साथ मौके पर आकर बच्चियों को देखा। जीआरपी ने लिखापढ़ी कर दोनों को सीडब्ल्यूसी के सुपुर्द कर दिया। बाद में दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार किया। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि दोनों बच्ची काफी कमजोर हैं, वो कुपोषण का शिकार है। दोनों का उपचार चल रहा है।
जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों बच्ची शायद बहनें हो सकती हैं। अनुमान है कि दोनों को परिजन पारिवारिक कलह या आर्थिक तंगी के कारण यहां जानबूझ कर छोड़ गए हैं। पहनावे से बच्चियां मध्यम वर्गीय परिवार से लग रही है। इस संबंध में जांच पड़ताल की जा रही है। उल्लेखनीय है कि गत माह भी शहर कोतवाली के खालापार में एक मां लोकलाज के चलते अपनी एक दिन की नवजात बेटी को एक मकान की चौखट पर छोड़ गई थी। यह प्रकरण सुर्खियों में रहा था।