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बूथों का मत-प्रतिशत बदलता रहा है हार-जीत का समीकरण

Wed, 16 Feb 2022 12:11 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Feb 2022 12:11 AM IST
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The vote-percentage of booths has been changing, the equation of defeat-win
मुजफ्फरनगर। बूथों का मत-प्रतिशत हार-जीत के समीकरण बदल देता है। इसी आशंका में प्रत्याशी हिसाब लगाने में लगे हैं कि बूथों पर किस जाति ने किसका समीकरण बिगाड़ा है। समर्थकों का वोट अधिक पड़ा है या विपक्षियों का। बूथों का मत प्रतिशत उलटफेर कर देता है।
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जिले में बराबरी का चुनाव फंसा है। ऐसे में बूथों पर वोटों का मत-प्रतिशत काफी महत्वपूर्ण हो गया है। जिन विधानसभा सीटों पर बिल्कुल बराबरी की लड़ाई मानी जा रही है, इनमें शहर, पुरकाजी और चरथावल शामिल है। चरथावल सीट पर राजपूत और कश्यप के गांवों में मत-प्रतिशत अधिक है। कई स्थानों पर मुस्लिम बाहुल्य बूथों पर भी अच्छा वोट पड़ा है। सियासी लोग यह आंकलन ही नहीं कर पा रहे हैं कि कौन जीतेगा। मत-प्रतिशत ने यहां समीकरण पूरी तरह उलझा दिए है।
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यही स्थिति पुरकाजी विधानसभा की है। इस विधानसभा पर भी कांटे की बराबर की लड़ाई मानी जा रही है। यहां मुस्लिम बाहुल्य कई गांवों में कम वोटिंग होने से समीकरण बन बिगड रहे हैं। शहर सीट इस समय सबसे अधिक चर्चाओं में है। इस सीट पर यदि मतदान की बात करें तो शहर में दोनो तरफ के वोटों का मत-प्रतिशत बराबर सा है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में यहां मुस्लिम बाहुल्य गांवों का मत-प्रतिशत अत्यधिक है। यहां दोनो प्रत्याशियों की सांसे अटकी है। यह कोई भी दावा करने की स्थिति में नहीं है कि वह जीत रहा है। हार-जीत का गणित रोजाना लग रहा है।
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