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हमले में तीन पालिका सदस्य गिरफ्तार, छात्र नेताओं और नगरपालिका कर्मचारियों से मारपीट में थे नामजद
Fri, 18 Jan 2019 12:11 AM IST
Deepak Kausik
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Published by: Deepak Kausik
Updated Fri, 18 Jan 2019 12:11 AM IST
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एसएसपी को ज्ञापन सौंपते प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
नगरपालिका चेयरपर्सन कार्यालय में सभासदों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नेताओं में मारपीट के मामले में पुलिस ने दो पालिका सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पालिका कर्मचारी व कर अधीक्षक से मारपीट के प्रकरण में नामजद पालिका सदस्य को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों आरोपी सभासदों का चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। चेयरपर्सन ने डीएम और एसएसपी से मिलकर गिरफ्तारी पर आपत्ति जताई तथा उनके पक्ष की तहरीर पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया।
नगर पालिका परिषद में बुधवार को दिन भर बवाल चला। बोर्ड की बैठक के बाद चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल के कक्ष में अभाविप नेताओं और सभासदों में मारपीट हुई थी। उस समय एडीएम प्रशासन अमित कुमार और ईओ कुमार भूपेंद्र भी वहीं मौजूद थे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक राहुल शर्मा ने वार्ड सभासद सरफराज, दिलशाद, आबिद और नदीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने रातोंरात वार्ड 49 के सरफराज और वार्ड पांच के दिलशाद को गिरफ्तार कर लिया, जबकि आबिद और नसीम की तलाश में दबिश दी गईं।
उधर, नगर पालिका के लिपिक पूरण सिंह और कर अधीक्षक आरडी पोरवाल से मारपीट एवं सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में नामजद वार्ड 20 के सभासद पवन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। उधर, चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने डीएम राजीव शर्मा और एसएसपी सुधीर कुमार सिंह से मिलकर सभासदों की गिरफ्तारी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि छात्र नेताओं को भेजकर उन पर हमला कराया गया। उनके पक्ष की तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। हमलावर युवक भाजपा के वार्ड 12 के सभासद नरेश चंद्र मित्तल के पुत्र अनमोल मित्तल के नेतृत्व में आए थे। उन्होंने एसएसपी को तहरीर देकर कार्रवाई करने की मांग की है।
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गिरफ्तारी पर कर्मचारियों ने खत्म की हड़ताल
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका के कर्मचारी और कर अधीक्षक से मारपीट की घटना के बाद पालिका कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी थी। बृहस्पतिवार को सुबह कर्मचारी धरने पर बैठ गए, लेकिन तभी प्रभारी ईओ कुमार भूपेंद्र सिंह आ गए। उन्होंने नामजद सभासद की गिरफ्तारी होने की जानकारी दी। इस पर कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी।
समझौते को पहुंचे सभासद के परिजन
मुजफ्फरनगर। वार्ड 20 के सभासद पवन के बड़े भाई और एक अन्य रिश्तेदार बृहस्पतिवार को नगर पालिका पहुंचे। उन्होंने कर अधीक्षक और लिपिक से बात की। उन्होंने घटना पर खेद जताते हुए मामले का निपटारा करने का अनुरोध किया। ईओ कुमार भूपेंद्र से भी मिले और मामले में समझौते की पेशकश की।
माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे भाजपाई
मुजफ्फरनगर। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के कार्यकर्ताओं ने एसएसपी को ज्ञापन देकर भाजपाइयों पर माहौल बिगाडऩे का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि घनी मुस्लिम आबादी में शवदाह गृह का निर्माण कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे शांति व्यवस्था को खतरा होगा तथा पर्यावरण भी प्रदूषित होगा। उन्होंने अभाविप नेताओं से मारपीट के मामले में सभासदों पर रिपोर्ट दर्ज करने को गलत बताया। कहा कि भाजपा नेताओं के दबाव में उन्हें आनन-फानन में गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने सभासदों से मुकदमे वापस लेने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष चौधरी इलम सिंह गुर्जर, शहर अध्यक्ष आसिफ खान, पंकज शर्मा, राशिद अब्बासी, नंदकिशोर मित्तल, योगेश ठाकुर, फैसल सैफी, सरफराज अंसारी, महफूज इलाही, मोनू गुर्जर, राशिद सैफी, कासिफ सिद्दीकी, फिरोज खान, जुगनू खान, हाजी असलम, सलमान सैफी आदि शामिल रहे।
राजनीति का अखाड़ा बन गई है नगर पालिका
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका राजनीति का अखाड़ा बन चुकी है। सत्ता और विपक्ष की चेयरपर्सन के बीच वर्चस्व की जंग है। सभासद भी धड़ों में बंटे हैं। हर तरफ चल रहे उठापटक के खेल में नगर की जनता बुरी तरह पिस रही है। विकास कार्य बाधित होने से नागरिकों में प्रशासन और पालिका दोनों के खिलाफ आक्रोश पनपने लगा है।
मुजफ्फरनगर नगर पालिका में अंजू अग्रवाल के चेयरपर्सन पद पर चुने जाने के बाद से ही विवाद शुरू हो गए थे। वह कांग्रेस से चुनी गई थीं। सत्ताधारियों को यह पसंद नहीं आया और उनमें खींचतान शुरू हो गई। एक साल बीतने के बाद भी सत्ता के प्रतिनिधियों और चेयरपर्सन के बीच उठापटक जारी है। बुधवार को तो हद ही हो गई। बोर्ड बैठक में जबर्दस्त हंगामा और मारपीट की घटनाओं ने पालिका की गरिमा को शर्मसार कर दिया। दिन भर नगर पालिका जंग का अखाड़ा बनी रही। दोनों घटनाओं में पांच सभासद नामजद हुए।
तीन को आनन-फानन में गिरफ्तार कर लिया गया। मारपीट की घटना में पुलिस का त्वरित एक्शन भी सवालों के घेरे में है। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल भी घटना को साजिश और पुलिस की कार्रवाई को दबाव बता रही हैं। साफ है कि नगर पालिका में जो कुछ भी हो रहा है वह राजनीतिक है। सत्ता और विपक्ष के इस संघर्ष में शहर का विकास कोसों दूर जा रहा है। मामला चाहे ईओ की तैनाती का हो या फिर बोर्ड बैठक कराने का। जहां भी जिसे मौका मिला राजनीतिक चालें चली गईं। इस शतरंजी खेल के यहीं समाप्त होने की उम्मीद भी नजर नहीं आ रही। अब देखना यह है कि सत्ता और विपक्ष के इस द्वंद्व में राजनीति की गरिमा कितना और नीचे जाती है।
इन समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत
- सफाई के मामले में शहर के बुरे हालात।
- कूड़ा निस्तारण के लिए नहीं चल रहा प्लांट।
- स्वच्छता सर्वेक्षण में कोई स्थान नहीं पा सका शहर।
- खस्ताहाल है नगर की प्रमुख सड़कें।
- जाम से रोजाना दो-चार होती है जनता।
- जल निकासी बड़ी समस्या, नहीं हो रहा समाधान।
- विवादों में अटक जाते हैं पालिका के प्रस्ताव।
- कार्यवाहक ईओ की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल।
- बार-बार बदले गए ईओ, नहीं बनी स्थायी कार्ययोजना।
- पालिका चेयरपर्सन और सत्ता के प्रतिनिधियों में रहा मतभेद।
- खींचतान में सात माह तक अटकी रही बोर्ड की बैठक।
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नगर पालिका परिषद में बुधवार को दिन भर बवाल चला। बोर्ड की बैठक के बाद चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल के कक्ष में अभाविप नेताओं और सभासदों में मारपीट हुई थी। उस समय एडीएम प्रशासन अमित कुमार और ईओ कुमार भूपेंद्र भी वहीं मौजूद थे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक राहुल शर्मा ने वार्ड सभासद सरफराज, दिलशाद, आबिद और नदीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने रातोंरात वार्ड 49 के सरफराज और वार्ड पांच के दिलशाद को गिरफ्तार कर लिया, जबकि आबिद और नसीम की तलाश में दबिश दी गईं।
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उधर, नगर पालिका के लिपिक पूरण सिंह और कर अधीक्षक आरडी पोरवाल से मारपीट एवं सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में नामजद वार्ड 20 के सभासद पवन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। उधर, चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने डीएम राजीव शर्मा और एसएसपी सुधीर कुमार सिंह से मिलकर सभासदों की गिरफ्तारी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि छात्र नेताओं को भेजकर उन पर हमला कराया गया। उनके पक्ष की तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। हमलावर युवक भाजपा के वार्ड 12 के सभासद नरेश चंद्र मित्तल के पुत्र अनमोल मित्तल के नेतृत्व में आए थे। उन्होंने एसएसपी को तहरीर देकर कार्रवाई करने की मांग की है।
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गिरफ्तारी पर कर्मचारियों ने खत्म की हड़ताल
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका के कर्मचारी और कर अधीक्षक से मारपीट की घटना के बाद पालिका कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी थी। बृहस्पतिवार को सुबह कर्मचारी धरने पर बैठ गए, लेकिन तभी प्रभारी ईओ कुमार भूपेंद्र सिंह आ गए। उन्होंने नामजद सभासद की गिरफ्तारी होने की जानकारी दी। इस पर कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी।
समझौते को पहुंचे सभासद के परिजन
मुजफ्फरनगर। वार्ड 20 के सभासद पवन के बड़े भाई और एक अन्य रिश्तेदार बृहस्पतिवार को नगर पालिका पहुंचे। उन्होंने कर अधीक्षक और लिपिक से बात की। उन्होंने घटना पर खेद जताते हुए मामले का निपटारा करने का अनुरोध किया। ईओ कुमार भूपेंद्र से भी मिले और मामले में समझौते की पेशकश की।
माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे भाजपाई
मुजफ्फरनगर। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के कार्यकर्ताओं ने एसएसपी को ज्ञापन देकर भाजपाइयों पर माहौल बिगाडऩे का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि घनी मुस्लिम आबादी में शवदाह गृह का निर्माण कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे शांति व्यवस्था को खतरा होगा तथा पर्यावरण भी प्रदूषित होगा। उन्होंने अभाविप नेताओं से मारपीट के मामले में सभासदों पर रिपोर्ट दर्ज करने को गलत बताया। कहा कि भाजपा नेताओं के दबाव में उन्हें आनन-फानन में गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने सभासदों से मुकदमे वापस लेने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष चौधरी इलम सिंह गुर्जर, शहर अध्यक्ष आसिफ खान, पंकज शर्मा, राशिद अब्बासी, नंदकिशोर मित्तल, योगेश ठाकुर, फैसल सैफी, सरफराज अंसारी, महफूज इलाही, मोनू गुर्जर, राशिद सैफी, कासिफ सिद्दीकी, फिरोज खान, जुगनू खान, हाजी असलम, सलमान सैफी आदि शामिल रहे।
राजनीति का अखाड़ा बन गई है नगर पालिका
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका राजनीति का अखाड़ा बन चुकी है। सत्ता और विपक्ष की चेयरपर्सन के बीच वर्चस्व की जंग है। सभासद भी धड़ों में बंटे हैं। हर तरफ चल रहे उठापटक के खेल में नगर की जनता बुरी तरह पिस रही है। विकास कार्य बाधित होने से नागरिकों में प्रशासन और पालिका दोनों के खिलाफ आक्रोश पनपने लगा है।
मुजफ्फरनगर नगर पालिका में अंजू अग्रवाल के चेयरपर्सन पद पर चुने जाने के बाद से ही विवाद शुरू हो गए थे। वह कांग्रेस से चुनी गई थीं। सत्ताधारियों को यह पसंद नहीं आया और उनमें खींचतान शुरू हो गई। एक साल बीतने के बाद भी सत्ता के प्रतिनिधियों और चेयरपर्सन के बीच उठापटक जारी है। बुधवार को तो हद ही हो गई। बोर्ड बैठक में जबर्दस्त हंगामा और मारपीट की घटनाओं ने पालिका की गरिमा को शर्मसार कर दिया। दिन भर नगर पालिका जंग का अखाड़ा बनी रही। दोनों घटनाओं में पांच सभासद नामजद हुए।
तीन को आनन-फानन में गिरफ्तार कर लिया गया। मारपीट की घटना में पुलिस का त्वरित एक्शन भी सवालों के घेरे में है। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल भी घटना को साजिश और पुलिस की कार्रवाई को दबाव बता रही हैं। साफ है कि नगर पालिका में जो कुछ भी हो रहा है वह राजनीतिक है। सत्ता और विपक्ष के इस संघर्ष में शहर का विकास कोसों दूर जा रहा है। मामला चाहे ईओ की तैनाती का हो या फिर बोर्ड बैठक कराने का। जहां भी जिसे मौका मिला राजनीतिक चालें चली गईं। इस शतरंजी खेल के यहीं समाप्त होने की उम्मीद भी नजर नहीं आ रही। अब देखना यह है कि सत्ता और विपक्ष के इस द्वंद्व में राजनीति की गरिमा कितना और नीचे जाती है।
इन समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत
- सफाई के मामले में शहर के बुरे हालात।
- कूड़ा निस्तारण के लिए नहीं चल रहा प्लांट।
- स्वच्छता सर्वेक्षण में कोई स्थान नहीं पा सका शहर।
- खस्ताहाल है नगर की प्रमुख सड़कें।
- जाम से रोजाना दो-चार होती है जनता।
- जल निकासी बड़ी समस्या, नहीं हो रहा समाधान।
- विवादों में अटक जाते हैं पालिका के प्रस्ताव।
- कार्यवाहक ईओ की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल।
- बार-बार बदले गए ईओ, नहीं बनी स्थायी कार्ययोजना।
- पालिका चेयरपर्सन और सत्ता के प्रतिनिधियों में रहा मतभेद।
- खींचतान में सात माह तक अटकी रही बोर्ड की बैठक।