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Muzaffarnagar News: दूधली में गोगा म्हाड़ी मंदिर का हुआ पर्यटन विकास
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मुजफ्फरनगर। चरथावल क्षेत्र के गांव दूधली में स्थित गोगा म्हाड़ी मंदिर का पर्यटन विकास कराया गया है। पर्यटन विभाग की देखरेख में कार्यदाई संस्था सीएनडीएस की ओर से एक करोड़ के बजट में यात्री भवन का निर्माण, इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण और अन्य जनसुविधाओं का विकास कराया है।
उप्र. राज्य पर्यटन विकास विभाग की ओर से जनपद के धार्मिक स्थलों का पर्यटन विकास कराया जा रहा है। जिसके तहत भवन का सुंदरीकरण, जीर्णोद्धार सहित श्रद्धालुओं के बैठने और ठहरने आदि की सुविधा भी शामिल है। चरथावल क्षेत्र के गांव दूधली में 700 वर्ष पुराना एतिहासिक म्हाड़ी मंदिर है। जिसे गोगामेड़ी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। प्रति वर्ष यहां गोगामेड़ी मेला लगता है। मंदिर के सुंदरीकरण के लिए एक करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया था।
कार्यदाई संस्था सीएनडीएस के सहायक अभियंता रामबीर सिंह ने बताया कि आवंटित बजट से मंदिर क्षेत्र में यात्री भवन का निर्माण कराया गया। मंदिर की सुंदरता बढाने के लिए भित्ती चित्रकारी और लाल पत्थर का काम कराया गया है। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर के समीप इंटरलॉकिंग सड़का निर्माण भी पूर्ण हो गया है।
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उप्र. राज्य पर्यटन विकास विभाग की ओर से जनपद के धार्मिक स्थलों का पर्यटन विकास कराया जा रहा है। जिसके तहत भवन का सुंदरीकरण, जीर्णोद्धार सहित श्रद्धालुओं के बैठने और ठहरने आदि की सुविधा भी शामिल है। चरथावल क्षेत्र के गांव दूधली में 700 वर्ष पुराना एतिहासिक म्हाड़ी मंदिर है। जिसे गोगामेड़ी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। प्रति वर्ष यहां गोगामेड़ी मेला लगता है। मंदिर के सुंदरीकरण के लिए एक करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया था।
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कार्यदाई संस्था सीएनडीएस के सहायक अभियंता रामबीर सिंह ने बताया कि आवंटित बजट से मंदिर क्षेत्र में यात्री भवन का निर्माण कराया गया। मंदिर की सुंदरता बढाने के लिए भित्ती चित्रकारी और लाल पत्थर का काम कराया गया है। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर के समीप इंटरलॉकिंग सड़का निर्माण भी पूर्ण हो गया है।
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