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Muzaffarnagar News: जिला चिकित्सालय में नहीं है पेट रोगी विशेषज्ञ
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फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में ग्रैस्ट्रो के मरीजों की संख्या में तो इजाफा हो रहा है, लेकिन यहां पेट रोगी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। फिजिशियन चिकित्सक ही मरीजों को उपचार देते है। गंभीर मरीजों को मेरठ मेडिकल के लिए रेफर किया जाता है।
आजकल के खान-पान के चलते पेट से जुड़ी समस्या वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में जिला चिकित्सालय में भी पेट रोगी अधिक संख्या में पहुंच रहे हैं। हालांकि यहां कोई भी पेट रोगी विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात नहीं है। ऐसे में फिजिशियन ही मरीजों को परामर्श देते हैं। अधिक गंभीर समस्या वाले मरीजों को मेरठ मेडिकल के लिए रेफर कर दिया जाता है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में गैस्ट्रो स्पेशलिस्ट चिकित्सक नहीं है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. योगेंद्र त्रिखा मरीजों को उपचार देते हैं। बता दें कि जिला अस्पताल में रोजाना 2500 से अधिक मरीज पहुंचकर अपना उपचार कराते हैं। इनमें ओपीडी नंबर एक में अधिकांश मरीज गैस्ट्रो से जुड़ी समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। डॉ. योगेंद्र त्रिखा ने बताया कि आजकल के खान-पान की वजह से भी पेट रोग अधिक बढ़ रहे हैं। सामान्य समस्या वाले मरीज को वह खुद ही परामर्श देते हैं। हालांकि जिला अस्पताल में गैस्ट्रो स्पेशलिस्ट होना चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में ग्रैस्ट्रो के मरीजों की संख्या में तो इजाफा हो रहा है, लेकिन यहां पेट रोगी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। फिजिशियन चिकित्सक ही मरीजों को उपचार देते है। गंभीर मरीजों को मेरठ मेडिकल के लिए रेफर किया जाता है।
आजकल के खान-पान के चलते पेट से जुड़ी समस्या वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में जिला चिकित्सालय में भी पेट रोगी अधिक संख्या में पहुंच रहे हैं। हालांकि यहां कोई भी पेट रोगी विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात नहीं है। ऐसे में फिजिशियन ही मरीजों को परामर्श देते हैं। अधिक गंभीर समस्या वाले मरीजों को मेरठ मेडिकल के लिए रेफर कर दिया जाता है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में गैस्ट्रो स्पेशलिस्ट चिकित्सक नहीं है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. योगेंद्र त्रिखा मरीजों को उपचार देते हैं। बता दें कि जिला अस्पताल में रोजाना 2500 से अधिक मरीज पहुंचकर अपना उपचार कराते हैं। इनमें ओपीडी नंबर एक में अधिकांश मरीज गैस्ट्रो से जुड़ी समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। डॉ. योगेंद्र त्रिखा ने बताया कि आजकल के खान-पान की वजह से भी पेट रोग अधिक बढ़ रहे हैं। सामान्य समस्या वाले मरीज को वह खुद ही परामर्श देते हैं। हालांकि जिला अस्पताल में गैस्ट्रो स्पेशलिस्ट होना चाहिए।
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