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गुरुद्वारा साहिब में संगतों ने की निशान साहिब के चोले की सेवा

Sun, 10 Apr 2022 10:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 10 Apr 2022 10:36 PM IST
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The story of Shrimad Bhagwat Mahapuran begins in the ancient Shiva temple, Ranakhandi.
गुरुद्वारा साहिब में संगतों ने की निशान साहिब के चोले की सेवा
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देवबंद। खालसा पंथ के सृजना दिवस (बैसाखी पर्व) के उपलक्ष्य में रविवार को गुरुद्वारा साहिब में सुखमणि साहिब के पाठ और गुरवाणी कीर्तन उपरांत संगतों द्वारा निशान साहिब के चोले की सेवा की गई।

गुरुद्वारा कमेटी की ओर से निशान साहिब के चोले की सेवा करने वाले मोहन लाल सचदेवा, गौरव सचदेवा व 40 फीट ऊंचे निशान साहिब का चोला बदलने वाले राजपाल सिंह को सिरोपा देकर सम्मानित किया गया। हजूरी रागी गुरदयाल सिंह ने अरदास कराई। गुरुद्वारा कमेटी के सचिव गुरजोत सिंह सेठी ने बताया कि 14 अप्रैल को बैसाखी पर्व श्रद्धा व उत्साह से मनाया जाएगा। कीर्तन दरबार उपरांत गुरु का अटूट लंगर बरतेगा। इस मौके पर हरविंदर सिंह बेदी, चंद्रदीप सिंह, हर्ष भारती, अमन सेठी, हर्षप्रीत मनचंदा, अजय निझारा, हर्ष बतरा, अमनदीप सिंह, जितेश बतरा, बिट्टू कपूर, विपिन नारंग व राजपाल नारंग आदि रहे। संवाद
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