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Muzaffarnagar News: तुषार शर्मा ने पेपर स्टिक से बनाया भगवान जगन्नाथ का रथ
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। युवा कलाकार तुषार शर्मा ने मैगजीन पाइप और पेपर स्टिक की मदद से भगवान जगन्नाथ का रथ तैयार किया है। उन्होंने कहा कि इसे तैयार करने में 17 दिन लगे। यह रथ सिर्फ एक मॉडल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और पर्यावरण के प्रति समर्पण का प्रतीक बन गया है।
गांधी कॉलोनी निवासी कलाकार ने बताया कि रथ के आगे लगाए गए चार घोड़े पूरी भव्यता के साथ रथ को खींचते प्रतीत होते हैं। शिखर पर लहराता ध्वज, उसके नीचे की बारीकी से बनी परतें और ऊपर की लाइटिंग इसे दिव्य आभा प्रदान करती हैं। रथ के पीछे दोनों ओर बनाई गई सीढ़ियां, शास्त्रीय रथ शिल्प की याद दिलाती हैं। सिंहासन, मंडप, मुख्य द्वार, सजावटी फ्रेम और बॉर्डर, सब कुछ पेपर से बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि रचनात्मकता और श्रद्धा मिलकर कचरे को भी कंचन बना सकती हैं। इस रथ में किसी भी प्रकार की लकड़ी, प्लास्टिक या धातु का उपयोग नहीं हुआ। इस तरह का प्रयास भारतीय लोक संस्कृति और पर्यावरण-संरक्षण के लिए भी मिसाल बन सकता है।
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मुजफ्फरनगर। युवा कलाकार तुषार शर्मा ने मैगजीन पाइप और पेपर स्टिक की मदद से भगवान जगन्नाथ का रथ तैयार किया है। उन्होंने कहा कि इसे तैयार करने में 17 दिन लगे। यह रथ सिर्फ एक मॉडल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और पर्यावरण के प्रति समर्पण का प्रतीक बन गया है।
गांधी कॉलोनी निवासी कलाकार ने बताया कि रथ के आगे लगाए गए चार घोड़े पूरी भव्यता के साथ रथ को खींचते प्रतीत होते हैं। शिखर पर लहराता ध्वज, उसके नीचे की बारीकी से बनी परतें और ऊपर की लाइटिंग इसे दिव्य आभा प्रदान करती हैं। रथ के पीछे दोनों ओर बनाई गई सीढ़ियां, शास्त्रीय रथ शिल्प की याद दिलाती हैं। सिंहासन, मंडप, मुख्य द्वार, सजावटी फ्रेम और बॉर्डर, सब कुछ पेपर से बनाया गया है।
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उन्होंने कहा कि रचनात्मकता और श्रद्धा मिलकर कचरे को भी कंचन बना सकती हैं। इस रथ में किसी भी प्रकार की लकड़ी, प्लास्टिक या धातु का उपयोग नहीं हुआ। इस तरह का प्रयास भारतीय लोक संस्कृति और पर्यावरण-संरक्षण के लिए भी मिसाल बन सकता है।
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