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देवबंद की गलियां भारी बारिश से जलमग्न
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देवबंद (सहारनपुर)। देवबंद में सोमवार को करीब पांच घंटे जमकर पानी बरसा। इससे रविदास मार्ग समेत नगर के निचले क्षेत्रों में घरों व दुकानों में कई-कई पानी घुस आया। जिसे बारिश थमने के घंटों बाद तक लोगों को बाल्टी आदि से निकालते देखा गया। मौसम विशेषज्ञों ने क्षेत्र में इस सीजन की सर्वाधिक 85 मिमी बारिश होने की बात कही है।
सोमवार को सुबह 7.30 बजे शुरू हुआ बारिश का सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा। स्थिति यह थी कि कई जगहों पर लोगों के घरों व दुकानों में कई-कई फुट पानी भर जाने से उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ी। रविदास मार्ग जाटव नगर में रहने वाले पूर्व सभासद राजकुमार जाटव ने बताया बस्ती के आगे से बह रहे गंदे नाला में कासिमपुर, हाशिमपुर, बास्तम व करंजाली समेत करीब 10 गांवों का पानी भी आता है, लेकिन कुटी रोड से आगे नाले की निकासी नहीं होने के कारण बारिश का पानी लौटकर लोगों के घरों व दुकानों में घुस जाता है। इस कारण बारिश में लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। जलभराव की यही स्थिति मोहल्ला नेचलगढ़, पठानपुरा, दारूल उलूम वक्फ रोड आदि क्षेत्रों में भी देखी जा सकती है। वहीं किसानों ने कहा इस बारिश से गन्ना, धान आदि फसलों को लाभ पहुंचेगा, लेकिन सब्जी की फसल को बारिश ने बर्बाद कर दिया। त्रिवेणी चीनी मिल की मौसम वैधशाला में सोमवार को 85 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। प्रयोगशाला इंचार्ज सुभाष वर्मा ने बताया सोमवार को हुई बारिश इस मौसम में सबसे सर्वाधिक है। इससे पहले 21 जुलाई को 73 मिमी बारिश रिकार्ड की। बारिश से तापमान में भी पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 37 से घटकर 32 और न्यूनतम 27 से घटकर 23 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया।
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सोमवार को सुबह 7.30 बजे शुरू हुआ बारिश का सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा। स्थिति यह थी कि कई जगहों पर लोगों के घरों व दुकानों में कई-कई फुट पानी भर जाने से उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ी। रविदास मार्ग जाटव नगर में रहने वाले पूर्व सभासद राजकुमार जाटव ने बताया बस्ती के आगे से बह रहे गंदे नाला में कासिमपुर, हाशिमपुर, बास्तम व करंजाली समेत करीब 10 गांवों का पानी भी आता है, लेकिन कुटी रोड से आगे नाले की निकासी नहीं होने के कारण बारिश का पानी लौटकर लोगों के घरों व दुकानों में घुस जाता है। इस कारण बारिश में लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। जलभराव की यही स्थिति मोहल्ला नेचलगढ़, पठानपुरा, दारूल उलूम वक्फ रोड आदि क्षेत्रों में भी देखी जा सकती है। वहीं किसानों ने कहा इस बारिश से गन्ना, धान आदि फसलों को लाभ पहुंचेगा, लेकिन सब्जी की फसल को बारिश ने बर्बाद कर दिया। त्रिवेणी चीनी मिल की मौसम वैधशाला में सोमवार को 85 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। प्रयोगशाला इंचार्ज सुभाष वर्मा ने बताया सोमवार को हुई बारिश इस मौसम में सबसे सर्वाधिक है। इससे पहले 21 जुलाई को 73 मिमी बारिश रिकार्ड की। बारिश से तापमान में भी पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 37 से घटकर 32 और न्यूनतम 27 से घटकर 23 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया।

बारिश से पानी से हुए जलभराव में बैठे ग्रामीणों के पशु- फोटो : DEVBAND

तालाब के पानी के सड़क पर आने से जलभराव के कारण परेशान ग्रामीण- फोटो : DEVBAND

चंदेना कोली में नूनाबड़ी रोड पर जलभराव से बीच से होकर भैंसा बुग्गी में घास लेकर लौटते ग्रामीण- फोटो : DEVBAND

भारी बारिश से जलमग्न मलिन बस्ती की गलियां- फोटो : DEVBAND

देवबंद बारिश के पानी को बाल्टी से बाहर निकालता व्यक्ति- फोटो : DEVBAND

देवबंद में रविदास मार्ग स्थित जाटव नगर में घर में घुसे बारिश के पानी को बाहर निकालती महिला- फोटो : DEVBAND
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