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मजदूर को पीटने वाले अभियुक्तों को तीन-तीन साल की सजा
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मुजफ्फरनगर। कोल्हू में मजदूर की पिटाई के मामले में दो आरोपियों को अदालत ने तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय एससी/एसटी कोर्ट के न्यायाधीश जमशेद अली ने फैसला सुनाया।
लोक अभियोजक यशपाल सिंह और एडीजीसी फौजदारी सहदेव सिंह ने बताया कि अनुसूचित जाति का नत्थन सिंह गांव के कोल्हू में भट्ठी झोंकने का काम करता था। कोल्हू मालिक ने मजदूरी के पांच हजार रुपये नहीं दिए तो उसने कोल्हू पर जाना छोड़ दिया। इससे नाराज कोल्हू मालिक ने सात फरवरी 2005 को नत्थन सिंह के साथ गाली-गालौज और मारपीट की। उसे जबरन कोल्हू पर ले गए और प्रताड़ित किया। परिवार के लोग किसी तरह बचाकर लाए और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़ित के बेटे प्रवेश ने रतनपुरी थाने में आरोपी नरेंद्र पुत्र राजवीर और देवेंद्र पुत्र लीला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायालय एससी/एसटी कोर्ट के न्यायाधीश जमशेद अली ने की। शनिवार को दोनों अभियुक्तों को धारा 325 में तीन साल की सजा पांच हजार रुपये का जुर्माना, एससी/एसटी एक्ट में तीन साल की सजा दो हजार रुपये जुर्माना, धारा 506 में तीन साल की सजा एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 452 में तीन माह की सजा एक हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
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लोक अभियोजक यशपाल सिंह और एडीजीसी फौजदारी सहदेव सिंह ने बताया कि अनुसूचित जाति का नत्थन सिंह गांव के कोल्हू में भट्ठी झोंकने का काम करता था। कोल्हू मालिक ने मजदूरी के पांच हजार रुपये नहीं दिए तो उसने कोल्हू पर जाना छोड़ दिया। इससे नाराज कोल्हू मालिक ने सात फरवरी 2005 को नत्थन सिंह के साथ गाली-गालौज और मारपीट की। उसे जबरन कोल्हू पर ले गए और प्रताड़ित किया। परिवार के लोग किसी तरह बचाकर लाए और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़ित के बेटे प्रवेश ने रतनपुरी थाने में आरोपी नरेंद्र पुत्र राजवीर और देवेंद्र पुत्र लीला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
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प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायालय एससी/एसटी कोर्ट के न्यायाधीश जमशेद अली ने की। शनिवार को दोनों अभियुक्तों को धारा 325 में तीन साल की सजा पांच हजार रुपये का जुर्माना, एससी/एसटी एक्ट में तीन साल की सजा दो हजार रुपये जुर्माना, धारा 506 में तीन साल की सजा एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 452 में तीन माह की सजा एक हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
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