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Muzaffarnagar News: मुस्लिम बच्चों को शिक्षित कर रही है तृप्ति, पूर्व छात्रों ने किया समर्थन

Sun, 27 Aug 2023 11:44 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 27 Aug 2023 11:44 PM IST
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Tripti is educating Muslim children, former students supported
- मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत के गन्नौर की है रहने वाली शिक्षिका तृप्ति त्यागी
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- पूर्व छात्रों ने शिक्षिका का बचाव किया, कहा- शिक्षिका की मंशा गलत नहीं थी
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की पिटाई कराने की आरोपी शिक्षिका तृप्ति त्यागी 30 साल से विभिन्न स्कूलों में पढ़ा रही है। पांच साल से घर में स्कूल है, जिसमें अधिकतर अल्पसंख्यक समाज के बच्चे पढ़ते हैं। उनके पूर्व छात्रों ने शिक्षिका का बचाव किया है। कहना है कि उनकी मंशा गलत नहीं थी।
सोनीपत के गन्नौर की रहने वाली तृप्ता त्यागी दिव्यांग है। उनका विवाह खुब्बापुर के किसान रविंद्र त्यागी के साथ हुआ है। तृप्ता त्यागी शिक्षिका बनना चाहती थी। इसके लिए उन्होंने बीएड किया। शादी के बाद ससुराल वालों ने उसे पढ़ाने से नहीं रोका। जिला मुख्यालय के अलावा शाहपुर और मंसूरपुर के विभिन्न स्कूलों में तृप्ति ने पिछले तीस साल पढ़ाया है। उनका मूल विषय अंग्रेजी है।
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बेटे और बेटी की शादी के बाद घर में ही पांच साल पहले स्कूल का संचालन शुरू किया। इससे पहले परिवार मुजफ्फरनगर रह रहा था। मामले के तूल पकड़ने के बाद गांव के ही उनके पूर्व छात्र सुल्तान का कहना है कि मामले को कुछ लोग राजनीतिक रंग दे रहे हैं। छह साल उनके पास पढ़ाई की। उनकी मंशा गलत नहीं थी। जाति और धर्म पर कोई टिप्पणी नहीं की। अगर किसी को बुरा लगा है तो उन्होंने गलती भी मान ली।
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बच्चों से सजा दिलाना मेरी भूल थी : तृप्ति
खुब्बापुर गांव की शिक्षिका तृप्ति त्यागी कह रही हैं कि उसके अपने किए का पछतावा है, इसकी गलती भी स्वीकार कर ली है। मुस्लिम बच्चों को पढ़ा रही हूं, अभिभावक आते हैं और कहते हैं कि मैडम सख्ती रखना, हमें बच्चे कामयाब करने हैं। बच्चों को अनुशासन में लाने के लिए सख्ती शुरू की। दिव्यांग हूं, कुर्सी से नहीं उठा जा रहा था। ऐसे में बच्चों से सजा दिलाई, लेकिन यह गलत हो गया। वायरल वीडियो की सच्चाई नहीं दिखाई गई। मैने मुस्लिमों पर कोई टिप्पणी नहीं की। आम बोलचाल की भाषा में सिर्फ यह कहा कि जितनी भी मोमडेन (मुस्लिम) मां हैं, वो अपने बच्चों को लेकर मायके न जाएं। क्योंकि एग्जाम शुरू होने वाले हैं। इससे पढ़ाई में नुकसान होगा। क्योंकि बच्चे एग्जाम नहीं दे पाएंगे। मेरी मंशा गलत नहीं थी।
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