फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   There is no system of treatment for cancer victims in the district

जिले में कैंसर पीड़ितों के उपचार की व्यवस्था ही नहीं

Thu, 07 Nov 2019 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2019 12:09 AM IST
विज्ञापन
There is no system of treatment for cancer victims in the district
जिले में कैंसर पीड़ितों के उपचार की व्यवस्था ही नहीं
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। मरीजों में कैंसर का पता चलते ही उपचार शुरू हो जाए तो बेहतर होगा। विशेषज्ञ बताते हैं कि शुरुआती चरण में उपचार से कैंसर का उपचार संभव है। इसके बाद जैसे-जैसे स्टेज बढ़ती जाती है, मरीज का जीवन संकट में आता-जाता है। जनपद में कैंसर के उपचार की व्यवस्था तो नहीं है, लेकिन नेशनल प्रोग्राम फॉर कंट्रोल ऑफ डायबिटीज, कैंसर, कार्टियक डिजिज एंड स्ट्रॉक (एनपीसीडीसीएस) के तहत मरीजों की पहचान की जाती है।
एनपीसीडीसीएस के प्रभारी डा. एसके त्यागी बताते हैं कि कैंसर के शुरुआती लक्षणों के पहचानने के लिए आशाओं एवं एनएनएम को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन लक्षणों के आधार पर मरीज की पहचान कर उसे उपचार के लिए भेजा जाता है। जांच में यदि कैंसर की पुष्टि होती है तो मरीज को उपचार के लिए हायर सेंटर भेज दिया जाता है। जल्द ही जिले में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर शुरू हो जाएंगे। इन पर संभावित रोगियों की पहचान करना और भी आसान हो जाएगा।
विज्ञापन

प्रमुख रूप से होते हैं तीन तरह के कैंसर
मुजफ्फरनगर। डा. एसके त्यागी बताते हैं कि प्रमुख रूप से तीन तरह के कैंसर होते हैं। पहला प्रकार मुंह, गले, फेफड़े के कैंसर का होता है। गुटखा, तंबाकू और धूम्रपान इसके प्रमुख कारण हैं। शुरुआती लक्षणों में मुंह में सफेद या लाल चकत्ते होना, गांठ होना, घाव होना है। दूसरा प्रकार ब्रेस्ट कैंसर का है। तीसरा प्रकार सर्विक्स कैंसर का है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नदियों में बह रहा दूषित पानी फैला रहा कैंसर
मुजफ्फरनगर। जनपद की नदियों में बह रहा दूषित पानी भी कैंसर का कारण है। काली नदी और हिंडन के आसपास बसे कई गांव लंबे समय से कैंसर प्रभावित हैं। इनमें बाढ़, कसौली, लुहारी खुर्द, बोपाड़ा, डबल, मोरकुक्का, कितास आदि शामिल हैं। इनमें लीवर, आंत, लंग्स, गले एवं मुंह के कैंसर के मामले सामने आए थे। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डा. वीके जौहरी बताते हैं कि कुछ वर्ष पूर्व हिंडन और काली नदी के किनारे बसे गांवों के पानी की जांच की गई थी। इन गांवों के हैंडपंपों का पानी दूषित पाया गया था। पानी की जांच में नाइट्रेट, नाइट्राइट और आग्जलेट जैसे तत्व पाए गए थे। ये तत्व कार्सिनोजनिक हैं और कैंसर के कारणों में से एक हो सकते हैं।
कैंसर से सुरक्षा को अपनाएं ये तरीके
- गुटखा, तंबाकू का सेवन न करें।
- किसी भी तरह का धूम्रपान करने से बचें।
- शरीर में कहीं कोई गांठ हो तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
- यदि पुराना घाव हो तो उसकी तुरंत जांच कराएं।
- शुद्ध पानी एवं भोजन का ही सेवन करें।
- प्रदूषण से बचने के लिए यथासंभव कोशिश करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed