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केंद्र के हस्तक्षेप के बाद बिकी तितावी मिल    

Fri, 04 Nov 2016 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Fri, 04 Nov 2016 11:56 PM IST
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Titavi sugar mill
तितावी शुगर मिल। - फोटो : अमर उजाला
किसानों के गन्ना भुगतान को लेकर पिछले काफी दिनों से विवादों में चल रही तितावी चीनी मिल आईपीएल ग्रुप को बेच दी गई है। केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद कंपनी के मालिक सिद्धार्थ श्रीराम ने यह निर्णय लिया। केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने यह जानकारी देते हुए बताया कि एक सप्ताह में सभी कागजी कार्रवाई पूरी हो जाएगी। किसानों का 15 दिन में बकाया 154 करोड़ रुपये का एकमुश्त भुगतान कर दिया जाएगा।  
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जिला पंचायत के सभागार में तितावी क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्यों, प्रधानों और क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुझे सांसद और मंत्री बनने से ज्यादा खुशी तितावी मिल के बिकने और आईपीएल ग्रुप के खरीदे जाने से हुई है। चार साल से क्षेत्र के किसानों का समय से भुगतान नहीं हो रहा था, किसान अपने बच्चों की पढ़ाई की फीस तक नहीं चुका पा रहे थे। बैंकों में समय से पैसा जमा न करने के कारण अतिरिक्त ब्याज देना पड़ रहा था।
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सहारनपुर रैली में प्रधानमंत्री जी ने जब देश के किसानों का गन्ना भुगतान होने की बात कही थी तब किसानों ने मुझे घेरा कि तितावी का तो भुगतान नहीं हुआ। गन्ना भुगतान को लेकर वह सबसे ज्यादा परेशान थे। चार दिन पहले बघरा में किसानों ने बकाया 154 करोड़ रुपये दिए बिना तितावी को गन्ना नहीं देने का ऐलान किया था। यही नहीं तितावी के सभी कांटे भी उखाड़ दिए थे। डीएम, गन्ना आयुक्त, गन्ना मंत्री से जब कोई सहायता नहीं मिली तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने किसानों की यह समस्या रखी गई।
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केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद शुक्रवार को तितावी मिल के मालिक सिद्धार्थ श्रीराम और आईपीएल के अधिकारियों के बीच डील फाइनल हो गई है। आईपीएल कोआपरेटिव कंपनी है और भारत सरकार से जुड़ी है। खरीदारी की कागजी कार्रवाई एक सप्ताह में पूरी हो जाएगी और इसके एक सप्ताह बाद किसानों का समस्त 154 करोड़ रुपया एकमुश्त दे दिया जाएगा।

किसान अपना सारा गन्ना तितावी मिल को ही डालें। क्षेत्र के किसानों की यह इच्छा थी कि मिल बंद नहीं होनी चाहिए। आईपीएल ऐसी कंपनी है, जो लाभ और हानि दोनों में किसानों का समय से भुगतान करेगी। इस दौरान सुखबीर सिंह, गन्ना समिति के चेयरमैन हरिओम, जिला पंचायत सदस्य धीरेंद्र, संदीप मलिक, अमरनाथ, अजय चौधरी सहित क्षेत्र के अधिकतम ग्राम प्रधान मौजूद रहे।

भुगतान की जिम्मेदारी मेरी
मुजफ्फरनगर। संजीव बालियान ने किसानों से कहा कि तितावी चीनी मिल को किसान दिल खोलकर गन्ना दें। आईपीएल से भुगतान की जिम्मेदारी मेरी है। शनिवार से ही किसान गन्ना डालना शुरू कर दें।       

मलकपुर के किसानों की समस्या दूर होगी
मुजफ्फरनगर। केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि बागपत की मलकपुर चीनी मिल की समस्या भी वे हल करा सकते हैं। वहां की जनता उन्हें कहे तो वह तैयार हैं।       


मिल पर बड़ी देनदारी 
तितावी चीनी मिल पर किसानों का 154 करोड़ रुपया बकाया है। तमाम कोशिशों के बावजूद मिल प्रबंधन यह भुगतान नहीं कर पा रहा था। इसके अलावा मिल पर लगभग 250 करोड़ रुपया बैंकों का भी बकाया है। आईपीएल के साथ सशर्त अनुबंध हुआ है, जिसके आधार पर कर्मचारी मिल में ज्यों के त्यों काम करते रहेंगे। भाकियू के प्रेस प्रवक्ता धर्मेंद्र 
मलिक ने कहा कि किसानों के दबाव के आगे ही मालिकान मिल को बेचने के लिए मजबूर हुए हैं। डीएम डीके सिंह का भी प्रयास सराहनीय रहा है। 
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