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आरोप-प्रत्यारोप में उलझा मौत का राज
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आरोप-प्रत्यारोप में उलझा मौत का राज
मुजफ्फरनगर। कोविड अस्पताल में आत्महत्या करने वाले अंकित विहार निवासी कोरोना संक्रमित मरीज की मौत का मामला पीड़ित परिजन व मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के आरोप-प्रत्यारोप में उलझकर रह गया है। दरअसल, पीड़ित परिजनों का कहना था कि उन्होंने अधेड़ को फेफड़ों में संक्रमण के चलते आठ जनवरी को बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया था। उसी दिन अधेड़ की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई थी, जिसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया था। परिजनों का कहना है कि अगले दिन फिर से कोरोना रिपोर्ट कराई गई, जो पॉजिटिव आने के बाद उन्हें आईसीयू से कोविड अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि गंभीर हालत के बावजूद हास्पिटल स्टाफ ने संक्रमित होने के चलते उन्हें जरूरी उपचार नहीं दिया। इसकी शिकायत भी परिजनों ने स्टाफ से की, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। आरोप लगाया कि मेडिकल स्टाफ की इसी लापरवाही से क्षुब्ध होकर अधेड़ ने आत्महत्या की है।
एसडीएम खतौली इंद्राकांत द्विवेदी का कहना है कि शव के पोस्टमार्टम से ही इसका खुलासा हो पाएगा कि मरीज को पहले कोरोना हुआ या फिर फेफड़ों का संक्रमण। कोरोना पॉजिटिव मरीज के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही इसका खुलासा हो सकेगा।
इन्होंने कहा ........
सीएमओ डॉ प्रवीण चोपड़ा का कहना है कि आठ जनवरी को अधेड़ की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे कोविड अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहां रहते हुए ही कोरोना के चलते उसके फेफड़ों में संक्रमण हुआ था।
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मुजफ्फरनगर। कोविड अस्पताल में आत्महत्या करने वाले अंकित विहार निवासी कोरोना संक्रमित मरीज की मौत का मामला पीड़ित परिजन व मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के आरोप-प्रत्यारोप में उलझकर रह गया है। दरअसल, पीड़ित परिजनों का कहना था कि उन्होंने अधेड़ को फेफड़ों में संक्रमण के चलते आठ जनवरी को बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया था। उसी दिन अधेड़ की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई थी, जिसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया था। परिजनों का कहना है कि अगले दिन फिर से कोरोना रिपोर्ट कराई गई, जो पॉजिटिव आने के बाद उन्हें आईसीयू से कोविड अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि गंभीर हालत के बावजूद हास्पिटल स्टाफ ने संक्रमित होने के चलते उन्हें जरूरी उपचार नहीं दिया। इसकी शिकायत भी परिजनों ने स्टाफ से की, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। आरोप लगाया कि मेडिकल स्टाफ की इसी लापरवाही से क्षुब्ध होकर अधेड़ ने आत्महत्या की है।
एसडीएम खतौली इंद्राकांत द्विवेदी का कहना है कि शव के पोस्टमार्टम से ही इसका खुलासा हो पाएगा कि मरीज को पहले कोरोना हुआ या फिर फेफड़ों का संक्रमण। कोरोना पॉजिटिव मरीज के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही इसका खुलासा हो सकेगा।
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इन्होंने कहा ........
सीएमओ डॉ प्रवीण चोपड़ा का कहना है कि आठ जनवरी को अधेड़ की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे कोविड अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहां रहते हुए ही कोरोना के चलते उसके फेफड़ों में संक्रमण हुआ था।
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