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वाजिब मुआवजे के लिए आरपार की होगी लड़ाई
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चौ. सुरेशपाल के घेर में जमीन के अधिग्रहण संबंधी समस्या को लेकर मौजूद क्षेत्र के किसान।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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वाजिब मुआवजे के लिए आरपार की होगी लड़ाई
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। मेरठ-करनाल हाईवे पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा किसानों की भूमि के अधिग्रहण के मसले पर बुलाई गई पंचायत में किसानों ने वाजिब मुआवजा नहीं मिलने पर आरपार की लड़ाई लड़ने का एलान किया। मांग की गई किसानों को सड़क की चौड़ाई से अवगत कराया जाए। भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार प्रत्येक किसान को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाए। ऐसा नहीं होने पर किसान मुख्यमंत्री से मिलेंगे।
रविवार को अपराह्न करीब 3 बजे बुढ़ाना-कांधला मार्ग पर जौला गांव के पास चौ. सुरेशपाल के घेर में किसानों की पंचायत में भूमि अधिग्रहण के मसले पर चर्चा हुई। पंचायत में चौधरी रामनिवास सहरावत ने कहा कि मेरठ-करनाल हाईवे पर चौड़ीकरण का कार्य नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा किया जा रहा है। जमीन के अधिग्रहण को लेकर राजस्व संबंधी सारा रिकॉड़ॱर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा अपने कब्जे मे ले लिया गया है। इस राजमार्ग की राजस्व अभिलेखों में कितनी चौड़ाई है, इसकी जानकारी किसानों को नही दी जा रही है। भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुुसार किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। चौ. मुकेश मलिक ने कहा कि प्राधिकरण अधिकारी अथवा कर्मचारी जमीन के अधिग्रहण संबंधी नीति को स्पष्ट नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों की परिसंपत्ति का नियमानुसार लोक निर्माण विभाग के बनाए गए इस्टीमेट से दो गुना मुआवजा दिया जाना चाहिए। करौंदा महाजन के पूर्व प्रधान चौ. दर्शन पाल सिंह ने कहा कि भाजपा की सरकार में प्राधिकरण के अधिकारी किसानों का शोषण कर रहे हैं। क्षेत्र का किसान इसे बर्दाश्त नही करेगा। चौ. सुक्रमपाल मलिक ने कहा कि किसान अपनी समस्या को लेकर हाईकोर्ट तक जाएगा। इटावा के किसान इंद्रजीत सिंह, जौला के पूर्व प्रधान हाजी गफ्फार, वर्तमान प्रधान के पति हाजी जमशेद, गांव बिटावदा निवासी प्रधान प्रदीप उर्फ मंगलू, फुगाना गांव के पूर्व प्रधान मोनू मलिक व नरेंद्र कुमार आदि ने पंचायत में घोषणा करते हुए कहा कि प्राधिकरण के अधिकारियों की मनमर्जी नही चलने दी जाएगी। प्राधिकरण के अधिकारी सभी किसानों को सूचना देकर बताएं कि उसकी कितनी जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। पंचायत में सर्वसम्मति से आरपार की लड़ाई के एलान की घोषणा की गई।
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किसान मोर्चे के क्षेत्रीय अध्यक्ष को दिया ज्ञापन
बुढ़ाना। जमीन के अधिग्रहण संबंधी विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन किसानों ने किसान मोर्चे के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकुमार सहरावत को दिया। किसानों ने उन्हें बताया कि उनकी सरकार में प्राधिकरण के अधिकारी किसानों के साथ नाइंसाफी कर रहे हैं। रामकुमार सहरावत ने इस संबंध में किसानों के बीच जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे तथा विभाग के मंत्री से वार्ता की। उन्होंने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि उनके साथ नाइंसाफी नही होने दी जाएगी।
न्याय नही मिला तो हाईकोर्ट जाएंगे किसान
बुढ़ाना। मेरठ-करनाल हाईवे पर जमीन के अधिग्रहण संबंधी समस्या को लेकर किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं होता तो क्षेत्र के किसान अपनी हक की लड़ाई के लिए वे हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
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बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। मेरठ-करनाल हाईवे पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा किसानों की भूमि के अधिग्रहण के मसले पर बुलाई गई पंचायत में किसानों ने वाजिब मुआवजा नहीं मिलने पर आरपार की लड़ाई लड़ने का एलान किया। मांग की गई किसानों को सड़क की चौड़ाई से अवगत कराया जाए। भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार प्रत्येक किसान को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाए। ऐसा नहीं होने पर किसान मुख्यमंत्री से मिलेंगे।
रविवार को अपराह्न करीब 3 बजे बुढ़ाना-कांधला मार्ग पर जौला गांव के पास चौ. सुरेशपाल के घेर में किसानों की पंचायत में भूमि अधिग्रहण के मसले पर चर्चा हुई। पंचायत में चौधरी रामनिवास सहरावत ने कहा कि मेरठ-करनाल हाईवे पर चौड़ीकरण का कार्य नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा किया जा रहा है। जमीन के अधिग्रहण को लेकर राजस्व संबंधी सारा रिकॉड़ॱर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा अपने कब्जे मे ले लिया गया है। इस राजमार्ग की राजस्व अभिलेखों में कितनी चौड़ाई है, इसकी जानकारी किसानों को नही दी जा रही है। भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुुसार किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। चौ. मुकेश मलिक ने कहा कि प्राधिकरण अधिकारी अथवा कर्मचारी जमीन के अधिग्रहण संबंधी नीति को स्पष्ट नहीं कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि किसानों की परिसंपत्ति का नियमानुसार लोक निर्माण विभाग के बनाए गए इस्टीमेट से दो गुना मुआवजा दिया जाना चाहिए। करौंदा महाजन के पूर्व प्रधान चौ. दर्शन पाल सिंह ने कहा कि भाजपा की सरकार में प्राधिकरण के अधिकारी किसानों का शोषण कर रहे हैं। क्षेत्र का किसान इसे बर्दाश्त नही करेगा। चौ. सुक्रमपाल मलिक ने कहा कि किसान अपनी समस्या को लेकर हाईकोर्ट तक जाएगा। इटावा के किसान इंद्रजीत सिंह, जौला के पूर्व प्रधान हाजी गफ्फार, वर्तमान प्रधान के पति हाजी जमशेद, गांव बिटावदा निवासी प्रधान प्रदीप उर्फ मंगलू, फुगाना गांव के पूर्व प्रधान मोनू मलिक व नरेंद्र कुमार आदि ने पंचायत में घोषणा करते हुए कहा कि प्राधिकरण के अधिकारियों की मनमर्जी नही चलने दी जाएगी। प्राधिकरण के अधिकारी सभी किसानों को सूचना देकर बताएं कि उसकी कितनी जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। पंचायत में सर्वसम्मति से आरपार की लड़ाई के एलान की घोषणा की गई।
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किसान मोर्चे के क्षेत्रीय अध्यक्ष को दिया ज्ञापन
बुढ़ाना। जमीन के अधिग्रहण संबंधी विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन किसानों ने किसान मोर्चे के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकुमार सहरावत को दिया। किसानों ने उन्हें बताया कि उनकी सरकार में प्राधिकरण के अधिकारी किसानों के साथ नाइंसाफी कर रहे हैं। रामकुमार सहरावत ने इस संबंध में किसानों के बीच जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे तथा विभाग के मंत्री से वार्ता की। उन्होंने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि उनके साथ नाइंसाफी नही होने दी जाएगी।
न्याय नही मिला तो हाईकोर्ट जाएंगे किसान
बुढ़ाना। मेरठ-करनाल हाईवे पर जमीन के अधिग्रहण संबंधी समस्या को लेकर किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं होता तो क्षेत्र के किसान अपनी हक की लड़ाई के लिए वे हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।