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जैन धर्म के सिद्धांत विज्ञान पर आधारित
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जैन धर्म के सिद्धांत विज्ञान पर आधारित
खतौली। बड़ा बाजार स्थित शांतिनाथ जैन मंदिर में धार्मिक पाठों के माध्यम से धर्म की अमृतमयी गंगा बह रही है। इस अवसर पर आयोजित धर्म सभा में अंजली जैन व अनीता जैन ने बताया कि जैन धर्म के सिद्धांत विज्ञान पर आधारित है।
भक्तामर स्तोत्र के 48 दिवसीय पाठ का वाचन कर श्रद्धालु आत्म कल्याण कर रहे हैं। प्रतिदिन जिनेंद्र भगवान की शांतिधारा करके प्रभु महिमा का गुणगान श्रद्धालु करते हैं। भक्तामर स्तोत्र की महिमा का गुणगान करते हुए मंगल आरती करने का सौभाग्य पुण्यार्जन रईस चंद, सचिन जैन सराफ परिवार को प्राप्त हुआ। इनका श्रावकाचार अर्थात धर्म का आचरण करने वाला व्यक्ति स्वस्थ जीवन शैली अपना सकता है। दस सितंबर से प्रारंभ होने वाले दशलक्षण पर्व के बारे में भी जानकारी दी गई। इस भक्तामर महिमा पाठ में विभा, वर्षा, मंजू, शालू, श्रुति, शोभा, बीना, बबीता, सर्वेश, रुचि, सुषमा, पूजा, इति, सुनीता, मुस्कान, तनु, सौम्या, उर्मिला, विशाखा, पिंकी, रजनी, शशि, रश्मि, मीनू ममता, अविका, उमा, लीना, सुधा, उर्वशी, दीपाली, विधी कासू, अवनी आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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खतौली। बड़ा बाजार स्थित शांतिनाथ जैन मंदिर में धार्मिक पाठों के माध्यम से धर्म की अमृतमयी गंगा बह रही है। इस अवसर पर आयोजित धर्म सभा में अंजली जैन व अनीता जैन ने बताया कि जैन धर्म के सिद्धांत विज्ञान पर आधारित है।
भक्तामर स्तोत्र के 48 दिवसीय पाठ का वाचन कर श्रद्धालु आत्म कल्याण कर रहे हैं। प्रतिदिन जिनेंद्र भगवान की शांतिधारा करके प्रभु महिमा का गुणगान श्रद्धालु करते हैं। भक्तामर स्तोत्र की महिमा का गुणगान करते हुए मंगल आरती करने का सौभाग्य पुण्यार्जन रईस चंद, सचिन जैन सराफ परिवार को प्राप्त हुआ। इनका श्रावकाचार अर्थात धर्म का आचरण करने वाला व्यक्ति स्वस्थ जीवन शैली अपना सकता है। दस सितंबर से प्रारंभ होने वाले दशलक्षण पर्व के बारे में भी जानकारी दी गई। इस भक्तामर महिमा पाठ में विभा, वर्षा, मंजू, शालू, श्रुति, शोभा, बीना, बबीता, सर्वेश, रुचि, सुषमा, पूजा, इति, सुनीता, मुस्कान, तनु, सौम्या, उर्मिला, विशाखा, पिंकी, रजनी, शशि, रश्मि, मीनू ममता, अविका, उमा, लीना, सुधा, उर्वशी, दीपाली, विधी कासू, अवनी आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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