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शुकतीर्थ के गंगा घाट पर लगे गंदगी के ढेर 16-40-08
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शुक्रतीर्थ में गंगा घाट पर लगे कूड़े के ढेर।
- फोटो : KHATAULI
शुकतीर्थ के गंगा घाट पर लगा है गंदगी का अंबार
मुजफ्फरनगर, मोरना। पौराणिक तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में इस बार कोरोना काल के चलते कार्तिक माह की पूर्णिमा पर गंगा स्नान मेले का आयोजन रद्द होने से गंगा घाट सहित तीर्थनगरी में जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा है। वहीं, गंगा मेला नहीं लगने के कारण दुकानदारों को नुकसान होगा।
हर वर्ष गंगा स्नान मेले पर पौराणिक तीर्थ नगरी की सफाई युद्ध स्तर पर कराई जाती थी। इस बार गंगा घाट पर सफाई नहीं होने से गंगा स्नान को आने वाले साधु संतों और ग्रामीणों को गंदगी के कारण परेशान होना पड़ रहा है। वहीं, गन्ना स्नान मेला नहीं लगने के कारण तीर्थनगरी के दुकानदारों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, ढाबा स्वामियों ने बताया कि कोरोना के चलते तीर्थ नगरी में श्रद्धालुओं की आवाजाही ना के बराबर हैं। इस बार गंगा स्नान रद्द होने से मंदी की मार ने उनकी कमर तोड़ दी है। वहीं, नाविकों ने बताया कि कोरोना के चलते पहले ही श्रद्धालु नहीं आ रहे हैं। उनके सामने रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है। वहीं, गंगा का जलस्तर घटने और गंगा घाट पर गंदगी को लेकर संत समाज में रोष व्याप्त है। गंगा समिति के महकार सिंह सुशील शर्मा, सुरेंद्र सिंह, नीरज रॉयल, शास्त्री नरेश पुजारी, महेश दास, पूर्ण सिंह, जयपुरी, नेमपाल, आनंद सरस्वती, राजपाल सैनी, भोलानंद सरस्वती आदि ने गंगा घाट सहित तीर्थ नगरी की उचित साफ सफाई की उचित व्यवस्था कराने की मांग की है।
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मुजफ्फरनगर, मोरना। पौराणिक तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में इस बार कोरोना काल के चलते कार्तिक माह की पूर्णिमा पर गंगा स्नान मेले का आयोजन रद्द होने से गंगा घाट सहित तीर्थनगरी में जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा है। वहीं, गंगा मेला नहीं लगने के कारण दुकानदारों को नुकसान होगा।
हर वर्ष गंगा स्नान मेले पर पौराणिक तीर्थ नगरी की सफाई युद्ध स्तर पर कराई जाती थी। इस बार गंगा घाट पर सफाई नहीं होने से गंगा स्नान को आने वाले साधु संतों और ग्रामीणों को गंदगी के कारण परेशान होना पड़ रहा है। वहीं, गन्ना स्नान मेला नहीं लगने के कारण तीर्थनगरी के दुकानदारों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, ढाबा स्वामियों ने बताया कि कोरोना के चलते तीर्थ नगरी में श्रद्धालुओं की आवाजाही ना के बराबर हैं। इस बार गंगा स्नान रद्द होने से मंदी की मार ने उनकी कमर तोड़ दी है। वहीं, नाविकों ने बताया कि कोरोना के चलते पहले ही श्रद्धालु नहीं आ रहे हैं। उनके सामने रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है। वहीं, गंगा का जलस्तर घटने और गंगा घाट पर गंदगी को लेकर संत समाज में रोष व्याप्त है। गंगा समिति के महकार सिंह सुशील शर्मा, सुरेंद्र सिंह, नीरज रॉयल, शास्त्री नरेश पुजारी, महेश दास, पूर्ण सिंह, जयपुरी, नेमपाल, आनंद सरस्वती, राजपाल सैनी, भोलानंद सरस्वती आदि ने गंगा घाट सहित तीर्थ नगरी की उचित साफ सफाई की उचित व्यवस्था कराने की मांग की है।
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