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भागवत धरा पर संत विभूति कल्याण देव का तप अमर रहेगा : ब्रह्मचारी
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श्री शुकदेव आश्रम में महामंडलेश्वर विष्णु दत्त ब्रह्मचारी तथा गिरीश दास को सम्मानित करते पीठाधी
मोरना। शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याणदेव महाराज की 14 जुलाई को आयोजित 22वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में भागवत कथा सप्ताह का विधि-विधान से शुभारंभ हुआ। महामंडलेश्वर विष्णु दत्त ब्रह्मचारी ने कहा कि भागवत धरा पर संत विभूति कल्याण देव महाराज का तप, त्याग और पुरुषार्थ अमर रहेगा। उन्होंने श्री शुकदेव जी की तपोभूमि से पूरे राष्ट्र को जोड़कर सनातन की अतुल्य सेवा की।
श्री शुकदेव आश्रम में मध्यप्रदेश से आए श्रद्धालुओं ने भागवत पोथी यात्रा निकाली और सिद्ध अक्षय वट का पूजन किया। रायसेन से पधारे महामंडलेश्वर विष्णुदत्त ब्रह्मचारी ने कहा कि शुकतीर्थ ज्ञान, भक्ति और कर्म की पुण्य भूमि है। मोक्षदायी यह तीर्थ मानव जीवन के कल्याण की प्रेरक ऊर्जा देता है।
वीतराग संत ने अटल संकल्प से शुकतीर्थ का उद्धार किया। भागवत भूमि भक्तों के लिए पूजनीय है। महामंडलेश्वर गिरीश दास महाराज ने कहा कि संत, सत्संग और संगति प्रभु कृपा से मिलती है। जीवन की सद्गति को भागवत सुनें।
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स्वामी कल्याणदेव जी सनातन धर्म का आभूषण थे। विनोद उपाध्याय, बीडी शर्मा, डीडी शर्मा, देवेंद्र कटारे, आर के राजोरिया, अमित शास्त्री, गौरव शर्मा आदि का सहयोग रहा। उधर, गीता भवन में झालावाड़, राजस्थान से आए राजेश गोटिया एवं प्रेम कुंवर मीराबाई की कथा का शुभारंभ हुआ।
पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि पूज्य गुरुदेव स्वामी कल्याणदेव महाराज की तपस्या और त्याग से शुकतीर्थ धाम जाग्रत हुआ, विश्व विदित हुआ। भागवत नगरी जन-जन के कल्याण का प्रमुख केंद्र बन गई है। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई दिन मंगलवार को महान संत की 22वीं पुण्यतिथि प्रति वर्ष की भांति श्रद्धा, भक्ति से मनाई जाएगी।
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श्री शुकदेव आश्रम में मध्यप्रदेश से आए श्रद्धालुओं ने भागवत पोथी यात्रा निकाली और सिद्ध अक्षय वट का पूजन किया। रायसेन से पधारे महामंडलेश्वर विष्णुदत्त ब्रह्मचारी ने कहा कि शुकतीर्थ ज्ञान, भक्ति और कर्म की पुण्य भूमि है। मोक्षदायी यह तीर्थ मानव जीवन के कल्याण की प्रेरक ऊर्जा देता है।
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वीतराग संत ने अटल संकल्प से शुकतीर्थ का उद्धार किया। भागवत भूमि भक्तों के लिए पूजनीय है। महामंडलेश्वर गिरीश दास महाराज ने कहा कि संत, सत्संग और संगति प्रभु कृपा से मिलती है। जीवन की सद्गति को भागवत सुनें।
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स्वामी कल्याणदेव जी सनातन धर्म का आभूषण थे। विनोद उपाध्याय, बीडी शर्मा, डीडी शर्मा, देवेंद्र कटारे, आर के राजोरिया, अमित शास्त्री, गौरव शर्मा आदि का सहयोग रहा। उधर, गीता भवन में झालावाड़, राजस्थान से आए राजेश गोटिया एवं प्रेम कुंवर मीराबाई की कथा का शुभारंभ हुआ।
पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि पूज्य गुरुदेव स्वामी कल्याणदेव महाराज की तपस्या और त्याग से शुकतीर्थ धाम जाग्रत हुआ, विश्व विदित हुआ। भागवत नगरी जन-जन के कल्याण का प्रमुख केंद्र बन गई है। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई दिन मंगलवार को महान संत की 22वीं पुण्यतिथि प्रति वर्ष की भांति श्रद्धा, भक्ति से मनाई जाएगी।